फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   आंगनबाड़ी केंद्रों पर लड्डू, दलिया

आंगनबाड़ी केंद्रों पर लड्डू, दलिया

Thu, 17 May 2018 11:57 PM IST
Updated Thu, 17 May 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर लड्डू, दलिया
अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे खाएंगे लड्डू, दलिया
विज्ञापन

मंझनपुर। पांच महीने से ठंडे पड़े आंगनबाड़ी केंद्र फिर से गुलजार दिखेंगे। दरअसल सरकार ने बंद पड़ी पंजीरी की जगह बड़ा बदलाव किया है। केंदों पर अब पंजीरी की जगह लड्डू और दलिया मुहैया कराया जाएगा। पुष्टाहार केवल पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा। जिले के केंद्रों से इसका वितरण 20 मई से प्रारंभ होने की उम्मीद है।
जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 1775 आंगनबॉड़ी केंद्र हैं। इनमें तकरीबन पौने दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनको अब तक पुष्टाहार के तौर पर पंजीरी दी जाती थी। दिसंबर के महीने से शासन ने इस पर भी पाबंदी लगा दी थी। कुछ भी नहीं मिलने से केंद्रों पर सन्नाटा हो गया है। इसकी जगह शासन ने बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत पंजीरी की जगह लड्डू और दलिया मुहैया कराई जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास एवं पुष्टाहार राकेश मिश्रा ने बताया कि शासन का पत्र प्राप्त हो चुका है। नई व्यवस्था में बच्चों, गर्भवती महिलाओं को लड्डू और दलिया वितरित किया जाएगा। एक-दो दिन के भीतर इसकी आपूर्ति जिले में होने की उम्मीद है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों से 20 मई सेवितरण प्रारंभ करा दिया जाएगा।
विज्ञापन


मिलेगी महीने के 25 दिनों की सामग्री
नई व्यवस्था के तहत टेक होम राशन तथा मार्निंग स्नैक के रूप में वितरित की जाने वाले सामग्री की अलग-अलग वर्ग के लिए अलग-अलग मात्रा के पैकेट बनाए गए हैं। मसलन छह माह से तीन वर्ष के बच्चों के लिए नौ दिन का वीनिंग फूड (पुष्टाहार) 1125 ग्राम, आठ-आठ दिन की मीठी व नमकीन दलिया का पैकेट 960-960 ग्राम का होगा। तीन से छह साल के बच्चों के लिए नौ दिन का लड्डू प्रीमिक्स का 450 ग्राम तथा आठ दिन की खातिर मीठी एवं नमकीन दलिया का 400-400 ग्राम का पैकेट होगा। इसी तरह से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए नौ दिन के लिए लड्डू प्रीमिक्स का 1350 ग्राम एवं आठ-आठ दिन के लिए मीठी तथा नमकीन दलिया के क्रमश: 1200 एवं 1120 ग्राम के पैकेट बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर पैकेट पर बार कोड, रुकेगी कालाबाजारी
अूब तक आुंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को मिलने वाले पोषाहार के दुरुपयोग की काफी शिकायतें मिल रही थी। अक्सर सुनने को मिलता था कि बच्चों की जगह मवेशी पंजीरी खा रहे हैं। आरोप यह भी कार्यकत्रियां पोषाहार की कालाबाजारी कर रही थी। जांच के दौरान पैकेट पकड़े जाने के बावजूद तस्दीक कर पाना मुश्किल हो रहा था कि किस केंद्र की कार्यकर्ता ने कालाबाजारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक पैकेट पर बार कोड दर्ज रहेगा। इसमें साफ लिखा होगा कि बिक्री के लिए नहीं, इसका क्रय विक्रय दंडनीय अपराध है। उत्पाद विवरण, जनपद का नाम,परियोजना का नाम, बैच संख्या,प्रयुक्त सामग्री एवं उसकी मात्रा, सूक्ष्म पोषक तत्व, वजन, उत्पाद तिथि, एक्सपायरी डेट, प्रसंस्करण कर्ता का नाम व पता आदि जानकारियां बार कोड के अंदर होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed