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Kanpur News: घर के कामों में महिलाएं खुद को न थकाएं, इबादत में समय लगाएं
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कानपुर। जमीयत उलेमा की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कर सवालों के पूछने का सिलसिला शुक्रवार से शुरू हो गया। लोगों ने सहरी, इफ्तारी, रोजा, बीमारी, गर्भावस्था आदि को लेकर सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं।
जमीयत उलेमा की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 9450120937 मुफ्ती इकबाल अहमद कासमी, 9889370978 मौलाना खलील अहमद, 9984181490 मौलाना मुफ्ती अब्दुर्रशीद कासमी को नंबरों पर फोन कर जानकारी ले सकते हैं।
उलेमाओं ने अपील की है कि, महिलाएं घर के कामों में खुद को अधिक न थकाएं। अगर ज्यादा थक जाएंगी तो इबादत ठीक से नहीं हो पाएगी। इसलिए जरूरत के अनुसार ही काम करें।
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फोन कर लोगों ने ये जानकारी ली
- फज्र की अजान के कितनी देर पहले सहरी खत्म कर लें?
अजान से कम से कम दो मिनट पहले सहरी पूरी कर लें।
- क्या गर्भावस्था के दौरान रोजा रख सकते हैं?
डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही रखें। हाई रिस्क वाली महिलाएं रोजा न रखें। वे बाद में रख सकती हैं।
- तरावीह कितने रकात पढ़नी चाहिए?
तरावीह 20 रकात पढ़नी चाहिए।
- रोजा इफ्तार के कितनी देर बाद नमाज पढ़ सकते हैं?
रोजा इफ्तार दस से पंद्रह मिनट में कर लें और उसके बाद नमाज पढ़ने जाएं। इससे ज्यादा देर सही नहीं है।
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जमीयत उलेमा की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 9450120937 मुफ्ती इकबाल अहमद कासमी, 9889370978 मौलाना खलील अहमद, 9984181490 मौलाना मुफ्ती अब्दुर्रशीद कासमी को नंबरों पर फोन कर जानकारी ले सकते हैं।
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उलेमाओं ने अपील की है कि, महिलाएं घर के कामों में खुद को अधिक न थकाएं। अगर ज्यादा थक जाएंगी तो इबादत ठीक से नहीं हो पाएगी। इसलिए जरूरत के अनुसार ही काम करें।
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फोन कर लोगों ने ये जानकारी ली
- फज्र की अजान के कितनी देर पहले सहरी खत्म कर लें?
अजान से कम से कम दो मिनट पहले सहरी पूरी कर लें।
- क्या गर्भावस्था के दौरान रोजा रख सकते हैं?
डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही रखें। हाई रिस्क वाली महिलाएं रोजा न रखें। वे बाद में रख सकती हैं।
- तरावीह कितने रकात पढ़नी चाहिए?
तरावीह 20 रकात पढ़नी चाहिए।
- रोजा इफ्तार के कितनी देर बाद नमाज पढ़ सकते हैं?
रोजा इफ्तार दस से पंद्रह मिनट में कर लें और उसके बाद नमाज पढ़ने जाएं। इससे ज्यादा देर सही नहीं है।