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प्रेम विवाह के साल भर बाद धोखे से बेटी की दूसरी शादी करा रहा था पिता, पति की सूचना पर पहुंची पुलिस और...
Sat, 29 May 2021 08:53 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 29 May 2021 08:53 AM IST
सार
साल भर पहले फूलदीन की बेटी निशा ने बाबूपुरवा निवासी अजय सिंह से प्रेम विवाह किया था। इन दोनों की आठ माह की एक बेटी भी है। लेकिन पिता फूलदीन धोखे से निशा की शादी किसी और से करा रहा था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हमीरपुर जिले के भरुआसुमेरपुर में एक वर्ष पूर्व प्रेम विवाह कर एक बच्चे की मां बनी बेटी को पिता कानपुर से झांसा देकर अपने साथ ले आया और कस्बे में तपोभूमि के आगे सुनसान जगह पर बने एक मकान में ले जाकर दूसरे विवाह की तैयारी शुरू कर दी। फेरे पड़ने के पूर्व ही पति की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा और पिता को हिरासत में ले लिया।
बाद में थाने में समझौता होने के बाद विवाहिता अपने पति एवं नौनिहाल बेटी के साथ बगैर किसी कार्रवाई के वापस कानपुर चली गई। यह घटना कस्बे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कस्बे के बसंत नगर निवासी फूलदीन पाल की बेटी निशा ने परिजनों की बगैर मर्जी के गत वर्ष 11 मई को कानपुर के बाकरगंज बाबूपुरवा निवासी अजय सिंह से प्रेम विवाह किया था। इन दोनों की आठ माह की एक बेटी भी है।
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अजय सिंह ने बताया कि गत 26 मई को निशा के पिता फूलदीन उनके घर आए और कहा कि परिवार में शादी है। इसलिए सभी गिले-शिकवे दूर कर बिटिया को साथ भेज दो। ससुर का बड़ा दिल देखकर वह पिघल गए और खुशी-खुशी पत्नी और बेटी को ससुर के साथ भेज दिया। बेटी व नातिन के साथ फूलदीन घर लौट आए।
शादी समारोह में जाने के लिए पिता के कहने पर निशा आनन-फानन में तैयार हो गई। बताया कि ससुर फूलदीन ने इसी दौरान निशा की बेटी को धोखे से गायब करा दिया और उसे लेकर ब्यूटी पार्लर जा पहुंचे और पूर्व नियोजित योजना के तहत दुल्हन की तरह तैयार करा दिया।
इसके बाद वह उसे लेकर सीधे तपोभूमि के आगे निर्जन स्थान पर बने एक मकान में ले गए। जहां पर पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे। यहां पहुंचते ही निशा को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। लिहाजा उसने बगैर समय गवाएं पति को फोन से सारी जानकारी देकर बचाने की गुहार लगाई।
पत्नी के ऊपर आए संकट को देख पति ने बगैर समय गंवाए थाना पुलिस के साथ यूपी 112 को सारे घटनाक्रम से अवगत कराया और शादी रोके जाने की गुहार लगाई। पति की सूचना पर पुलिस ने लोकेशन के आधार पर छापा मारा और वरमाला होने के पूर्व ही निशा को बचाकर उसके पिता को हिरासत में ले लिया।
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बाद में थाने में समझौता होने के बाद विवाहिता अपने पति एवं नौनिहाल बेटी के साथ बगैर किसी कार्रवाई के वापस कानपुर चली गई। यह घटना कस्बे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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कस्बे के बसंत नगर निवासी फूलदीन पाल की बेटी निशा ने परिजनों की बगैर मर्जी के गत वर्ष 11 मई को कानपुर के बाकरगंज बाबूपुरवा निवासी अजय सिंह से प्रेम विवाह किया था। इन दोनों की आठ माह की एक बेटी भी है।
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अजय सिंह ने बताया कि गत 26 मई को निशा के पिता फूलदीन उनके घर आए और कहा कि परिवार में शादी है। इसलिए सभी गिले-शिकवे दूर कर बिटिया को साथ भेज दो। ससुर का बड़ा दिल देखकर वह पिघल गए और खुशी-खुशी पत्नी और बेटी को ससुर के साथ भेज दिया। बेटी व नातिन के साथ फूलदीन घर लौट आए।
शादी समारोह में जाने के लिए पिता के कहने पर निशा आनन-फानन में तैयार हो गई। बताया कि ससुर फूलदीन ने इसी दौरान निशा की बेटी को धोखे से गायब करा दिया और उसे लेकर ब्यूटी पार्लर जा पहुंचे और पूर्व नियोजित योजना के तहत दुल्हन की तरह तैयार करा दिया।
इसके बाद वह उसे लेकर सीधे तपोभूमि के आगे निर्जन स्थान पर बने एक मकान में ले गए। जहां पर पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे। यहां पहुंचते ही निशा को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। लिहाजा उसने बगैर समय गवाएं पति को फोन से सारी जानकारी देकर बचाने की गुहार लगाई।
पत्नी के ऊपर आए संकट को देख पति ने बगैर समय गंवाए थाना पुलिस के साथ यूपी 112 को सारे घटनाक्रम से अवगत कराया और शादी रोके जाने की गुहार लगाई। पति की सूचना पर पुलिस ने लोकेशन के आधार पर छापा मारा और वरमाला होने के पूर्व ही निशा को बचाकर उसके पिता को हिरासत में ले लिया।
इस बीच पति अपनी बहन के साथ रात में ही थाने आ पंहुचा। पति को सामने देखकर निशा फफक पड़ी और थानाध्यक्ष से बोली पिता ने उनके साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। वह अपने पति के सिवा कहीं और नहीं जा सकती। लिहाजा उसे उसके पति के साथ ही भेजा जाए।
इसके साथ ही उसने पिता के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी मना कर दिया। थानाध्यक्ष बीपी सिंह ने निशा और उसकी बेटी को अजय सिंह के सुपुर्द कर दिया। जिनको साथ लेकर अजय सिंह कानपुर वापस चले गए। उधर पुलिस का छापा पड़ते ही वर पक्ष के लोग मौके से भाग निकले। यह घटना कस्बे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
इसके साथ ही उसने पिता के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी मना कर दिया। थानाध्यक्ष बीपी सिंह ने निशा और उसकी बेटी को अजय सिंह के सुपुर्द कर दिया। जिनको साथ लेकर अजय सिंह कानपुर वापस चले गए। उधर पुलिस का छापा पड़ते ही वर पक्ष के लोग मौके से भाग निकले। यह घटना कस्बे में चर्चा का विषय बनी हुई है।