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लघु डाल के कायाकल्प से ठप नहरों में बढ़ेगा पानी
Updated Thu, 05 Oct 2017 09:07 PM IST
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लघु डाल के कायाकल्प से ठप नहरों में बढ़ेगा पानी
- मरम्मत के लिए नाबार्ड ने 14 करोड़ रुपए किए मंजूर
ल् अक्टूबर माह के अंत तक धनराशि मिलने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। फतेहपुर जनपद के लघु डाल नहर का जल्द ही कायाकल्प होने वाला है। इसका अपरोक्ष रूप से लाभ जिले की रामगंगा व निचली गंगा कमांड को भी मिलेगा। इन नहरों में आने से बंजर खेतों को नया जीवन मिलेगा। लघु डाल नहर के कायाकल्प के लिए नाबार्ड ने 14 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। अक्तूबर तक यह धनराशि जारी कर दी जाएगी।
जिले की रामगंगा व निचली गंगा कमांड को निजी पंपाें के अलावा लघु डाल नहर से भी पानी मिलता था। इसके चलते जिले के आधे हिस्से में फैली राम गंगा कमांड व निचली गंगा कमांड में टेल तक पानी पहुंचता था। लगभग 20 साल से लघु डाल नहर में लगे सारे सिस्टम जर्जर हो गए। इसके चलते नहर को खुद के किसानों को पानी देने के लाले पड़ने लगे। ऐसे में उसने रामगंगा व निचली गंगा कमांड को पानी देना बंद कर दिया। टेल तक पानी नहीं पहुंचने पर किसानों के लिए वरदान साबित हो रही रामगंगा व निचली गंगा कमांड 20 सालों से किसानों के लिए अभिशाप बनी हुई है। पानी के अभाव में किसानों के खेतों में बारिश के भरोसे ही खेती हो रही है। इसके चलते अधिकतर खेत बंजर ही पड़े रहते हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए डीएम ने रामगंगा कमांड, निचली गंगा व किशनपुर पंप कैनाल के एक्सईएन को गुरुवार को तलब किया। नहरों में टेल तक पानी छोड़े जाने को लेकर रामगंगा व निचली गंगा के जिम्मेदारों ने फिलहाल इंकार कर दिया है। डीएम को भरोसा दिलाया है कि फतेहपुर की लघु डाल को नाबार्ड से 14 करोड़ रुपए अक्टूबर में मिल रहे हैं। लघु डॉल का कायाकल्प होते ही उन्हें भी पानी मिलने लगेगा।
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माइनरों में टेल तक पानी पहुंचाने के निर्देश
खरीफ की खेती के दौरान किशनपुर पंप कैनाल इस साल किसानों को दगा दे गई। मई के महीने से शुरू हुई लो-वोल्टेज की समस्या ने पंप कैनाल के कई पंपों को ठप कर दिया। इससे खरीफ की प्रमुख फसल धान की सिंचाई के लिए म्योहर, बंधुरी रसूलीपुर, घोसिया, कनैली, अमीना, गोराजू आदि माइनरों के किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मौजूदा समय में भी माइनरें सूखी चल रही हैं। डीएम ने एक्सईएन आरके निरंजन को पंप कैनाल की सभी माइनरों में टेल तक पानी पहुंचाने का निर्देश दिए हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जिले की रामगंगा व निचली गंगा कमांड नहरें काफी दिनों से टेल तक पानी नहीं पहुंचा रही हैं। इसके पीछे लघु डाल नहर का ठीक से काम न करना प्रमुख कारण बताया जा रहा है। लघु डाल का जल्द ही नाबार्ड के 14 करोड़ से कायाकल्प होने जा रहा है। किसानों की समस्या जल्द हल होने की उम्मीद दिख रही है।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम
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- मरम्मत के लिए नाबार्ड ने 14 करोड़ रुपए किए मंजूर
ल् अक्टूबर माह के अंत तक धनराशि मिलने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। फतेहपुर जनपद के लघु डाल नहर का जल्द ही कायाकल्प होने वाला है। इसका अपरोक्ष रूप से लाभ जिले की रामगंगा व निचली गंगा कमांड को भी मिलेगा। इन नहरों में आने से बंजर खेतों को नया जीवन मिलेगा। लघु डाल नहर के कायाकल्प के लिए नाबार्ड ने 14 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। अक्तूबर तक यह धनराशि जारी कर दी जाएगी।
जिले की रामगंगा व निचली गंगा कमांड को निजी पंपाें के अलावा लघु डाल नहर से भी पानी मिलता था। इसके चलते जिले के आधे हिस्से में फैली राम गंगा कमांड व निचली गंगा कमांड में टेल तक पानी पहुंचता था। लगभग 20 साल से लघु डाल नहर में लगे सारे सिस्टम जर्जर हो गए। इसके चलते नहर को खुद के किसानों को पानी देने के लाले पड़ने लगे। ऐसे में उसने रामगंगा व निचली गंगा कमांड को पानी देना बंद कर दिया। टेल तक पानी नहीं पहुंचने पर किसानों के लिए वरदान साबित हो रही रामगंगा व निचली गंगा कमांड 20 सालों से किसानों के लिए अभिशाप बनी हुई है। पानी के अभाव में किसानों के खेतों में बारिश के भरोसे ही खेती हो रही है। इसके चलते अधिकतर खेत बंजर ही पड़े रहते हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए डीएम ने रामगंगा कमांड, निचली गंगा व किशनपुर पंप कैनाल के एक्सईएन को गुरुवार को तलब किया। नहरों में टेल तक पानी छोड़े जाने को लेकर रामगंगा व निचली गंगा के जिम्मेदारों ने फिलहाल इंकार कर दिया है। डीएम को भरोसा दिलाया है कि फतेहपुर की लघु डाल को नाबार्ड से 14 करोड़ रुपए अक्टूबर में मिल रहे हैं। लघु डॉल का कायाकल्प होते ही उन्हें भी पानी मिलने लगेगा।
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माइनरों में टेल तक पानी पहुंचाने के निर्देश
खरीफ की खेती के दौरान किशनपुर पंप कैनाल इस साल किसानों को दगा दे गई। मई के महीने से शुरू हुई लो-वोल्टेज की समस्या ने पंप कैनाल के कई पंपों को ठप कर दिया। इससे खरीफ की प्रमुख फसल धान की सिंचाई के लिए म्योहर, बंधुरी रसूलीपुर, घोसिया, कनैली, अमीना, गोराजू आदि माइनरों के किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मौजूदा समय में भी माइनरें सूखी चल रही हैं। डीएम ने एक्सईएन आरके निरंजन को पंप कैनाल की सभी माइनरों में टेल तक पानी पहुंचाने का निर्देश दिए हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जिले की रामगंगा व निचली गंगा कमांड नहरें काफी दिनों से टेल तक पानी नहीं पहुंचा रही हैं। इसके पीछे लघु डाल नहर का ठीक से काम न करना प्रमुख कारण बताया जा रहा है। लघु डाल का जल्द ही नाबार्ड के 14 करोड़ से कायाकल्प होने जा रहा है। किसानों की समस्या जल्द हल होने की उम्मीद दिख रही है।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम