कानपुर: चींटी से डरने वाली बहू ससुर की हत्या की साजिश कैसे रच सकती है? शालू के भाई-बहन बोले- हमें न करें बदनाम
Kanpur News: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बहू शालू के परिवार वाले पांचवें दिन उसके बचाव में सामने आए। शालू के बड़े भाई और बेकरी कारोबारी धीरज अरोड़ा तथा बहन सोनिया महरोत्रा ने कचहरी में वकील के चैंबर में अपना पक्ष रखते हुए उसे बेगुनाह बताया।
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उन्होंने सवाल उठाया कि जो लड़की चींटी तक मारने से डरती है, वह अपने ससुर की हत्या की योजना कैसे बना सकती है। परिवार ने कहा कि शालू के अपने ससुर विनीत मिनोचा से अच्छे संबंध थे और वह उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ख्याल रखती थी।
धीरज अरोड़ा और सोनिया महरोत्रा ने कहा कि विनीत मिनोचा जरूरत पड़ने पर शालू को पैसे भी देते थे। उनके मुताबिक दोनों के बीच संबंध सामान्य थे। परिवार ने कहा कि हत्याकांड की कहानी का दूसरा पहलू भी सामने आना चाहिए और शालू को बिना पूरी सच्चाई सामने आए बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
बहन-भाई बोले- शालू को न करें बदनाम
शालू के भाई और बहन ने कहा कि परिवार के सामने जो तस्वीर है, उसमें शालू को ससुर की हत्या की साजिश रचने वाली महिला के तौर पर स्वीकार करना मुश्किल है। उनका कहना है कि वह अपने ससुर की देखभाल करती थी और दोनों के बीच अच्छे संबंध थे। उन्होंने यह भी कहा कि विनीत मिनोचा ने फ्लैट में सीसीटीवी कैमरे अपनी मां की देखरेख के लिए लगवाए थे। परिवार के मुताबिक कैमरे लगने की वजह को भी अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।
जेल में शालू से मिले भाई-बहन
इससे पहले शालू के भाई और बहन जेल में उससे मिलने पहुंचे। सोनिया महरोत्रा ने बताया कि शालू अपने बेटे की याद में रो-रोकर परेशान हो रही है। परिवार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में शालू और उसके बच्चे से जुड़े भावनात्मक पहलू को भी समझने की जरूरत है।
क्या है विनीत मिनोचा हत्याकांड?
कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हुई थी। छह सितंबर की सुबह उनके फ्लैट में उनका शव मिला था। पुलिस जांच के मुताबिक विनीत की चाकू से वार कर हत्या की गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने दो आरोपियों विशाल गौतम उर्फ शुभम और राजकिशोर कुमार को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर शालू का नाम लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि शालू ने विनीत की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले विनीत को सड़क हादसे में मारने की योजना बनाई गई थी। बाद में व्यस्त यातायात और पकड़े जाने के डर से योजना बदली गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फ्लैट में पहुंचकर हत्या को अंजाम दिया।
हत्याकांड की जांच अब शालू तक सीमित नहीं है। पुलिस सुब्रत की भूमिका की भी जांच कर रही है। अमर उजाला की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सर्विलांस जांच में सुब्रत और आरोपी विशाल के बीच तीन महीने में करीब 300 बार फोन पर बातचीत सामने आई है, जबकि शालू ने भी विशाल से करीब 40 बार बात की थी। वारदात वाले दिन दोनों के बीच कई बार बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन संपर्कों और अन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ रही है।
वहीं पुलिस के मुताबिक हत्या से एक दिन पहले विशाल के नाम पर नया सिम भी सक्रिय हुआ था, जिसका संपर्क शालू और सुब्रत से बताया जा रहा है। हालांकि सुब्रत की भूमिका को लेकर पुलिस अभी साक्ष्य जुटा रही है। विनीत की मां के घर आने-जाने के बाद फ्लैट में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है।
पुलिस इन कैमरों और आरोपियों के संपर्कों समेत अन्य साक्ष्यों को जोड़कर हत्याकांड की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटी है। फिलहाल शालू के परिवार ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाते हुए अपना पक्ष सामने रखा है। उनका कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को देखा जाना चाहिए और शालू को बिना पूरी सच्चाई सामने आए बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।