Hamirpur: संदिग्ध हालत में युवक की मौत, गवाही देकर लौटा था घर, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
विवेकनगर मोहल्ला निवासी व कलेक्ट्रेट में लिपिक के पद पर तैनात प्रभात तिवारी के सात वर्षीय मासूम बच्चे का अपहरण हुआ था। मासूम के अपहरणकर्ताओं ने युवक का मोबाइल छीन फिरौती मांगी थी। इसकी रिपोर्ट युवक ने दर्ज कराई थी, जिसकी सुनवाई थी।
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हमीरपुर जिले में गवाही देकर घर लौटे युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 30 मई 2022 की दोपहर मुख्यालय के विवेकनगर मोहल्ला निवासी व कलेक्ट्रेट में लिपिक के पद पर तैनात प्रभात तिवारी के सात वर्षीय मासूम बच्चे का अपहरण हुआ था।
अपहरण में शामिल आरोपी ने एक युवक से छीने गए मोबाइल से फिरौती मांगी थी। जब पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की, तो यह मोबाइल सदर कोतवाली के चंदुलीतीर गांव निवासी संजय (37) पुत्र भू्रा का निकला। इस पर पुलिस ने इसे पकड़कर पूछताछ कर घटना का पर्दाफाश किया था।
वहीं मोबाइल छीनने का संजय ने दो युवकों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसकी गुरुवार को डकैती कोर्ट में गवाही थी। संजय के चचेरे भाई मुंशी ने बताया कि गुरुवार को संजय न्यायालय में गवाही के लिए अपनी पत्नी विष्णु कुमारी के साथ गया था।
वहां से उसकी पत्नी कानपुर चली गई और संजय तारीख के बाद जब घर वापस लौटा, तो अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और खून की उल्टियां शुरू हो गईं। परिजनों का आरोप है कि अपहरणकर्ताओं के पक्ष की ओर से आए लोगों द्वारा उसे कुछ खिला दिया गया। इससे उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई।
आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे कुछ खिलाया और फिर रुपए दिए। जिससे उसकी मौत हो गई। कोतवाल दुर्गविजय सिंह का कहना है कि संजय की मौत के कारण पोस्टमार्टम के बाद ही सही स्थिति पता चल सकेगी। वह अपहरण मामले में गवाह था, जिसने मोबाइल छीनने का मुकदमा भी दर्ज कराया था।