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कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनी ई-पॉश मशीन
Updated Sat, 15 Dec 2018 05:31 PM IST
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ई-पॉश मशीन को लेकर हो रहा हंगामा
नेटवर्क समस्या के साथ ही ऑपरेटिंग प्रशिक्षण के अभाव में नहीं चल पा रहीं मशीनें
राशन नहीं मिलने पर गांव-गांव हो रहा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए इस महीने से ई-पॉश व्यवस्था लागू की गई है। पर, ज्यादातर गांवों में नेटवर्क की समस्या होने के कारण मशीनें नहीं चल पा रही हैं। इसके अलावा तमाम कोटेदार प्रशिक्षण के अभाव में मशीन को ऑपरेट भी नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से ट्रेनर को एक-एक दुकान भेजकर प्रशिक्षित किए जाने का निर्देश दे रखा है। पर, पूरे ब्लॉक में महज एक ट्रेनर होने की वजह से प्रशिक्षण में व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में अधिकतर गांवों में इश महीने राशन वितरण का काम प्रभावित चल रहा है। इससे खफा कार्ड धारक हंगामा कर रहे हैं। रोजाना किसी न किसी गांव में विरोध-प्रदर्शन के साथ ही कोटेदार से बदसलूकी करने के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ गांवों मेें तो गुस्साए कार्डधारकों ने ई-पॉश मशीन ही तोड़ डाली। माना जा रहा है कि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो ई-पॉश मशीन कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है।
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नेटवर्क के हिसाब से उपलब्ध कराए जाएंगे सिम
कोटेदारों को उपलब्ध कराई गई ई-पॉश मशीन में फिलहाल एयरटेल और वोडाफोन का सिमकार्ड लगाया गया है। इसके बाद भी नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। तमाम गांव ऐसे हैं जहां इन दोनों कंपनियों के नेटवर्क नहीं मिल रहे हैं। समस्या को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेंदु ने जनपद के सभी कोटेदारों से उनके गांव में रहने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी मांगा है। डीएसओ ने बताया कि जल्द ही तीसरी कंपनी का भी सिमकार्ड मुहैया करा दिया जाएगा।
भीखमपुर में जीटी रोड जाम करने की हुई कोशिश
मूरतगंज के भीखमपुर गांव में नेटवर्क नहीं होने से ई-पॉश मशीन ठप है। 12 दिसंबर को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर मूरतगंज मेला बाग के पास प्रदर्शन किया। ग्रामीण जीटी रोड जाम करने का प्रयास कर रहे थे। बाद में कोटेदार ने किसी तरह से समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया।
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नसीरपुर में तोड़ दी गई ई-पॉश मशीन
मूरतगंज ब्लॉक के आलमपुर नसीरपुर गांव में 13 दिसंबर को नेटवर्क के अभाव में राशन वितरण ठप था। इससे नाराज कार्ड धारकों ने कोटेदार के पास मौजूद ई-पॉश मशीन ही तोड़ डाली। कोटेदार लालता प्रसाद ने इसकी सूचना अफसरों को दी। पर, कोई नतीजा नहीं निकला। तब से लेकर लगातार नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।
नेवारी गांव में कोटेदार ने दिया इस्तीफा
सदर ब्लॉक के नेवारी गांव में पांच दिसंबर से नेटवर्क नहीं है। इसलिए गांव में राशन कार्ड का वितरण ठप चल रहा है। 13 दिसंबर को कार्डधार पहुंचे और कोटेदार से गाली-गलौच शुरू कर दिया। तमाम प्रयास के बावजूद ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इससे झल्लाकर कोटेदार ममता देवी ने एसडीएम से मिलकर इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया गया।
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इनका कहना है
नई व्यवस्था के संचालन में शुरूआती दौर में कुछ परेशानियां आती हैं। फिर भी हार हाल में प्रत्येक कार्डधारक को राशन मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए 25 दिसंबर के बाद अभियान चलाया जाएगा।
कुमार निर्मलेंदु-डीएसओ
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वैकल्पिक व्यवस्था कराए प्रदेश सरकार
कोटेदार संघ की शिकायत पर केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री ने दिया निर्देश
मंझनपुर (ब्यूरो)। ई-पॉश मशीनों से राशन वितरण में हो रही समस्या को देखते हुए कोटेदार वेलफेयर एसोसिएशन लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहा है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने इसकी शिकायत लोक जन शक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मणिशंकर पांडेय से भी किया। लोजपा अध्यक्ष ने पार्टी के मुखिया एवं केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलाश पासवान को समस्या से अवगत कराया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार को पत्र लिखा। 13 दिसंबर को जारी पत्र में कहा गया कि ई-पॉश मशीनों के माध्यम से चलाई जता रही राशन वितरण की योजना के निर्बाध संचालन हेतु प्रदेश में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। ई-पॉश मशीनों के कार्य नहीं करने पर राशन वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। ताकि, किसी लाभार्थी को राशन के लिए दोबारा न आना पड़े। मामले में डीएसओ कुमार निर्मलेंदु का कहना है कि केंद्रीय मंत्री का पत्र उन्होंने भी देखा है। पर, प्रदेश सरकार की ओर से इस तरह का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
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नेटवर्क समस्या के साथ ही ऑपरेटिंग प्रशिक्षण के अभाव में नहीं चल पा रहीं मशीनें
राशन नहीं मिलने पर गांव-गांव हो रहा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए इस महीने से ई-पॉश व्यवस्था लागू की गई है। पर, ज्यादातर गांवों में नेटवर्क की समस्या होने के कारण मशीनें नहीं चल पा रही हैं। इसके अलावा तमाम कोटेदार प्रशिक्षण के अभाव में मशीन को ऑपरेट भी नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से ट्रेनर को एक-एक दुकान भेजकर प्रशिक्षित किए जाने का निर्देश दे रखा है। पर, पूरे ब्लॉक में महज एक ट्रेनर होने की वजह से प्रशिक्षण में व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में अधिकतर गांवों में इश महीने राशन वितरण का काम प्रभावित चल रहा है। इससे खफा कार्ड धारक हंगामा कर रहे हैं। रोजाना किसी न किसी गांव में विरोध-प्रदर्शन के साथ ही कोटेदार से बदसलूकी करने के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ गांवों मेें तो गुस्साए कार्डधारकों ने ई-पॉश मशीन ही तोड़ डाली। माना जा रहा है कि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो ई-पॉश मशीन कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है।
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नेटवर्क के हिसाब से उपलब्ध कराए जाएंगे सिम
कोटेदारों को उपलब्ध कराई गई ई-पॉश मशीन में फिलहाल एयरटेल और वोडाफोन का सिमकार्ड लगाया गया है। इसके बाद भी नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। तमाम गांव ऐसे हैं जहां इन दोनों कंपनियों के नेटवर्क नहीं मिल रहे हैं। समस्या को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेंदु ने जनपद के सभी कोटेदारों से उनके गांव में रहने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी मांगा है। डीएसओ ने बताया कि जल्द ही तीसरी कंपनी का भी सिमकार्ड मुहैया करा दिया जाएगा।
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भीखमपुर में जीटी रोड जाम करने की हुई कोशिश
मूरतगंज के भीखमपुर गांव में नेटवर्क नहीं होने से ई-पॉश मशीन ठप है। 12 दिसंबर को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर मूरतगंज मेला बाग के पास प्रदर्शन किया। ग्रामीण जीटी रोड जाम करने का प्रयास कर रहे थे। बाद में कोटेदार ने किसी तरह से समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया।
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नसीरपुर में तोड़ दी गई ई-पॉश मशीन
मूरतगंज ब्लॉक के आलमपुर नसीरपुर गांव में 13 दिसंबर को नेटवर्क के अभाव में राशन वितरण ठप था। इससे नाराज कार्ड धारकों ने कोटेदार के पास मौजूद ई-पॉश मशीन ही तोड़ डाली। कोटेदार लालता प्रसाद ने इसकी सूचना अफसरों को दी। पर, कोई नतीजा नहीं निकला। तब से लेकर लगातार नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।
नेवारी गांव में कोटेदार ने दिया इस्तीफा
सदर ब्लॉक के नेवारी गांव में पांच दिसंबर से नेटवर्क नहीं है। इसलिए गांव में राशन कार्ड का वितरण ठप चल रहा है। 13 दिसंबर को कार्डधार पहुंचे और कोटेदार से गाली-गलौच शुरू कर दिया। तमाम प्रयास के बावजूद ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इससे झल्लाकर कोटेदार ममता देवी ने एसडीएम से मिलकर इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया गया।
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इनका कहना है
नई व्यवस्था के संचालन में शुरूआती दौर में कुछ परेशानियां आती हैं। फिर भी हार हाल में प्रत्येक कार्डधारक को राशन मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए 25 दिसंबर के बाद अभियान चलाया जाएगा।
कुमार निर्मलेंदु-डीएसओ
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वैकल्पिक व्यवस्था कराए प्रदेश सरकार
कोटेदार संघ की शिकायत पर केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री ने दिया निर्देश
मंझनपुर (ब्यूरो)। ई-पॉश मशीनों से राशन वितरण में हो रही समस्या को देखते हुए कोटेदार वेलफेयर एसोसिएशन लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहा है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने इसकी शिकायत लोक जन शक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मणिशंकर पांडेय से भी किया। लोजपा अध्यक्ष ने पार्टी के मुखिया एवं केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलाश पासवान को समस्या से अवगत कराया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार को पत्र लिखा। 13 दिसंबर को जारी पत्र में कहा गया कि ई-पॉश मशीनों के माध्यम से चलाई जता रही राशन वितरण की योजना के निर्बाध संचालन हेतु प्रदेश में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। ई-पॉश मशीनों के कार्य नहीं करने पर राशन वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। ताकि, किसी लाभार्थी को राशन के लिए दोबारा न आना पड़े। मामले में डीएसओ कुमार निर्मलेंदु का कहना है कि केंद्रीय मंत्री का पत्र उन्होंने भी देखा है। पर, प्रदेश सरकार की ओर से इस तरह का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
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