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Kaushambi News: टीला ढहने से किशोर की मौत के बाद जांच के लिए पहुंचा पुरातत्व विभाग
Mon, 01 Sep 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 01 Sep 2025 12:59 AM IST
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राजा उदयन किला क्षेत्र में खजाना पाने के लिए खोदाई करते समय शनिवार को एक किशोर की मौत के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग के संरक्षण सहायक रविवार को जांच को पहुंचे। उन्होंने चोरी-छिपे हो रहे खोदाई कार्य को रोकने के लिए विभागीय कर्मियों को निर्देशित किया। पुलिस से भी सहयोग मांगा।
किला क्षेत्र एएसआई के संरक्षित क्षेत्र में आता है। यहां बाहरी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। संरक्षण सहायक कर्मवीर तिवारी ने कहा कि खोदाई करने वालों को चिह्नित कर यथोचित कार्रवाई की जाए। विभाग के साइट इंचार्ज राजकुमार पांडेय ने बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में दिन के दोनों पहर गश्त होगी। प्रतिदिन गश्त करते फोटो भी अपलोड किया जाएगा। कौशाम्बी में राजा उदयन का किला, राजप्रसाद का क्षेत्र, सेठ घोषिता राम विहार, अशोक स्तंभ व बंदरगाह का अवशेष आज भी है।
चार कर्मचारियों के कंधों पर 36 सौ बीघे की देखरेख
कौशाम्बी किला करीब 36 सौ बीघे में फैला हुआ है। इन धरोहरों के रखवाली की जिम्मेदारी चार कर्मचारियों राजकुमार, मार्तंड कुमार, शनि उत्तम और दीपक कुमार के कंधों पर है। किले की चहारदीवारी मिट्टी के टीले से बनी हुई है। बारिश के पानीसे बहाव से बड़े-बड़े गहरे नाले बन गए हैं। इन्हीं नालों में लोग चोरी से खोदाई कर दबे धन व प्राचीन सामग्रियों की तलाश करते हैं।
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किला क्षेत्र गया था कर्मचारियों को नियमित रूप से किला क्षेत्र में चोरी से खोदाई करने वालों को चिह्नित करने को गया कहा है। किले की गश्त बढ़ा दी गई है। देखरेख के लिए कर्मचारी कम हैं। जल्द ही उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। -कर्मवीर तिवारी, सहायक संरक्षण पुरातत्व, प्रयागराज
हादसे में मृत अनमोल का हुआ अंतिम संस्कार
बारा। खोदाई के दौरान जान गंवाने वाले अनमोल के शव का परिजनों ने देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं घायल मंगल का बिजिया चौराहा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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किला क्षेत्र एएसआई के संरक्षित क्षेत्र में आता है। यहां बाहरी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। संरक्षण सहायक कर्मवीर तिवारी ने कहा कि खोदाई करने वालों को चिह्नित कर यथोचित कार्रवाई की जाए। विभाग के साइट इंचार्ज राजकुमार पांडेय ने बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में दिन के दोनों पहर गश्त होगी। प्रतिदिन गश्त करते फोटो भी अपलोड किया जाएगा। कौशाम्बी में राजा उदयन का किला, राजप्रसाद का क्षेत्र, सेठ घोषिता राम विहार, अशोक स्तंभ व बंदरगाह का अवशेष आज भी है।
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चार कर्मचारियों के कंधों पर 36 सौ बीघे की देखरेख
कौशाम्बी किला करीब 36 सौ बीघे में फैला हुआ है। इन धरोहरों के रखवाली की जिम्मेदारी चार कर्मचारियों राजकुमार, मार्तंड कुमार, शनि उत्तम और दीपक कुमार के कंधों पर है। किले की चहारदीवारी मिट्टी के टीले से बनी हुई है। बारिश के पानीसे बहाव से बड़े-बड़े गहरे नाले बन गए हैं। इन्हीं नालों में लोग चोरी से खोदाई कर दबे धन व प्राचीन सामग्रियों की तलाश करते हैं।
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किला क्षेत्र गया था कर्मचारियों को नियमित रूप से किला क्षेत्र में चोरी से खोदाई करने वालों को चिह्नित करने को गया कहा है। किले की गश्त बढ़ा दी गई है। देखरेख के लिए कर्मचारी कम हैं। जल्द ही उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। -कर्मवीर तिवारी, सहायक संरक्षण पुरातत्व, प्रयागराज
हादसे में मृत अनमोल का हुआ अंतिम संस्कार
बारा। खोदाई के दौरान जान गंवाने वाले अनमोल के शव का परिजनों ने देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं घायल मंगल का बिजिया चौराहा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।