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दोस्तों के साथ घूमने गया, देर हुई तो रची अपहरण की कहानी, मां को मैसेज कर मांगी एक लाख फिरौती
Wed, 29 Jan 2020 12:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 29 Jan 2020 12:08 AM IST
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यूपी पुलिस फाइल फोटो
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कानपुर में चकेरी के ओमपुरवा से 24 जनवरी को लापता हुए इंटरमीडिएट के छात्र को पुलिस ने मंगलवार को बरामद कर लिया। उसने खुद के अपहरण की साजिश रची थी। वह दोस्तों के पास लखनऊ चला गया, लौटने में देरी हुई तो उसने घर वालों मैसेज कर खुद के अपहरण की जानकारी दे दी।
ओमपुरवा निवासी नरेश कुमार एल गुटखा कंपनी में सुपरवाइजर हैं। उनका 18 वर्षीय बेटा स्वयं कुमार उर्फ अंकुर 24 जनवरी को स्कूल जाते समय लापता हो गया था। दूसरे दिन अंकुर की मां बीनू के फेसबुक पर बेटे को छुड़ाने के लिए एक लाख की फिरौती मांगी थी।
इसके बाद पुलिस ने अंकुर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया था। मंगलवार दोपहर को लोकेशन के आधार पर उसे घंटाघर रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्कूल जाने के बजाय दोस्तों के साथ लखनऊ चला गया था।
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लौटने में देरी हो गई तो घरवालों को उसके स्कूल न जाने की बात पता चल गई थी। इस पर उसने खुद के अपहरण की साजिश रची और फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाकर अगले दिन मां को फिरौती का मैसेज भेज दिया। इसके बाद सारा दिन दोस्तों के साथ घूमता रहा। मंगलवार सुबह उसने पिता को फोन कर बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग निकला है और घंटाघर रेलवे स्टेशन के पास खड़ा है।
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ओमपुरवा निवासी नरेश कुमार एल गुटखा कंपनी में सुपरवाइजर हैं। उनका 18 वर्षीय बेटा स्वयं कुमार उर्फ अंकुर 24 जनवरी को स्कूल जाते समय लापता हो गया था। दूसरे दिन अंकुर की मां बीनू के फेसबुक पर बेटे को छुड़ाने के लिए एक लाख की फिरौती मांगी थी।
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इसके बाद पुलिस ने अंकुर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया था। मंगलवार दोपहर को लोकेशन के आधार पर उसे घंटाघर रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्कूल जाने के बजाय दोस्तों के साथ लखनऊ चला गया था।
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लौटने में देरी हो गई तो घरवालों को उसके स्कूल न जाने की बात पता चल गई थी। इस पर उसने खुद के अपहरण की साजिश रची और फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाकर अगले दिन मां को फिरौती का मैसेज भेज दिया। इसके बाद सारा दिन दोस्तों के साथ घूमता रहा। मंगलवार सुबह उसने पिता को फोन कर बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग निकला है और घंटाघर रेलवे स्टेशन के पास खड़ा है।