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ग्रामीणों को पता नहीं और हो गया दस्त नियंत्रण पखवाड़ा
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ग्रामीणों को पता नहीं और हो गया दस्त नियंत्रण पखवाड़ा
28 मई से जिले भर में अभियान चलाकर ओआरएस व जिंक की गोली जाना था बांटा
अमर उजाला ब्यूरो
बारा। कौशाम्बी विकास खंड में दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मजाक बनकर रह गया है। क्षेत्र के 57 गांवों में कहीं पर भी ओआरएस व जिंक की गोली नहीं बांटी गई लेकिन कागज पर अभियान को सफल बता दिया गया। शिकायत पर चिकित्सा अधीक्षक ने जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
28 मई से एक पखवाड़े के लिए सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने दस्त नियंत्रण कार्यक्रम को करने का निर्देश दिया था। इसके तहत एएनएम सेंटर के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को गांव के बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोली बांटना था। अभियान को लेकर कौशाम्बी विकास खंड में योजना का मजाक उड़ाया गया। क्षेत्र में 19 एएनएम सेंटर है लेकिन वहां से दवा बांटना तो दूर अभियान के दौरान कहीं का ताला खोलना भी जिम्मेदारों ने मुनासिब नहीं समझा। गुरौली, आंबाकुआं, सोधिया, रक्सवारा, बेरूई, म्योहर, कनैली, मकदूमपुर ढोकसहा आदि गांवों में कहीं पर भी दवा नहीं बांटी गई। बेरौंचा के सतीश त्रिपाठी ने सीएचसी बारा के अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके यहां एएनएम सेंटर कभी खुलता ही नहीं है। ऐसे में साफ है कि लाखों रुपये की लागत से आई दवा जिम्मेदारों ने बर्बाद कर दी। इस बाबत अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता का कहना है कि जिन एएनएम सेंटरों में दवा का वितरण नहीं कराया गया है तो वहां की जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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28 मई से जिले भर में अभियान चलाकर ओआरएस व जिंक की गोली जाना था बांटा
अमर उजाला ब्यूरो
बारा। कौशाम्बी विकास खंड में दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मजाक बनकर रह गया है। क्षेत्र के 57 गांवों में कहीं पर भी ओआरएस व जिंक की गोली नहीं बांटी गई लेकिन कागज पर अभियान को सफल बता दिया गया। शिकायत पर चिकित्सा अधीक्षक ने जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
28 मई से एक पखवाड़े के लिए सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने दस्त नियंत्रण कार्यक्रम को करने का निर्देश दिया था। इसके तहत एएनएम सेंटर के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को गांव के बच्चों को ओआरएस व जिंक की गोली बांटना था। अभियान को लेकर कौशाम्बी विकास खंड में योजना का मजाक उड़ाया गया। क्षेत्र में 19 एएनएम सेंटर है लेकिन वहां से दवा बांटना तो दूर अभियान के दौरान कहीं का ताला खोलना भी जिम्मेदारों ने मुनासिब नहीं समझा। गुरौली, आंबाकुआं, सोधिया, रक्सवारा, बेरूई, म्योहर, कनैली, मकदूमपुर ढोकसहा आदि गांवों में कहीं पर भी दवा नहीं बांटी गई। बेरौंचा के सतीश त्रिपाठी ने सीएचसी बारा के अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके यहां एएनएम सेंटर कभी खुलता ही नहीं है। ऐसे में साफ है कि लाखों रुपये की लागत से आई दवा जिम्मेदारों ने बर्बाद कर दी। इस बाबत अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता का कहना है कि जिन एएनएम सेंटरों में दवा का वितरण नहीं कराया गया है तो वहां की जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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