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24 घंटे कैमरे की नजर में रखा जा रहा अनिल भाटी
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:41 AM IST
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मंझनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी अनिल भाटी की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन सजग है। कहीं कोई गड़बड़ न हो इसलिए उसकी प्रत्येक गतिविधियों पर निगाह रखी जा रही है। जेल प्रशासन ने उसके बैरक में कैमरे लगवा दिए हैं। मिलने-जुलने वालाें पर शासन स्तर से मानीटरिंग की जा रही है। जेल में उसे किसी भी बंदी अथवा बंदी रक्षकों से मिलने पर भी निगाह रखी जा रही है।
मुजफ्फरनगर की जेल से हफ्तेभर पहले कौशाम्बी कारागार शिफ्ट हुए शातिर अपराधी अनिल भाटी को लेकर शासन-प्रशासन सजग है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से अफसर जेल में बंद ऐसे शातिर अपराधियों के साथ किसी भी तरह की चूक नहीं होने देना चाहते हैं। शातिरों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों की निगहबानी के हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। जिला कारागार में अनिल भाटी को तन्हाई बैरक में रखने के साथ ही उसकी प्रत्येक गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
जेल में वह 24 घंटे कैमरे की नजर में रहता है। इतना ही नहीं उसे बैरक से तभी बाहर किया जाता है जब, सभी बंदी अंदर होते हैं। परिचितों, रिश्तेदारों से उसकी मिलाई भी तभी कराई जाती है जब अन्य कैदियों की मिलाई हो चुकी होती है। ताकि, वह किसी और से मुखातिब न हो सके। यहां तक बंदी रक्षकों तक से उसके मिलने पर निगाह रखी जा रही है। जेल में उसे सुबह-शाम एक-एक घंटे के लिए बैरक से बाहर निकाला जाता है। बताया जाता है कि अब तक उससे सिर्फ परिजन ही दो मर्तबा मिल चुके हैं। वहीं जेलर का कहना है कि अनिल भाटी की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उसकी प्रत्येक गतिविधियों पर 24 घंटे कैमरे से नजर पर रखी जा रही है।
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मुजफ्फरनगर की जेल से हफ्तेभर पहले कौशाम्बी कारागार शिफ्ट हुए शातिर अपराधी अनिल भाटी को लेकर शासन-प्रशासन सजग है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से अफसर जेल में बंद ऐसे शातिर अपराधियों के साथ किसी भी तरह की चूक नहीं होने देना चाहते हैं। शातिरों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों की निगहबानी के हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। जिला कारागार में अनिल भाटी को तन्हाई बैरक में रखने के साथ ही उसकी प्रत्येक गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
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जेल में वह 24 घंटे कैमरे की नजर में रहता है। इतना ही नहीं उसे बैरक से तभी बाहर किया जाता है जब, सभी बंदी अंदर होते हैं। परिचितों, रिश्तेदारों से उसकी मिलाई भी तभी कराई जाती है जब अन्य कैदियों की मिलाई हो चुकी होती है। ताकि, वह किसी और से मुखातिब न हो सके। यहां तक बंदी रक्षकों तक से उसके मिलने पर निगाह रखी जा रही है। जेल में उसे सुबह-शाम एक-एक घंटे के लिए बैरक से बाहर निकाला जाता है। बताया जाता है कि अब तक उससे सिर्फ परिजन ही दो मर्तबा मिल चुके हैं। वहीं जेलर का कहना है कि अनिल भाटी की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उसकी प्रत्येक गतिविधियों पर 24 घंटे कैमरे से नजर पर रखी जा रही है।
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