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यमुना का जलस्तर अब और नीचे गया, सेंगुर नदी का बहाव भी हुआ सामान्य
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मूसानगर(कानपुर देहात)। यमुना नदी का जलस्तर घटने से सोमवार को पड़ाव गांव की पुलिया में आवगमन चालू हो गया। लगातार घट रहे यमुना के जलस्तर से लोगों ने राहत की सांस ली है। पानी घटने के बाद से अतिरिक्त सफाई कर्मी लगाकर साफ-सफाई का काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी तो घटा है लेकिन गांवों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों के सामने जीवन यापन की समस्या उत्पन्न हो गई है। अब हो रही बारिश से कच्चे मकान गिरने की आशंका बनी हुई है।
पड़ाव की पुलिया में आवागमन चालू हो जाने से कुंभापुर, रसूलपुर, चतुरीपुरवा, भरतौली आदि गांवों का संपर्क भी हो गया। पथार निवासी राजू, विजय सिंह, रामसजीवन आदि ने बताया कि आढन पथार की पुलिया में अभी में पानी होने के कारण नाव से आवागमन हो रहा है। वहीं गांव के 68 घरों में पानी घुस गया था। उक्त घरों के लोग ऊंचे टिल्लों में या दूसरे के घरों में डेरा डाले थे। पानी तो कम हो गया लेकिन अभी भी घरों में गंदगी जमा है। पानी के साथ आई मिट्टी ने पूरे घर का कीचड़ फैला दिया है। दीवरों से लेकर छत तक दरक गई है। इससे लोग को भय है कि कही घर ढह न जाएं। वहीं बेमौसम हो रही बरसात भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बरसात में कैसे सफाई हो कैसे सामान रखा जाए।
लोग एक सप्ताह से अपने आशियाने से दूर जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया प्रशासन द्वारा बांटा गया आटा, चना, लईया, दाल आदि एक परिवार के लिए भी नाकाफी था। इससे पेट भरा जा सके। राशन ऊंट के मुंह में जीरा सिंद्ध हुआ है। घर में रखे राशन से लोगों ने दिन काटे हैं। वहीं फसल नष्ट हो जाने के कारण लोग आगे आने वाले समय में भुखमरी की कगार पर अपने को खड़ा देख रहे हैं। यमुना व सेंगुर तलहटी के गांव का मुख्य आधार खेती पर निर्भर रहता है। लोगों के खेती से ही घर का खर्च, शादी विवाह से लेकर समस्त कार्यो की योजना बनाते हैं। वहीं फसल सडने से उठने वाली दुर्गंध से जीना दुश्वार हो गया है।
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यमुना नदी का जलस्तर घटने से धीरे-धीरे सभी गांवों के संपर्क मार्ग चालू हो रहे हैं। हलिया ग्राम पंचायत के गांव नयापुरवा का खड़ंजा बाढ़ के तेज बहाव में दो हिस्सों में बह जाने के कारण आम रास्ते में गहरा गड्डा हो गया है। ग्रामीण देवेंद्र, फूलकुमारी, बाबूजी, देवीगुलाम, पृथ्वीनाथ ने बताया कि बाढ़ में गांव का खड़ंजा बह गया था। इससे आम रास्ते में गहरा गड्डा हो गया है। पानी गांव से कम हो गया लेकिन खड़ंजा बह जाने के कारण अभी भी आवागमन बाधित है। गांव के किनारों में भरे पानी की निकासी न होने के कारण एक दो माह तक पानी भरा रहेगा। जो बीमारियों को दावत देगा। वहीं सोमवार को जिले से आए लगभग 50 सफाई कर्मियों ने मुसरिया, पथार और पड़ाव की आम रास्ता समेत प्राथमिक विद्यालय में सफाई की।
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पड़ाव की पुलिया में आवागमन चालू हो जाने से कुंभापुर, रसूलपुर, चतुरीपुरवा, भरतौली आदि गांवों का संपर्क भी हो गया। पथार निवासी राजू, विजय सिंह, रामसजीवन आदि ने बताया कि आढन पथार की पुलिया में अभी में पानी होने के कारण नाव से आवागमन हो रहा है। वहीं गांव के 68 घरों में पानी घुस गया था। उक्त घरों के लोग ऊंचे टिल्लों में या दूसरे के घरों में डेरा डाले थे। पानी तो कम हो गया लेकिन अभी भी घरों में गंदगी जमा है। पानी के साथ आई मिट्टी ने पूरे घर का कीचड़ फैला दिया है। दीवरों से लेकर छत तक दरक गई है। इससे लोग को भय है कि कही घर ढह न जाएं। वहीं बेमौसम हो रही बरसात भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बरसात में कैसे सफाई हो कैसे सामान रखा जाए।
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लोग एक सप्ताह से अपने आशियाने से दूर जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया प्रशासन द्वारा बांटा गया आटा, चना, लईया, दाल आदि एक परिवार के लिए भी नाकाफी था। इससे पेट भरा जा सके। राशन ऊंट के मुंह में जीरा सिंद्ध हुआ है। घर में रखे राशन से लोगों ने दिन काटे हैं। वहीं फसल नष्ट हो जाने के कारण लोग आगे आने वाले समय में भुखमरी की कगार पर अपने को खड़ा देख रहे हैं। यमुना व सेंगुर तलहटी के गांव का मुख्य आधार खेती पर निर्भर रहता है। लोगों के खेती से ही घर का खर्च, शादी विवाह से लेकर समस्त कार्यो की योजना बनाते हैं। वहीं फसल सडने से उठने वाली दुर्गंध से जीना दुश्वार हो गया है।
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यमुना नदी का जलस्तर घटने से धीरे-धीरे सभी गांवों के संपर्क मार्ग चालू हो रहे हैं। हलिया ग्राम पंचायत के गांव नयापुरवा का खड़ंजा बाढ़ के तेज बहाव में दो हिस्सों में बह जाने के कारण आम रास्ते में गहरा गड्डा हो गया है। ग्रामीण देवेंद्र, फूलकुमारी, बाबूजी, देवीगुलाम, पृथ्वीनाथ ने बताया कि बाढ़ में गांव का खड़ंजा बह गया था। इससे आम रास्ते में गहरा गड्डा हो गया है। पानी गांव से कम हो गया लेकिन खड़ंजा बह जाने के कारण अभी भी आवागमन बाधित है। गांव के किनारों में भरे पानी की निकासी न होने के कारण एक दो माह तक पानी भरा रहेगा। जो बीमारियों को दावत देगा। वहीं सोमवार को जिले से आए लगभग 50 सफाई कर्मियों ने मुसरिया, पथार और पड़ाव की आम रास्ता समेत प्राथमिक विद्यालय में सफाई की।