फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   74 हजार मजदूरों की फीकी रहेगी दीपावली

74 हजार मजदूरों की फीकी रहेगी दीपावली

Sun, 15 Oct 2017 11:43 PM IST
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
74 हजार मजदूरों की फीकी रहेगी दीपावली
74 हजार मजदूरों की फीकी रहेगी दीपावली
विज्ञापन

चार माह से गांवों में ठप है मनरेगा का काम
महज 4672 मजदूरों को ही मिल सका रोजगार
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मनरेगा मजदूरों की दीपावली इस बार फीकी रहेगी। जॉबकार्ड धारक मजदूर काम की तलाश में भटकते रहे पर ग्रामसभाओं में उन्हें रोजगार नहीं मिल सका। जिन मजदूरों को काम मिला भी था उनका भुगतान खाते में नहीं पहुंच सका है। रुपयों के अभाव में जॉब कार्डधारकों को दो जून की रोटी जुटाने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रह है। ऐसे में उनके घरों की दीपावली इस साल फीकी रहेगी।
जिले में जॉब कार्डधारक मजदूरों की संख्या एक लाख 74 हजार 405 दर्ज है। इनमें से 78 हजार 236 मजदूर सक्रिय बताए जा रहे हैं। इन मजदूरों को जुलाई माह से ग्राम सभाओं में मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिल सका। विभागीय आंकड़ों पर जाएं तो बारिश शुरू होने के बाद से लेकर अब तक महज 4672 मजदूरों को ग्रामसभाओं में कुछ दिन का रोजगार मिल सका है। बाकी मजदूर चार महीने से काम के इंतजार में घर बैठे हैं। ऐसे में इनका दीपावली का त्योहार फीका रहेगा। इनके पास न तो घर रोशन करने का जुगाड़ है और न ही बच्चों को मिठाई खिलाने की कोई अन्य व्यवस्था है।
विज्ञापन


------------
काम के बाद भी नहीं मिला दाम
योजना के तहत मजदूरी करने वाले चार हजार मजदूर ऐसे हैं जिनसे काम तो करा लिया गया पर महीनों गुजरने के बावजूद इनके खाते में मजदूरी की रकम नहीं ट्रांसफार्मर की गई। काम का दाम नहीं मिलने के कारण त्योहार में इन मजदूरों के भी जेब खाली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
बड़ी संख्या में पलायन कर गए मजदूर
काम के अभाव में हजारों की संख्या में दोआबा के मजदूर जिले से पलायन कर चुके हैं। यह मजदूर काम की तलाश में दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, पंजाब समेत देश के बड़े महानगरों में रहकर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर रहे हैं। इसके विपरीत तमाम मजदूर ऐसे भी हैं जो किन्हीं कारणों से परदेश में रहकर कमाने में अक्षम हैं। उनका भी त्योहार फीका रहने के उम्मीद है।


बालू के चलते गांवों में ठप था निर्माण कार्य
तीन महीने तक बालू निकासी ठप होने के कारण मनरेगा के साथ ही निजी भवनों का भी निर्माण ठप था। ऐसे में मजदूरों के सामने इधर-उधर भटकने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। मजबूर होकर लोगों को शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।

-------------
क्या कहते हैं अधिकारी
मनरेगा के तहत मजदूरों को काम दिलाने की पूरी कोशिश रहती है। बारिश के दौरान तालाबों में पानी भर जाने से काम कराने में कठिनाई आती है। अब बारिश खत्म हो गई है। डीसी मनरेगा को तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे।
डीके दोहरे, प्रभारी सीडीओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed