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वक्फ संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराएगा वक्फ वेलफेयर फोरम: मुस्लिमों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर करेंगे खर्च

Mon, 08 Nov 2021 02:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 08 Nov 2021 02:01 PM IST
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Waqf Welfare Forum will make Waqf properties free from possession: Will spend on education and health of Muslims
मदरसे में मुस्लिम बच्चे - फोटो : अमर उजाला
देशभर में एक लाख 22 हजार वक्फ संपत्तियां हैं। इनमें 80 प्रतिशत पर कब्जे हैं। वक्फ संपत्तियों से केवल 1.63 करोड़ रुपये की आमदनी ही हो रही है। संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कर उनसे होने वाली आय को मुस्लिमों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करने की योजना वक्फ वेलफेयर फोरम ने बनाई है।
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फोरम का रविवार को सिविल लाइंस के स्टॉक एक्सचेंज सभागार में कार्यक्रम हुआ। इसमें रिटायर आईएएस-आईपीएस भी शामिल हुए। फोरम में शामिल हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के वकील वक्फ संपत्तियों के कब्जे के मामले लड़ंगे। कानपुर की वक्फ संपत्तियों को चिह्नित कर निगरानी कमेटी बनाने की सलाह दी गई है।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर आईएएस अधिकारी और उर्दू-अरबी यूनिवर्सिटी के कुलपति अनीस अंसारी ने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में एक लाख 22 हजार वक्फ संपत्तियों में 80 प्रतिशत पर अतिक्रमण है। जिला स्तर पर निगरानी कमेटी बनाकर इन संपत्तियों को मुक्त कराया जा सकता है।
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वक्फ एक्ट के तहत हर 10 साल पर संपत्तियों का सर्वे होना चाहिए। कानपुर के घाटमपुर, डासना और रामसनेही घाट की संपत्तियों के कब्जे के मामले सुर्खियों में आने के बाद उन पर चर्चा की गई। वक्फ वेलफेयर फोरम के चेयरमैन जावेद अहमद ने कहा कि वक्फ से जुड़े मामलों पर लोगों को जागरूक करने की पहल शुरू की गई है। इसे सफल बनाना है।

संपत्तियों से कब्जे हटवाने में एंटी भूमाफिया अधिनियम-2013 सार्थक साबित होगा। जरूरत है कि वक्फ संपत्तियों को बोर्ड में दर्ज करवाया जाए, ताकि बोर्ड जायदादों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करता रहा। इस सेमिनार की अध्यक्षता रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी इकरामुल जब्बार खान ने की और संचालन मोहम्मद खालिद ने किया।

कार्यक्रम में डॉ. शमीम अहमद (पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी) सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ ने कहा कि वक्फ जायदादों की हिफाजत तभी संभव है, जब उसके प्रति आम लोगों में जागरुकता हो। उन्हें मालूम हो कि वक्फ के कब्जेदारों की शिकायत कहां करना है और कैसे सजा दिलानी है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड का सहायक सर्वे आयुक्त उस जिले का जिलाधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी होता है। इसमें शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी भी मौजूद रहे।
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