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अब कोड़र पढ़ने जाएंगे भगौतापुर प्राइमरी स्कूल के बच्चे!
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:06 AM IST
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मंझनपुर। सिराथू ब्लॉक के भगौतापुर प्राथमिक विद्यालय के निर्माण में बड़ा खेल हुआ था। सरकारी धन का गोलमाल कर विद्यालय को आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने से बारिश में भवन बदहाल हो गया है। इसके अंदर बैठकर पठन-पाठन कराना खतरे से खाली नहीं रह गया है। खंड शिक्षाधिकारी सिराथू ने बीएसए को भेजी गई रिपोर्ट में भगौतापुर के बच्चों को पड़ोसी गांव कोड़र स्थित प्राइमरी स्कूल में शिफ्ट करने की सिफारिश की है।
पांच साल पहले भगौतापुर में प्राइमरी स्कूल निर्माण के लिए 6.40 लाख रुपये स्वीकृत हुआ था। कड़ा ब्लॉक के पूमावि निंदूरा में तैनात रहे सहायक अध्यापक कुं. धर्मेंद्र सिंह को भवन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। धर्मेंद्र सिंह ने समूची रकम आहरित करने के बावजूद आधा-अधूरा निर्माण कराया। तमाम चेतावनी के बावजूद काम पूरा नहीं कराने पर उस वक्त शिक्षक को निलंबित करने के साथ ही एफआईआर करा दी गई थी। दूसरी तरफ आधे-अधूरे भवन में बच्चों का पठन-पाठन प्रारंभ कर दिया। भवन में खिड़की, दरवाजे नहीं हैं। न प्लास्टर हुआ और न ही छत बनी । और तो और शौचालय और चहारदीवारी का भी निर्माण नहीं क
राया जा सका है। बिजली की वायरिंग, रंगाई,पुताई लेपन आदि भी नहीं कराया गया है। परिसर में जलभराव के साथ ही स्कूल में ब्लैक बोर्ड तक का अभाव है। विद्यालय के बदहाली की खबर सुर्खियां बनी तो अफसरों ने गंभीरता दिखाई। डीएम के निर्देश पर जांच करने गए एबीएसए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बारिश में भगौतापुर के बदहाल भवन में स्कूल संचालन नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ करना होगा। लिहाजा यहां पंजीकृत बच्चों को पड़ोसी गांव कोड़र स्थित स्कूल में शिफ्ट करना बेहतर होगा।
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कराए जाएंगे तीन विद्यालय
मंझनपुर। नेवादा ब्लॉक के रेही, हाजीपुर नूरपुर तथा जरैनी गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय के भवन पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराई जा सकती है। लिहाजा इन्हें जमींदोज कराना ही आखिरी विकल्प होगा। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए विभागीय लिखापढ़ी शुरू कर दी है।
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पांच साल पहले भगौतापुर में प्राइमरी स्कूल निर्माण के लिए 6.40 लाख रुपये स्वीकृत हुआ था। कड़ा ब्लॉक के पूमावि निंदूरा में तैनात रहे सहायक अध्यापक कुं. धर्मेंद्र सिंह को भवन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। धर्मेंद्र सिंह ने समूची रकम आहरित करने के बावजूद आधा-अधूरा निर्माण कराया। तमाम चेतावनी के बावजूद काम पूरा नहीं कराने पर उस वक्त शिक्षक को निलंबित करने के साथ ही एफआईआर करा दी गई थी। दूसरी तरफ आधे-अधूरे भवन में बच्चों का पठन-पाठन प्रारंभ कर दिया। भवन में खिड़की, दरवाजे नहीं हैं। न प्लास्टर हुआ और न ही छत बनी । और तो और शौचालय और चहारदीवारी का भी निर्माण नहीं क
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राया जा सका है। बिजली की वायरिंग, रंगाई,पुताई लेपन आदि भी नहीं कराया गया है। परिसर में जलभराव के साथ ही स्कूल में ब्लैक बोर्ड तक का अभाव है। विद्यालय के बदहाली की खबर सुर्खियां बनी तो अफसरों ने गंभीरता दिखाई। डीएम के निर्देश पर जांच करने गए एबीएसए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बारिश में भगौतापुर के बदहाल भवन में स्कूल संचालन नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ करना होगा। लिहाजा यहां पंजीकृत बच्चों को पड़ोसी गांव कोड़र स्थित स्कूल में शिफ्ट करना बेहतर होगा।
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कराए जाएंगे तीन विद्यालय
मंझनपुर। नेवादा ब्लॉक के रेही, हाजीपुर नूरपुर तथा जरैनी गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय के भवन पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराई जा सकती है। लिहाजा इन्हें जमींदोज कराना ही आखिरी विकल्प होगा। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए विभागीय लिखापढ़ी शुरू कर दी है।