{"_id":"5873e59e4f1c1b1829ba93a5","slug":"action-in-bharwari","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर पंचायत भरवारी के दस्तावेज किए गए सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर पंचायत भरवारी के दस्तावेज किए गए सील
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभासदों की शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय भरवारी पहुंचे। लिपिक के कार्यालय में न मिलने पर उन्होंने करीब छह आलमारियों में रखे दस्तावेज सील कर दिए।
नगर पंचायत भरवारी के सभासद मनोज केसरवानी, इफ्तेखार अहमद, शंकरलाल केसरवानी, अभिजीत केसरवानी, मुन्ना हुसैन, वेद प्रकाश, तुषार तिवारी आदि ने पांच जनवरी को डीएम से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि विकास के धन के साथ नगर अध्यक्ष व कुछ समर्थक सभासद खिलवाड़ कर रहे हैं। विकास के लिए आए करोड़ाें रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया कि 31 दिसंबर को ईओ के सेवानिवृत होने के बाद बैक डेट में कई चेक काटकर बैंकों से रुपये निकाल लिए गए। सभासदों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को कार्रवाई का निर्देश दिया।
सोमवार को नगर पंचायत भरवारी में अभिलेखों की जांच करने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एसएन सिंह पहुंचे। कार्यालय में लिपिक के न मिलने पर उन्होंने छह आलमारियों में रखे सारे दस्तावेज सील कर दिए। रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की कार्रवाई से नगर अध्यक्ष सहित समर्थक सभासदों में हड़कंप है। वहीं नगर अध्यक्ष भरवारीसंजय कुमार गुप्ता का कहना है कि विकास कार्यों का ठेका सभासदों के चहेते ठेकेदारों को नहीं मिला तो उनके द्वारा झूठी शिकायत की जा रही है। जिला प्रशासन की जांच में सब कुछ दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पंचायत भरवारी के सभासद मनोज केसरवानी, इफ्तेखार अहमद, शंकरलाल केसरवानी, अभिजीत केसरवानी, मुन्ना हुसैन, वेद प्रकाश, तुषार तिवारी आदि ने पांच जनवरी को डीएम से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि विकास के धन के साथ नगर अध्यक्ष व कुछ समर्थक सभासद खिलवाड़ कर रहे हैं। विकास के लिए आए करोड़ाें रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया कि 31 दिसंबर को ईओ के सेवानिवृत होने के बाद बैक डेट में कई चेक काटकर बैंकों से रुपये निकाल लिए गए। सभासदों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को कार्रवाई का निर्देश दिया।
विज्ञापन
सोमवार को नगर पंचायत भरवारी में अभिलेखों की जांच करने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एसएन सिंह पहुंचे। कार्यालय में लिपिक के न मिलने पर उन्होंने छह आलमारियों में रखे सारे दस्तावेज सील कर दिए। रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की कार्रवाई से नगर अध्यक्ष सहित समर्थक सभासदों में हड़कंप है। वहीं नगर अध्यक्ष भरवारीसंजय कुमार गुप्ता का कहना है कि विकास कार्यों का ठेका सभासदों के चहेते ठेकेदारों को नहीं मिला तो उनके द्वारा झूठी शिकायत की जा रही है। जिला प्रशासन की जांच में सब कुछ दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
विज्ञापन