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साइफन कटा, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
Kaushambi
Updated Wed, 15 Jan 2014 05:43 AM IST
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सिराथू (कौशाम्बी)। सिराथू क्षेत्र के गौसपुर नवांवा और संभुई गांव के आसपास सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में घुटनों तक पानी भर गया है। फसलें डूबने से किसान परेशान हैं। भाकियू नेताओं ने भी फसलें डूबने के लिए नहर विभाग को जिम्मेदार ठहराया। भाकियू ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
फतेहपुर से निकली रामगंगा नहर कई साल से सूखी थी। पानी नहीं आने से इसकी सफाई और क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत भी कई साल से नहीं हुई थी। नहर से रजबहों में पानी छोड़ने के लिए बने साइफन भी क्षतिग्रस्त हैं। शनिवार रात अचानक रामगंगा नहर में पानी आ गया। इससे साइफन टूट गया। साइफन टूटने से गौसपुर नवावां और संभुई गांव के समीप नहर का पानी खेतों में भरने लगा। रातभर में गौसपुर और संभुई गांव के सैकड़ों बीघे फसल डूब गई। गौसपुर गांव के देशराज, बदलू, धर्मपाल, लच्छू, छंगूलाल, सत्य नारायण, घसीटे, छोटेलाल, बोधन, रामसरन, ओमप्रकाश, राजेश पाल आदि किसानों के खेतों में घुटने-घुटने तक पानी भर गया है। रविवार सुबह खेत को तालाब देख गांववालों के होश उड़ गए। किसानों का कहना है कि फसलें पानी में डूबी होने के कारण सड़ जाएंगी। अभी भी नहर का पानी खेतों की ओर ही आ रहा है। साथ ही पानी आना बंद भी हो जाएगा, तो खेतों से पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इससे किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र त्रिपाठी, चंद्रबली, संगम लाल आदि का कहना है कि नहर कटान से सैकड़ाें बीघा फसल बर्बाद हुई है। भाकियू के मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम का कहना है कि किसी भी कीमत पर किसानों का नुकसान बर्दाश्त नहीं होगा। भाकियू नेता ने प्रभावित किसानों को मुआवजे की मांग की है। चेताया कि मुआवजा नहीं मिलने पर भाकियू कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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फतेहपुर से निकली रामगंगा नहर कई साल से सूखी थी। पानी नहीं आने से इसकी सफाई और क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत भी कई साल से नहीं हुई थी। नहर से रजबहों में पानी छोड़ने के लिए बने साइफन भी क्षतिग्रस्त हैं। शनिवार रात अचानक रामगंगा नहर में पानी आ गया। इससे साइफन टूट गया। साइफन टूटने से गौसपुर नवावां और संभुई गांव के समीप नहर का पानी खेतों में भरने लगा। रातभर में गौसपुर और संभुई गांव के सैकड़ों बीघे फसल डूब गई। गौसपुर गांव के देशराज, बदलू, धर्मपाल, लच्छू, छंगूलाल, सत्य नारायण, घसीटे, छोटेलाल, बोधन, रामसरन, ओमप्रकाश, राजेश पाल आदि किसानों के खेतों में घुटने-घुटने तक पानी भर गया है। रविवार सुबह खेत को तालाब देख गांववालों के होश उड़ गए। किसानों का कहना है कि फसलें पानी में डूबी होने के कारण सड़ जाएंगी। अभी भी नहर का पानी खेतों की ओर ही आ रहा है। साथ ही पानी आना बंद भी हो जाएगा, तो खेतों से पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इससे किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र त्रिपाठी, चंद्रबली, संगम लाल आदि का कहना है कि नहर कटान से सैकड़ाें बीघा फसल बर्बाद हुई है। भाकियू के मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम का कहना है कि किसी भी कीमत पर किसानों का नुकसान बर्दाश्त नहीं होगा। भाकियू नेता ने प्रभावित किसानों को मुआवजे की मांग की है। चेताया कि मुआवजा नहीं मिलने पर भाकियू कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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