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उद्योग के नाम पर दोआबा में सिर्फ आटा चक्की
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मंझनपुर। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत जिले के लोगों को कल-कारखाने से जोड़ने की योजना जिले में धड़ाम है। सरकार के मानक पर खरा साबित नहीं हो पाने की वजह से यहां से बेरोजगारों को सिर्फ आटा चक्की, तेल मिल आदि के नाम पर ही बैंकों से कर्ज मिल पा रहा है। उद्योग विभाग के आंकड़ों की मानें तो जिले में इस साल 193 इकाईयां स्थापित की गई है। जिसमें से ज्यादातर दस लाख की लागत से कम की है। इसकी असल वजह ये है कि यहां के लोग मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार के मानक पर खरा साबित नहीं हो रहे हैं। जिले में जो इकाईयों के स्थापित होने का दावा किया जा रहा है उनमें ज्यादातर आटा चक्की, तेल मिल, धान मिल आदि शामिल हैं। विभाग की मानें तो दस लाख से ज्यादा का आवेदन करने वालों को सरकारी कर्ज के लिए व्यवसायिक जमीन, एफडी, सरकारी नौकरी आदि की गारंटी देनी होती है। किसान क्रेडिट या कृषि योग्य जमीन गारंटी के लिए मान्य नहीं है। जिला कृषि पर आधारित है। इस वजह से यहां के लोगों के पास सरकारी अर्हता वाला मानक नहीं है। जिसकी वजह से यहां मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सफल नहीं हो पा रही है।
वन डिस्ट्रिक वन उत्पाद का पूरा नहीं हो रहा कोरम
मंझनपुर। सरकार ने वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट के तहत कौशाम्बी में केले का चयन किया है। केले से बने उत्पाद (चिप्स, जैम, जैली, पत्तल) आदि के बनाने वाली इकाईयों को बढ़ावा देना है। जिला उद्योग विभाग ने पिछले साल 15 इकाईयां लगाने का लक्ष्य रखा था। इसके बाद भी महज छह को सरकारी कर्ज मिल सका। बाकी के आवेदन लंबित हैं।
सेवा योजन से भी नहीं मिला सहारा
मंझनपुर। जिले में बेरोजगारों को स्वरोजगार या नौकरी दिलाने का जिम्मा सेवा योजन कार्यालय का है। वर्ष 2018 में 8548 बेरोजगारों ने विभाग में अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से महज 336 लोगों को ही रोजगार मिल सका। जिन लोगों को रोजगार दिलाया गया, उनमें ज्यादातर लोग सिक्योरिटी गार्ड या मार्केटिंग में काम करने के लिए चयनित हुए हैं।
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प्रयागराज के कारोबारियों पर सरकारी रहमत
मंझनपुर। जिले में चायल तहसील के मखऊपुर में इंडस्ट्रीयल एरिया बसाया गया है। यहां पर जिले के कारोबारियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रयागराज के कारोबारी सरकारी मानक पूरा करने के कारण यहां पर इंडस्ट्री लगाए हुए हैं। मखऊपुर में चार बड़े कारखाने लगे हैं। एक कारखाना बंद है। जो कारखाने संचालित हैं, उसका संचालन व वहां की व्यवस्था प्रयागराज के लोगों के हाथ हैं।
कारोबारियों को कर्ज देने में कंजूसी बरत रहे बैंक
मंझनपुर। जिले में उद्योग स्थापित किए जाने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बैंक बन रहे हैं। उद्योग विभाग की तरफ से 50 आवेदनों पर स्वीकृति दी जा चुकी है। लेकिन आवेदन पर बैंक विचार नहीं कर रहे हैं।
उद्योग बंधु की बैठक में किए जाते हैं बड़े-बड़े दावे
मंझनपुर। जिले में होने वाली उद्योग बंधु की बैठक में हर बार कारोबारियों की समस्या सुलझाने का दावा किया जाता है। लेकिन जिले के बैंकों में लंबित आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता। इसकी वजह से जिले के लोग उद्योग लगा पाने में सफल नहीं हो रहे हैं।
उद्योगों की स्थापना के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। अफसरों की बैठक में भी कारोबारियों की समस्या के बारे में अवगत कराया जाता है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट के तहत जिले में चयनित केला की ईकाई स्थापित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
संजय सिंह, उपायुक्त जिला उद्योग कौशाम्बी
------
जिले के युवाओं को रोजगार देने में आ रही दिक्कत के बाबत मुख्यमंत्री से बात किया जाएगा। जिलों का वर्गीकरण कराया जाएगा। कौशाम्बी की कटेगरी निर्धारित होने के बाद यहां के लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
विनोद सोनकर, सांसद कौशाम्बी
वन डिस्ट्रिक वन उत्पाद का पूरा नहीं हो रहा कोरम
मंझनपुर। सरकार ने वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट के तहत कौशाम्बी में केले का चयन किया है। केले से बने उत्पाद (चिप्स, जैम, जैली, पत्तल) आदि के बनाने वाली इकाईयों को बढ़ावा देना है। जिला उद्योग विभाग ने पिछले साल 15 इकाईयां लगाने का लक्ष्य रखा था। इसके बाद भी महज छह को सरकारी कर्ज मिल सका। बाकी के आवेदन लंबित हैं।
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सेवा योजन से भी नहीं मिला सहारा
मंझनपुर। जिले में बेरोजगारों को स्वरोजगार या नौकरी दिलाने का जिम्मा सेवा योजन कार्यालय का है। वर्ष 2018 में 8548 बेरोजगारों ने विभाग में अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से महज 336 लोगों को ही रोजगार मिल सका। जिन लोगों को रोजगार दिलाया गया, उनमें ज्यादातर लोग सिक्योरिटी गार्ड या मार्केटिंग में काम करने के लिए चयनित हुए हैं।
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प्रयागराज के कारोबारियों पर सरकारी रहमत
मंझनपुर। जिले में चायल तहसील के मखऊपुर में इंडस्ट्रीयल एरिया बसाया गया है। यहां पर जिले के कारोबारियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रयागराज के कारोबारी सरकारी मानक पूरा करने के कारण यहां पर इंडस्ट्री लगाए हुए हैं। मखऊपुर में चार बड़े कारखाने लगे हैं। एक कारखाना बंद है। जो कारखाने संचालित हैं, उसका संचालन व वहां की व्यवस्था प्रयागराज के लोगों के हाथ हैं।
कारोबारियों को कर्ज देने में कंजूसी बरत रहे बैंक
मंझनपुर। जिले में उद्योग स्थापित किए जाने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बैंक बन रहे हैं। उद्योग विभाग की तरफ से 50 आवेदनों पर स्वीकृति दी जा चुकी है। लेकिन आवेदन पर बैंक विचार नहीं कर रहे हैं।
उद्योग बंधु की बैठक में किए जाते हैं बड़े-बड़े दावे
मंझनपुर। जिले में होने वाली उद्योग बंधु की बैठक में हर बार कारोबारियों की समस्या सुलझाने का दावा किया जाता है। लेकिन जिले के बैंकों में लंबित आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता। इसकी वजह से जिले के लोग उद्योग लगा पाने में सफल नहीं हो रहे हैं।
उद्योगों की स्थापना के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। अफसरों की बैठक में भी कारोबारियों की समस्या के बारे में अवगत कराया जाता है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट के तहत जिले में चयनित केला की ईकाई स्थापित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
संजय सिंह, उपायुक्त जिला उद्योग कौशाम्बी
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जिले के युवाओं को रोजगार देने में आ रही दिक्कत के बाबत मुख्यमंत्री से बात किया जाएगा। जिलों का वर्गीकरण कराया जाएगा। कौशाम्बी की कटेगरी निर्धारित होने के बाद यहां के लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
विनोद सोनकर, सांसद कौशाम्बी