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कानपुर में बढ़ रहा वायरल फीवर का प्रकोप: बुखार से दो की मौत, जूनियर डॉक्टर समेत 15 भर्ती
Mon, 06 Sep 2021 11:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 06 Sep 2021 11:23 PM IST
सार
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में अकेले उन्होंने तीन सौ रोगी देखे। इसके अलावा दूसरे कक्ष में भी रोगी आए। बुखार के रोगियों की संख्या अधिक थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में बुखार से दो रोगियों की सोमवार को और मौत हो गई। हैलट ओपीडी में बुखार के तीन सौ रोगी आए। ओपीडी स्तर से 15 रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। इसमें दंत रोग विभाग की एक नॉन पीजी जूनियर डॉक्टर भी हैं।
कई की हालत गंभीर है। मेडिसिन विभाग के कक्षों में रोगियों की लाइन लगी रही। बालरोग अस्पताल में बुखार के 20 रोगी भर्ती हैं। हैलट इमरजेंसी की मेडिसिन यूनिट के बेड फुल हैं। हैलट के आईसीयू में वेंटिलेटर पर चार-पांच दिन पहले 70 वर्षीय रोगी को बुखार आने पर भर्ती किया गया था।
वह पहले से अस्थमा और दमा का रोगी था। वायरल फीवर आने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। रोगी को इमरजेंसी में वेंटिलेटर पर रखा गया था। सोमवार को उसकी मौत हो गई। इसके अलावा 55 वर्षीय रोगी की मौत लालबंगला क्षेत्र में हुई है।
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कई की हालत गंभीर है। मेडिसिन विभाग के कक्षों में रोगियों की लाइन लगी रही। बालरोग अस्पताल में बुखार के 20 रोगी भर्ती हैं। हैलट इमरजेंसी की मेडिसिन यूनिट के बेड फुल हैं। हैलट के आईसीयू में वेंटिलेटर पर चार-पांच दिन पहले 70 वर्षीय रोगी को बुखार आने पर भर्ती किया गया था।
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वह पहले से अस्थमा और दमा का रोगी था। वायरल फीवर आने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। रोगी को इमरजेंसी में वेंटिलेटर पर रखा गया था। सोमवार को उसकी मौत हो गई। इसके अलावा 55 वर्षीय रोगी की मौत लालबंगला क्षेत्र में हुई है।
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परिजनों ने बताया कि बुखार आने के बाद रोगी की स्थिति बिगड़ती चली गई। वह डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर का मरीज था। डॉक्टरों का कहना है कि अन्य रोगों के पुराने मरीजों की वायरल फीवर के बाद हालत बिगड़ जा रही है। सोमवार को हैलट ओपीडी में बुखार के रोगियों की भीड़ रही।
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में अकेले उन्होंने तीन सौ रोगी देखे। इसके अलावा दूसरे कक्ष में भी रोगी आए। बुखार के रोगियों की संख्या अधिक थी। इसके अलावा टायफायड और दूसरे मर्ज के रोगी भी आ रहे हैं। टायफायड के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है।
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में अकेले उन्होंने तीन सौ रोगी देखे। इसके अलावा दूसरे कक्ष में भी रोगी आए। बुखार के रोगियों की संख्या अधिक थी। इसके अलावा टायफायड और दूसरे मर्ज के रोगी भी आ रहे हैं। टायफायड के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है।