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दिमागी बुखार को लेकर दोआबा अलर्ट
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दिमागी बुखार को लेकर दोआबा अलर्ट
- जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी, पीएचसी के प्रभारियों को किया गया चौकन्ना
- मरीजों को दिमागी बुखार के लक्षण और उससे बचाव की जानकारी भी देंगे चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बिहार में फैले दिमागी बुखार चिमकी के प्रकोप को लेकर दोआबा अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को बुखार से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। चिकित्सका अब एहतियात के तौर पर आम मरीजों को दिमागी बुखार के लक्षण और उससे बचाव के तरीके भी बताएंगे।
बिहार के बाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर जिले में भी दिमागी बुखार के मरीज मिले हैं। कौशाम्बी में अभी तक ऐसा एक भी मरीज नहीं मिला है। पर, जिस तरह से बिहार में बुखार मौत का खेल खेल रहा है, उसे देखते हुए यहां स्थानीय प्रशासन चौकन्ना हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने सभी प्राथमिक, नवीन प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों से पूछा है कि बुखार के प्राथमिक इलाज की दवाएं व अन्य संसाधन हैं कि नहीं। जहां नहीं हैं, वहां तत्काल बंदोबस्त कराया जाएगा। सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इस तरह के बुखार की बात सामने आई तो पीड़ितों के लिए तत्काल अलग से वार्ड तक का बंदोबस्त कर दिया जाएगा। खून, दवाओं आदि का प्रबंध किया जा चुका है।
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क्या हैं लक्षण
0 अचानक तेज बुखार आना
0 हाथ-पैर अकड़ जाना
0 शरीर का चमकना, कंपकंपी महसूस होना
0 शरीर पे चकत्ता निकलना
0 ग्लूकोज और पानी का शरीर में कम हो जाना
0 शुगर कम हो जाना
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ये बरतें सावधानी
0 बच्चों को धूप से बचाएं और शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें
0 संतुलित खाना खिलाएं, बच्चों को जंक फूड से दूर रखें
0 रात को खाने के बाद थोड़ा मीठे का सेवन कराएं
0 घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें और कीटनाशक का छिड़काव कर लें
0 बहुत दिनों के रखे फलों और सब्जियों का सेवन नहीं कराएं
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10 साल तक के बच्चों को खतरा
मंझनपुर। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि इस बुखार की चपेट में ज्यादातर 10 साल की उम्र तक के बच्चे आते हैं। इसलिए बच्चों को विशेष तौर पर सुरक्षित रखना होता। उनके खाने-पीने से लेकर अन्य सभी तरह का इंतजार चिकित्सकों से पूछकर किया जाए तो बेहतर होगा।
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इनका कहना है
कौशाम्बी में फिलहाल इस तरह का कोई मरीज नहीं मिला है। पूरी कोशिश है कि बुखार यहां तक पहुंच ही नहीं पाए। एहतियात के तौर पर सतर्कता बरती जा रही है।
डॉ. पीएन चतुर्वेदी-सीएमओ
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कच्ची दीवार ढही, किशोर घायल
फोटो नं-
मंझनपुर। फतेहपुर जिले के धाता थाना स्थित भूला गांव का कुलदीप (8) पुत्र पृथ्वीलाल अपनी बहन के यहां कनपुरवा में रहता है। गुरुवार सुबह वह घर के समीप ही खेल रहा था। तभी एक कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। इसके मलबे में दबने से कुलदीप घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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- जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी, पीएचसी के प्रभारियों को किया गया चौकन्ना
- मरीजों को दिमागी बुखार के लक्षण और उससे बचाव की जानकारी भी देंगे चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बिहार में फैले दिमागी बुखार चिमकी के प्रकोप को लेकर दोआबा अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को बुखार से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। चिकित्सका अब एहतियात के तौर पर आम मरीजों को दिमागी बुखार के लक्षण और उससे बचाव के तरीके भी बताएंगे।
बिहार के बाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर जिले में भी दिमागी बुखार के मरीज मिले हैं। कौशाम्बी में अभी तक ऐसा एक भी मरीज नहीं मिला है। पर, जिस तरह से बिहार में बुखार मौत का खेल खेल रहा है, उसे देखते हुए यहां स्थानीय प्रशासन चौकन्ना हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने सभी प्राथमिक, नवीन प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों से पूछा है कि बुखार के प्राथमिक इलाज की दवाएं व अन्य संसाधन हैं कि नहीं। जहां नहीं हैं, वहां तत्काल बंदोबस्त कराया जाएगा। सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इस तरह के बुखार की बात सामने आई तो पीड़ितों के लिए तत्काल अलग से वार्ड तक का बंदोबस्त कर दिया जाएगा। खून, दवाओं आदि का प्रबंध किया जा चुका है।
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क्या हैं लक्षण
0 अचानक तेज बुखार आना
0 हाथ-पैर अकड़ जाना
0 शरीर का चमकना, कंपकंपी महसूस होना
0 शरीर पे चकत्ता निकलना
0 ग्लूकोज और पानी का शरीर में कम हो जाना
0 शुगर कम हो जाना
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ये बरतें सावधानी
0 बच्चों को धूप से बचाएं और शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें
0 संतुलित खाना खिलाएं, बच्चों को जंक फूड से दूर रखें
0 रात को खाने के बाद थोड़ा मीठे का सेवन कराएं
0 घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें और कीटनाशक का छिड़काव कर लें
0 बहुत दिनों के रखे फलों और सब्जियों का सेवन नहीं कराएं
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10 साल तक के बच्चों को खतरा
मंझनपुर। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि इस बुखार की चपेट में ज्यादातर 10 साल की उम्र तक के बच्चे आते हैं। इसलिए बच्चों को विशेष तौर पर सुरक्षित रखना होता। उनके खाने-पीने से लेकर अन्य सभी तरह का इंतजार चिकित्सकों से पूछकर किया जाए तो बेहतर होगा।
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इनका कहना है
कौशाम्बी में फिलहाल इस तरह का कोई मरीज नहीं मिला है। पूरी कोशिश है कि बुखार यहां तक पहुंच ही नहीं पाए। एहतियात के तौर पर सतर्कता बरती जा रही है।
डॉ. पीएन चतुर्वेदी-सीएमओ
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कच्ची दीवार ढही, किशोर घायल
फोटो नं-
मंझनपुर। फतेहपुर जिले के धाता थाना स्थित भूला गांव का कुलदीप (8) पुत्र पृथ्वीलाल अपनी बहन के यहां कनपुरवा में रहता है। गुरुवार सुबह वह घर के समीप ही खेल रहा था। तभी एक कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। इसके मलबे में दबने से कुलदीप घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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