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Kasganj News: जरी-जरदोजी कारीगरों को मिलेगा आर्थिक संबल, सरकार ने बढ़ाई मदद
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कासगंज। सरकार की पहल से पारंपरिक हुनर को मजबूत करने का काम शुरू हो गया है। जरी-जरदोजी से जुड़े कारीगरों को आर्थिक मदद देकर आत्मनिर्भर बनाने के कदम तेज किए गए हैं। सरकार जिले में पहले से ही ओडीओपी उत्पाद के रूप में मान्यता प्राप्त जरी-जरदोजी कला को संरक्षित करेगी।
यह पहल पारंपरिक कला को बाजार से जोड़ने का भी काम करेगी। छोटे कारीगर, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने हुनर को आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे, अब लाभान्वित होंगे। उन्हें बैंक के माध्यम से अनुदान युक्त ऋण मिलेगा, जिससे वे अपने काम का विस्तार कर सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12 कारीगरों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 47 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। यह पहल कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे क्षेत्र का विकास होगा।
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योजना में आवेदन के लिए स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है और न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद कारीगर इसका लाभ उठा सकें। इच्छुक अभ्यर्थी निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से 15 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
वर्जन
यह योजना कारीगरों के लिए बड़ा अवसर है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र में संपर्क किया जा सकता है।- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त उद्योग
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यह पहल पारंपरिक कला को बाजार से जोड़ने का भी काम करेगी। छोटे कारीगर, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने हुनर को आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे, अब लाभान्वित होंगे। उन्हें बैंक के माध्यम से अनुदान युक्त ऋण मिलेगा, जिससे वे अपने काम का विस्तार कर सकेंगे।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12 कारीगरों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 47 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। यह पहल कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे क्षेत्र का विकास होगा।
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योजना में आवेदन के लिए स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है और न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद कारीगर इसका लाभ उठा सकें। इच्छुक अभ्यर्थी निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से 15 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
वर्जन
यह योजना कारीगरों के लिए बड़ा अवसर है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र में संपर्क किया जा सकता है।- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त उद्योग