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आखिर कहां से मिले परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक व मोबाइल नंबर

Sat, 25 Apr 2020 11:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2020 11:30 PM IST
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After all, where did the number and mobile number of the candidates got
आखिर कहां से मिले परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक व मोबाइल नंबर
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विद्यालय और बोर्ड ऑॅफिस के पास ही रहती है गोपनीय जानकारी
कथित बोर्डकर्मी परीक्षा पास कराने के लिए छात्रों-अभिभावकों को कर रहे फोन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटर के परीक्षार्थियों को परीक्षा पास करवाने के लिए कथित बोर्ड कर्मी की ओर से किए जा रहे फोन कॉल से सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों का नाम, अनुक्रमांक व मोबाइल नंबर की जानकारी सिर्फ कॉलेज और बोर्ड ऑफिस के पास होती है। फोन करने वाले को यह सब कहां से मिले। इसका संतोषजनक जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। लगातार कई दिन से आ रही कॉल की जानकारी के बावजूद विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं की है। ऐसे में परीक्षार्थियों के ठगी का शिकार होने का खतर बढ़ गया है।
लॉकडाउन की वजह से यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बीच में ही ठप हो गया था। अब मूल्यांकन होगा अथवा नहीं, इसे लेकर अभी संशय है। इसी बीच कई दिनों से हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल छात्रों एवं अभिभावकों के पास फोन आने शुरू हो गए। पहले मोबाइल नंबर 9264215985 और अब 9264215983 से फोन आ रहे हैैं। फोन करने वाला खुद को बोर्ड ऑफिस प्रयागराज का कर्मचारी बता रहा है। कथित बोर्ड कर्मचारी छात्रों-अभिभावकों से परीक्षा में 70 फीसदी से अधिक अंक हासिल करने के लिए छह हजार और मामूली अंकों से पास करने के लिए चार हजार रुपये की डिमांड करता है। अजुहा की छात्रा रूपाली अग्रहरि, रैना यादव आदि ने बताया कि कथित बोर्ड कर्मी ने उन्हें केनरा बैंक एमजी मार्ग प्रयागराज का खाता संख्सा 842910104002 तथा आईएफएसी कोड सीएनआरबी 00627 भी व्हाट्सएप किया। छात्राओं का कहना बोर्डकर्मी उनके बारे में इतनी जानकारी दे रहा है कि उसकी बातों पर यकीन हो जाता है। इन छात्राओं ने जरिए व्हाट्सएप मामले की शिकायत डीआईओएस से की हैै। इसके अलावा कई अन्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं विद्यालयों ने भी जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत की है। विभागीय सूत्रों की मानें तो परीक्षार्थियों एवं उनके माता-पिता का नाम, पता और मोबाइल नंबर सिर्फ कॉलेज और माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर है। इसे लेकर परीक्षार्थी एवं अभिभावक खासे परेशान हैं। उन्हें इस बात का भय सता रहा है कि कहीं कॉपियों के साथ बोर्ड ऑफिस कर्मचारी किसी तरह की कोई छेड़छाड़ न कर दें। क्योंकि लगातार कई दिनों से कथित बोर्ड कर्मी द्वारा छात्राओं, अभिभावकों के पास किए जा रहे फोन कॉल की शिकायत के बावजूद विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। डीआईओएस एसके सिंह ने अभी तक केवल समाचार पत्रों के माध्यम से ही अभिभावकों को कथित फर्जी कॉल से सचेत रहने भर की सलाह दी है।
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ट्रू-कॉलर में दिख रहा बोर्ड ऑफिस प्रयागराज
मंझनपुर। परीक्षा पास करवाने के लिए छात्रों के पास जिस नंबर से फोन आ रहे हैं, उनमें से एक नंबर डायल करने पर बोर्ड ऑफिस प्रयागराज लिखकर आ रहा है। जबकि दूसरे नंबर को ट्रू-कॉलर में सिर्फ बोर्ड लिखकर आता है। इससे साफ है कि फोन करने वाला कहीं न कहीं बोर्ड ऑफिस से ताल्लुक रखता होगा।
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इनका कहना है
कथित बोर्डकर्मी बनकर परीक्षा पास करवाने के नाम पर पैसा मांगने की कई शिकायतें मिली हैं। इस बारे में बोर्ड ऑफिस को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल छात्रों, अभिभावकों से ऐसी फोन कॉल से सचेत रहने के लिए कहा गया है। सोमवार को मामले की तहरीर देकर नगर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी जाएगी।-एसके सिंह-डीआईओएस
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