{"_id":"a9e4143f38fc843770ce8e9d80e21177","slug":"vinay-katiyar-comment-on-rajya-sabha-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा को भंग कर देना चाहिए ः विनय कटियार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यसभा को भंग कर देना चाहिए ः विनय कटियार
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 21 Apr 2015 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा से राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने सोमवार को राज्यसभा की उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। कहा कि राज्यसभा की वर्तमान में कोई उपयोगिता नहीं है। इसे भंग कर देना चाहिए। कटियार लखनऊ से बिल्हौर शादी समारोह में जाते हुए कानपुर में रुके।
यहां उन्होंने राज्यसभा में भूमि अधिग्रहण बिल पास न होने के सवाल पर दिए जवाब में यह बात कही। कटियार ने कहा कि लोकसभा सांसद सीधे जनता के बीच से चुनकर आते हैं, ऐसे में वे ही जनता की समस्याओं को समझते हैं। राज्यसभा सांसद जनता की पीड़ा नहीं समझ पाते हैं।
यही वजह है कि भूमि अधिग्रहण बिल लोकसभा में ध्वनि मत से पास हो गया। लेकिन राज्यसभा में इसका विरोध हो रहा है। कटियार ने कहा कि राज्यसभा में भाजपा सरकार का बहुमत नहीं होने से यह स्थिति पैदा हुई है। लेकिन सरकार की जनता के प्रति जवाबदेह होती है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण बिल को पारित कराना जरूरी है।
विज्ञापन
इसके लिए राज्यसभा की उपयोगिता के विषय में सोचा जाना चाहिए। कटियार ने कहा कि जब कोई पार्टी भारी बहुमत से लोकसभा में जीतकर आती है तो उसे कार्य करने का अधिकार भी होना चाहिए। यदि राज्यसभा इसी तरह केंद्र के हर कामों में अड़ंगा लगाती रहेगी तो भारी बहुमत से बनी केंद्र सरकार के होने का क्या मतलब है।
इससे तो यही संदेश जाता है कि इतने बड़े जनमानस के विचार को राज्यसभा में बैठे कुछ लोग झुठला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विधान परिषद स्तर पर ऐसी स्थिति आती है, तो वहां भी उसकी उपयोगिता के विषय में विचार करना चाहिए।
विज्ञापन
यहां उन्होंने राज्यसभा में भूमि अधिग्रहण बिल पास न होने के सवाल पर दिए जवाब में यह बात कही। कटियार ने कहा कि लोकसभा सांसद सीधे जनता के बीच से चुनकर आते हैं, ऐसे में वे ही जनता की समस्याओं को समझते हैं। राज्यसभा सांसद जनता की पीड़ा नहीं समझ पाते हैं।
विज्ञापन
यही वजह है कि भूमि अधिग्रहण बिल लोकसभा में ध्वनि मत से पास हो गया। लेकिन राज्यसभा में इसका विरोध हो रहा है। कटियार ने कहा कि राज्यसभा में भाजपा सरकार का बहुमत नहीं होने से यह स्थिति पैदा हुई है। लेकिन सरकार की जनता के प्रति जवाबदेह होती है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण बिल को पारित कराना जरूरी है।
विज्ञापन
इसके लिए राज्यसभा की उपयोगिता के विषय में सोचा जाना चाहिए। कटियार ने कहा कि जब कोई पार्टी भारी बहुमत से लोकसभा में जीतकर आती है तो उसे कार्य करने का अधिकार भी होना चाहिए। यदि राज्यसभा इसी तरह केंद्र के हर कामों में अड़ंगा लगाती रहेगी तो भारी बहुमत से बनी केंद्र सरकार के होने का क्या मतलब है।
इससे तो यही संदेश जाता है कि इतने बड़े जनमानस के विचार को राज्यसभा में बैठे कुछ लोग झुठला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विधान परिषद स्तर पर ऐसी स्थिति आती है, तो वहां भी उसकी उपयोगिता के विषय में विचार करना चाहिए।