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न्यायिक कार्य से विरत रहे जिला कचेहरी के अधिवक्ता
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:46 AM IST
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बार काउंसिल के आवाहन पर सोमवार को मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले जिला कचहरी के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों ने कचेहरी परिसर 48 खंभा में बैठक करने के बाद मांगों का ज्ञापन जिला जज को सौंपा। इसके अलावा तहसीलों में भी अधिवक्ताओं ने मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
एसेासिएशन के अध्यक्ष नरनारायण मिश्र ने कहा कि अदालतों में हो रही अनियमितताओं व अधिवक्ता हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। वकीलों के मौलिक अधिकारों पर किसी तरह की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे लेकर अधिवक्ता आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। इस मौके पर लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, रामेश्वर त्रिपाठी, उमेश कुमार तिवारी, जितेंद्र कुमार मालवीय, बृजेश कांत शुक्ला, शशांक खरे, विपिन चंद्र तिवारी, रामसागर द्विवेदी, शशिप्रकाश त्रिपाठी, आलोक मिश्र समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। इसी तरह से चायल तहसील के अधिवक्ताओं ने एडवोकेट एक्ट की धारा 34 को हटाने के लिए केन्द्रीय सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
वकीलों ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और भारत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा जब तक भारत सरकार इस एक्ट को समाप्त नहीं करती वह लोग धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। इस प्रदर्शन में राधे मोहन सिंह, अमर सिंह, सुखलाल यादव,सुरेंद्र सिंह,रिजवान अहमद, अमरनाथ, धनंजय कुमार मिश्र,काजी असद, दशरथ लाल, योगेश त्रिपाठी, धर्मराज ओझा, इरशाद अहमद, बांकेलाल पाल,मोहम्मद अहसान सिद्दीकी, धीरेंद्र सिंह, मोहम्मद आमिर, उमाकांत मिश्रा, राजकुमार शर्मा और मोहर सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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इसी तरह से मंझनपुर तहसील में संघ के अध्यक्ष एडवोकेट लखनलाल गर्ग व सिराथू में एडवोकेट बसंत सिंह की अगुवाई में न्यायिक कार्य से विरत वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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एसेासिएशन के अध्यक्ष नरनारायण मिश्र ने कहा कि अदालतों में हो रही अनियमितताओं व अधिवक्ता हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। वकीलों के मौलिक अधिकारों पर किसी तरह की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे लेकर अधिवक्ता आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। इस मौके पर लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, रामेश्वर त्रिपाठी, उमेश कुमार तिवारी, जितेंद्र कुमार मालवीय, बृजेश कांत शुक्ला, शशांक खरे, विपिन चंद्र तिवारी, रामसागर द्विवेदी, शशिप्रकाश त्रिपाठी, आलोक मिश्र समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। इसी तरह से चायल तहसील के अधिवक्ताओं ने एडवोकेट एक्ट की धारा 34 को हटाने के लिए केन्द्रीय सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
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वकीलों ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और भारत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा जब तक भारत सरकार इस एक्ट को समाप्त नहीं करती वह लोग धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। इस प्रदर्शन में राधे मोहन सिंह, अमर सिंह, सुखलाल यादव,सुरेंद्र सिंह,रिजवान अहमद, अमरनाथ, धनंजय कुमार मिश्र,काजी असद, दशरथ लाल, योगेश त्रिपाठी, धर्मराज ओझा, इरशाद अहमद, बांकेलाल पाल,मोहम्मद अहसान सिद्दीकी, धीरेंद्र सिंह, मोहम्मद आमिर, उमाकांत मिश्रा, राजकुमार शर्मा और मोहर सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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इसी तरह से मंझनपुर तहसील में संघ के अध्यक्ष एडवोकेट लखनलाल गर्ग व सिराथू में एडवोकेट बसंत सिंह की अगुवाई में न्यायिक कार्य से विरत वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।