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बहू के बाद अब ससुर ने भी अस्पताल में तोड़ा दम
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बहू के बाद अब ससुर ने भी अस्पताल में तोड़ा दम
दो अप्रैल को अजुहा में घर के अंदर रसोई गैस सिलिंडर में विस्फोट से झुलस गए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
अजुहा। कस्बे के आजाद नगर में दो अप्रैल को हुए रसोई गैस सिलिंडर विस्फोट में झुलसे ससुर की भी शुक्रवार को अस्पताल में मौत हो गई। इससे पहले बहू की भी मौत हो चुकी है। तीन दिन के भीतर हुई दो मौतों से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया।
आजादनगर में हाईवे किनारे शंकर लाल अग्रहरि (57) का घर था। शंकर लाल घर में ही बाइक की धुलाई का काम करते थे। दो अप्रैल की सुबह भी वह और उनका बेटा रजनीश घर के बाहर काम कर रहे थे। दूसरी मंजिल पर शंकर की बहू शालू अग्रहरि (25) पत्नी रजनीश किचेन में खाना बना रही थी। इसी दौरान अचानक रसोई गैस सिलिंडर लीकेज होने से आग लग गई। आग की लपटें खाना बना रही शालू तक पहुंची तो जान बचाने के लिए वह छत से कूद गई। चीखपुकार सुन दौड़े शंकरलाल ने बहु को बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गया। कुछ ही देर में तेज धमाके के साथ सिलिंडर फट गया। इसी के साथ ही शंकर का दो मंजिला पक्का घर भी भरभराकर ढह गया। तेज धमाका सुन पड़ोसी इकट्ठा हो गए। सूचना के बाद पहुंची चौकी पुलिस ने झुलसे ससुर-बहू को अस्पताल पहुंचाया। ससुर-बहू का एसआरएन में इलाज चल रहा था। हादसे के आठवें दिन एसआरएन में शालू की सांसें थम गईं तो परिजनों ने शंकरलाल को वहां से निकालकर अजुहा के ही स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां शंकरलाल ने भी शुक्रवार को दम तोड़ दिया। तीन दिन के भीतर घर में हुई दो मौतों से परिजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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दो अप्रैल को अजुहा में घर के अंदर रसोई गैस सिलिंडर में विस्फोट से झुलस गए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
अजुहा। कस्बे के आजाद नगर में दो अप्रैल को हुए रसोई गैस सिलिंडर विस्फोट में झुलसे ससुर की भी शुक्रवार को अस्पताल में मौत हो गई। इससे पहले बहू की भी मौत हो चुकी है। तीन दिन के भीतर हुई दो मौतों से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया।
आजादनगर में हाईवे किनारे शंकर लाल अग्रहरि (57) का घर था। शंकर लाल घर में ही बाइक की धुलाई का काम करते थे। दो अप्रैल की सुबह भी वह और उनका बेटा रजनीश घर के बाहर काम कर रहे थे। दूसरी मंजिल पर शंकर की बहू शालू अग्रहरि (25) पत्नी रजनीश किचेन में खाना बना रही थी। इसी दौरान अचानक रसोई गैस सिलिंडर लीकेज होने से आग लग गई। आग की लपटें खाना बना रही शालू तक पहुंची तो जान बचाने के लिए वह छत से कूद गई। चीखपुकार सुन दौड़े शंकरलाल ने बहु को बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गया। कुछ ही देर में तेज धमाके के साथ सिलिंडर फट गया। इसी के साथ ही शंकर का दो मंजिला पक्का घर भी भरभराकर ढह गया। तेज धमाका सुन पड़ोसी इकट्ठा हो गए। सूचना के बाद पहुंची चौकी पुलिस ने झुलसे ससुर-बहू को अस्पताल पहुंचाया। ससुर-बहू का एसआरएन में इलाज चल रहा था। हादसे के आठवें दिन एसआरएन में शालू की सांसें थम गईं तो परिजनों ने शंकरलाल को वहां से निकालकर अजुहा के ही स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां शंकरलाल ने भी शुक्रवार को दम तोड़ दिया। तीन दिन के भीतर घर में हुई दो मौतों से परिजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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