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कहीं 68 पर एक तो, कहीं 91 पर सात शिक्षक

Mon, 24 Dec 2018 12:55 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 12:55 AM IST
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कहीं 68 पर एक तो, कहीं 91 पर सात शिक्षक
मंझनपुर/बारा। शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे गुरु जी शहर का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। विभागीय सेटिंग करके ज्यादातर शिक्षकों ने प्रयागराज से सटे स्कूलों में अपनी तैनाती करा रखी है। पिछड़े इलाकों के स्कूलों में बगैर अध्यापक ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं। कहीं 68 बच्चों पर एक शिक्षक तो कहीं 91 पर सात अध्यापकों की तैनाती की गई है। शिक्षा विभाग के इस खेल से नौनिहालों का भविष्य बरबाद हो रहा है।
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सरकार की मंशा है कि सभी को शिक्षित किया जाए। इसके लिए हर साल अप्रैल में अभियान चलाकर बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया जाता है। अफसरों की टीम बच्चों का नामांकन कराने के लिए जुटती है। इसके बाद शिक्षा की वास्तविता खंगालने की दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं हो रहा। जिसकी वजह से किन्हीं स्कूलों में शिक्षकों की भरमार रहती है। जबकि तमाम स्कूल जिले में एकल हैं। शिक्षकों की तैनाती सबसे ज्यादा चायल इलाके के स्कूलों में है। यह इलाका प्रयागराज से सटा हुआ है। इसी वजह से यहां के स्कूलों में तैनाती लेना शिक्षकों की पहली पसंद होती है। शिक्षा विभाग की मानें तो प्राथमिक स्कूल में 30 बच्चे पर एक अध्यापक और जूनियर स्कूल में 35 बच्चों पर एक अध्यापक की तैनाती होनी चाहिए। जिन पूर्व माध्यमिक स्कूलों में छात्र संख्या सौ से ज्यादा होती है वहां एक अनुदेशक को तैनात किया जाना है।
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पिछले दिनों अफसरों ने चिल्लाशहबाजी में चौपाल लगाई तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय चिल्लाशहबाजी में 39 बालक और 52 छात्राओं का नामांकन किया गया। जबकि यहां पर मानक के खिलाफ प्रधानाध्यापक करुणा, सहायक अध्यापक ऊषा मिश्रा, पूनम सिंह, अनीता केसरवानी, दीपा पुरवार आदि को तैनाती की गई थी। सारी हदें तब पार करते हुए मिली जब पता चला कि यहां मनीषा सिंह और कल्पना यादव बतौर अनुदेशक तैनात हैं। सरकारी मानक के हिसाब से सौ बच्चों से ज्यादा होने पर ही एक अनुदेशक की तैनाती की जानी चाहिए। इसके बाद भी यहां 91 बच्चों पर ही दो अनुदेशक तैनात किए गए हैं। इसी गांव के प्राथमिक स्कूल में गड़बड़ी मिली। इस स्कूल में 155 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। इसके सापेक्ष यहां युसरा अंसारी को प्रधानाध्यापक, ज्योति मालवीय, शोभा, शिप्रा गुप्ता, साधना वर्मा आदि को सहायक अध्यापक के रूप में तैनात किया गया है। इसके अलावा हेमलता मिश्रा और कृष्ण कुमार बतौर शिक्षामित्र कार्यरत मिले। यह हाल तब है जब जिले के तमाम स्कूल एक अध्यापक के सहारे घिसट रहे हैं।
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कौशाम्बी विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्तफाबाद में 68 बच्चों का नामांकन है और यहां पर सिर्फ प्रतिमा शुक्ला को तैनाती दी गई है। चक सिरसी के स्कूल में भी 55 बच्चों का दाखिला है, यहां पर भी सिर्फ शालिनी वर्मा को तैनाती दी गई है। बाबा का पूरा गांव के स्कूल में 24 बच्चों का नामांकन है यहां विकास मिश्र अके ले अध्यापक हैं। अहिरन की डांडी में 35 बच्चों का नामांकन है और अध्यापक के रूप में सिर्फ कमलाकर सिंह की पोस्टिंग है। इसी तरह बड़ा गढ़वा के पूर्व माध्यमिक स्कूल में सिर्फ एक अध्यापक की तैनाती है। वहीं एबीएसए अविनाश सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों स्कूलों में अध्यापकों की संख्या पूरी करने की पहल की थी। इसे लेकर तमाम अध्यापक हाईकोर्ट चले गए। अदालत में मामला जाने से समायोजन नहीं हो सका।
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