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Weather: कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कम दबाव, बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात से हो रही अचानक बारिश
Sun, 06 Oct 2024 09:05 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 06 Oct 2024 09:05 PM IST
सार
Kanpur News: शहर के कुछ क्षेत्रों में 8 मिमी पानी बरसा। मानसून की विदाई के बाद अचानक माैसम बदल गया है।
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कानपुर में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मानसून की विदाई के बाद कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिसकी वजह से अलग-अलग स्थानों पर 20 से 30 मिनट के बीच 30 से 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को कानपुर क्षेत्र में भी इसी तरह की स्थिति रही, लेकिन यहां पर हवा की रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा रही। कन्नौज, फतेहपुर, कानपुर ग्रामीण, कानपुर देहात में भी इसी तरह की स्थिति रही।
एक दिन पहले कानपुर ग्रामीण क्षेत्र के सरसौल और बिल्हौर के 10 किमी के दायरे में 40 किमी की रफ्तार से हवा चली। जिससे कई पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए थे। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस तरह की स्थिति प्रदेश के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के जिलों में अधिक रहेगी। इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात को बताया जा रहा है।
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एक दिन पहले कानपुर ग्रामीण क्षेत्र के सरसौल और बिल्हौर के 10 किमी के दायरे में 40 किमी की रफ्तार से हवा चली। जिससे कई पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए थे। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस तरह की स्थिति प्रदेश के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के जिलों में अधिक रहेगी। इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात को बताया जा रहा है।
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जो अगले 48 घंटे तक सक्रिय रह सकता है। मौसम विशेषज्ञ डाॅ. एसएन पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों तक वातावरण में गर्मी अधिक होने की वजह से हवाएं ऊपर की ओर चली गई हैं, ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ जाती है। उस खाली स्थान को भरने के लिए चक्रवाती हवाएं तेजी से वहां आती हैं, जिससे आंधी के साथ बारिश भी होती है। यह स्थिति ज्यादातर कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, गोरखपुर सहित अनेक जिलों में छिटपुट स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश होगी।