{"_id":"5b5a1cf24f1c1bee748b627d","slug":"101532632306-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताल-तलैया बन गए स्कूल, साफ-सफाई व जलनिकासी की खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताल-तलैया बन गए स्कूल, साफ-सफाई व जलनिकासी की खुली पोल
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर/सरायअकिल/करारी। मानसून के धमाकेदार आगाज ने जिले के सरकारी स्कूलों में चलाए गए सफाई अभियान व जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। बुधवार से हो रही बारिश के कारण जिले के ज्यादातर सरकारी स्कूलों में जल भराव हो गया है। इससे स्कूल के पठन-पाठन पर विपरीत असर पड़ रहा है।
ग्रीष्मावकाश के बाद दो जुलाई से शुरू हुए शिक्षण सत्र से पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अफसरों के साथ बैठक की थी। इसमें एक जुलाई को रविवार का अवकाश होने के बावजूद स्कूल खुलवा कर साफ-सफाई और जल निकासी का प्रबंध कराने को कहा गया था। इसके बावजूद अधिकतर स्कूलों में सफाई कर्मचारी झांकने तक नहीं गए। शिक्षा विभाग की तरफ से भी कोई पहल नहीं की गई।
जिसका खामियाजा बुधवार को हुई मानसून की पहली बारिश में ही भुगतने को मिल गया। मुख्यालय के हजरतगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में पानी भर गया है। इससे बच्चों को खुले में शौच व लघुशंका के लिए जाना पड़ा। स्कूल के चारों तरफ पानी भरा होने के कारण बच्चों व अध्यापकों को दीवार पर चढ़कर अंदर जाना पड़ा।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय भैला मकदूमपुर प्रथम व द्वितीय में पानी भरा हुआ है। बच्चों को गंदे पानी से होकर क्लास तक पहुंचना पड़ रहा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी यहीं हाल है। यहां जल भराव की वजह से बुधवार को स्कूल नहीं खोला जा सका। सरायअकिल स्थित आदर्श इंटर कॉलेज के हालात भी तलाब सरीखे बन गए। पूरे परिसर में भारी जलभराव के कारण छात्रों को गंदे पानी से होकर क्लास तक जाना पड़ा। कमोबेश जिले के ज्यादातर स्कूलों का यहीं हाल है। अगर बरसात और हुई तो स्कूलों को बंद करना मजबूरी हो जाएगी। तमाम सरकारी स्कूलों की छतों से पानी टपक रहा है। इससे बच्चों की जिंदगी का भी खतरा बना हुआ है।
स्कूलों में जल भराव की स्थित को देखते हुए अध्यापकों को ग्राम सभा के सहयोग से जल निकासी के प्रबंध कराने का निर्देश दिया गया है। कुछ स्कूलों में चहारदीवारी नहीं होने के कारण ज्यादा दिक्कत हैं। जहां से रिपोर्ट आ रही है समस्या का समाधान कराया जा रहा है।
एसके सिंह, प्रभारी बीएसए
विज्ञापन
ग्रीष्मावकाश के बाद दो जुलाई से शुरू हुए शिक्षण सत्र से पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अफसरों के साथ बैठक की थी। इसमें एक जुलाई को रविवार का अवकाश होने के बावजूद स्कूल खुलवा कर साफ-सफाई और जल निकासी का प्रबंध कराने को कहा गया था। इसके बावजूद अधिकतर स्कूलों में सफाई कर्मचारी झांकने तक नहीं गए। शिक्षा विभाग की तरफ से भी कोई पहल नहीं की गई।
विज्ञापन
जिसका खामियाजा बुधवार को हुई मानसून की पहली बारिश में ही भुगतने को मिल गया। मुख्यालय के हजरतगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में पानी भर गया है। इससे बच्चों को खुले में शौच व लघुशंका के लिए जाना पड़ा। स्कूल के चारों तरफ पानी भरा होने के कारण बच्चों व अध्यापकों को दीवार पर चढ़कर अंदर जाना पड़ा।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय भैला मकदूमपुर प्रथम व द्वितीय में पानी भरा हुआ है। बच्चों को गंदे पानी से होकर क्लास तक पहुंचना पड़ रहा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी यहीं हाल है। यहां जल भराव की वजह से बुधवार को स्कूल नहीं खोला जा सका। सरायअकिल स्थित आदर्श इंटर कॉलेज के हालात भी तलाब सरीखे बन गए। पूरे परिसर में भारी जलभराव के कारण छात्रों को गंदे पानी से होकर क्लास तक जाना पड़ा। कमोबेश जिले के ज्यादातर स्कूलों का यहीं हाल है। अगर बरसात और हुई तो स्कूलों को बंद करना मजबूरी हो जाएगी। तमाम सरकारी स्कूलों की छतों से पानी टपक रहा है। इससे बच्चों की जिंदगी का भी खतरा बना हुआ है।
स्कूलों में जल भराव की स्थित को देखते हुए अध्यापकों को ग्राम सभा के सहयोग से जल निकासी के प्रबंध कराने का निर्देश दिया गया है। कुछ स्कूलों में चहारदीवारी नहीं होने के कारण ज्यादा दिक्कत हैं। जहां से रिपोर्ट आ रही है समस्या का समाधान कराया जा रहा है।
एसके सिंह, प्रभारी बीएसए