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Kaushambi News: माध्यमिक व बेसिक की प्रतियोगिताओं में शतरंज समेत 10 खेल शामिल
Thu, 05 Jun 2025 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:37 AM IST
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मंझनपुर। परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों की खेल प्रतियोगिताएं हर साल होती हैं। इस वर्ष खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन 15 जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगी। प्रतियोगिताओं में जहां पूर्व में 11 खेल शामिल थे। वहीं इस बार फेडरेशन ने शतरंज समेत 10 अन्य खेलों को स्थान दिया है। इसमें मध्य प्रदेश का राज्य खेल मलखंभ भी शामिल है।
शिक्षा के साथ ही खेलों में बड़े बदलाव इस सत्र में देखने को मिलने वाले हैं। माध्यमिक व जूनियर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के बीच सीनियर, जूनियर व सब जूनियर स्तर की प्रतियोगिताएं होती हैं। इसमें 19 साल से कम उम्र के बच्चों को सीनियर, 17 साल से कम उम्र के बच्चों को जूनियर और 14 साल से छोटे बच्चों को सब जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलता रहा है।
इनके बीच गर्मियों में फुटबॉल, तैराकी, कबड्डी, टेबल टेनिस और बास्केटबॉल प्रतियोगिता होती थी। साथ ही सर्दियों में बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, हॉकी, कुश्ती, वालीबॉल और एथलेटिक प्रतियोगिताएं का आयोजन किया जाता था। इस साल 10 अन्य खेल शामिल किए गए है। खेल शिक्षक हीरालाल एम कैथल ने बताया कि यह खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर अवसर है। अब तक खिलाड़ियों को मंच नहीं मिलता रहा है। अब उनको खेल का मंच मिलेगा।
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वहीं शतरंज एसोसिएशन के सचिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि जिले में शतरंज के करीब 25 बेहतरीन खिलाड़ी हैं। इनको अब तक ओपन खेलना पड़ता था। स्कूल गेम फेडरेशन की मंजूरी के बाद अब इस खेल को भी मंच मिलेगा।
इन खेलों को मिला स्थान
स्कूल गेम फेडरेशन ने नए खेलों को ट्रायल के रूप में तीन साल के लिए सेपक टाकरा, वुशु, मलखंभ, गतका, कलीरीपयट्टू, शतरंज, योगासन, थांगता, मार्शल आर्ट और कुराश खेल को स्थान दिया है।
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शिक्षा के साथ ही खेलों में बड़े बदलाव इस सत्र में देखने को मिलने वाले हैं। माध्यमिक व जूनियर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के बीच सीनियर, जूनियर व सब जूनियर स्तर की प्रतियोगिताएं होती हैं। इसमें 19 साल से कम उम्र के बच्चों को सीनियर, 17 साल से कम उम्र के बच्चों को जूनियर और 14 साल से छोटे बच्चों को सब जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलता रहा है।
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इनके बीच गर्मियों में फुटबॉल, तैराकी, कबड्डी, टेबल टेनिस और बास्केटबॉल प्रतियोगिता होती थी। साथ ही सर्दियों में बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, हॉकी, कुश्ती, वालीबॉल और एथलेटिक प्रतियोगिताएं का आयोजन किया जाता था। इस साल 10 अन्य खेल शामिल किए गए है। खेल शिक्षक हीरालाल एम कैथल ने बताया कि यह खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर अवसर है। अब तक खिलाड़ियों को मंच नहीं मिलता रहा है। अब उनको खेल का मंच मिलेगा।
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वहीं शतरंज एसोसिएशन के सचिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि जिले में शतरंज के करीब 25 बेहतरीन खिलाड़ी हैं। इनको अब तक ओपन खेलना पड़ता था। स्कूल गेम फेडरेशन की मंजूरी के बाद अब इस खेल को भी मंच मिलेगा।
इन खेलों को मिला स्थान
स्कूल गेम फेडरेशन ने नए खेलों को ट्रायल के रूप में तीन साल के लिए सेपक टाकरा, वुशु, मलखंभ, गतका, कलीरीपयट्टू, शतरंज, योगासन, थांगता, मार्शल आर्ट और कुराश खेल को स्थान दिया है।