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पेपर मिल के प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों ने शुरू किया धरना
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कानपुर देहात/सरवनखेड़ा। गजनेर रोड में हिम्मापुरवा गांव के पास संचालित एक पेपर मिल का प्रदूषित पानी खुले में बहा दिया गया है। इससे गांव के कई किसानों की फसलें खराब हो गई हैं। वहीं प्रदूषण व बदबू की वजह से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
अफसरों की अनदेखी से बुधवार को ग्रामीणों ने मिल के गेट पर धरना शुरू कर दिया। ऐतिहात के तौर पर मौके पर पीएसी बुला ली गई। शाम को पहुंचे एसडीएम, सीओ व उपायुक्त उद्योग ने वार्ता की लेकिन ग्रामीण मिल बंद कराने की मांग पर अड़े रहे।
पेपर मिल का प्रदूषित पानी खुले में बहाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने 31 जुलाई को एसडीएम को पत्र देकर समस्या के निदान कराने की मांग की थी। तब भी ग्रामीण फैक्टरी गेट पर एकत्र हुए थे। साथ ही समस्या का निदान न होने पर चार अगस्त से धरने शुरू करने की बात कही थी। समस्या का निदान न होने पर बुधवार को ग्रामीणों ने गेट पर धरना शुरू कर दिया।
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धरने की जानकारी पर वहां गजनेर इंस्पेक्टर गंगा सिंह, ग्रोथ सेंटर चौकी इंचार्ज भारत सिंह मौके पर पहुंचे। मौके पर भीड़ देखकर पीएसी बुला ली। हालांकि ग्रामीण शांतिपूर्वक गेट पर बैठे रहे। मिल के अंदर वाहनों का आवागमन नहीं होने दिया। इससे मिल बंद रही। ग्रामीणों ने अफसरों पर समस्या की अनदेखी का आरोप लगा कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि मिल लगातार प्रदूषण फैला रही है।
इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। धरने के दौरान शाम को एसडीएम राजीवराज, सीओ अरुण कुमार व उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह मौके पर पहुंचे। सभी अफसरों ने ग्रामीणों से बात कर समस्या निदान का भरोसा दिया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
इससे वार्ता के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। सभी अफसर वापस हो गए। मौके पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। धरना में सरवन यादव, दीपक कुमार, कपिल, नरेंद्र सिंह, धर्मवीर, वीरेंद्र सिंह के अलावा महिलाएं व अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों ने फैक्टरी का प्रदूषित पानी खेतों में भर जाने से फसल का नुकसान होने की बात कही। प्रदूषण से स्वास्थ्य पर हो रहे विपरीत असर के बाबत बताया है। उन्हें पेपर मिल से प्रदूषित पानी न निकलने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ग्रामीण मिल को बंद कराने की मांग पर अड़े हैं।
- राजीवराज, एसडीएम अकबरपुर
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अफसरों की अनदेखी से बुधवार को ग्रामीणों ने मिल के गेट पर धरना शुरू कर दिया। ऐतिहात के तौर पर मौके पर पीएसी बुला ली गई। शाम को पहुंचे एसडीएम, सीओ व उपायुक्त उद्योग ने वार्ता की लेकिन ग्रामीण मिल बंद कराने की मांग पर अड़े रहे।
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पेपर मिल का प्रदूषित पानी खुले में बहाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने 31 जुलाई को एसडीएम को पत्र देकर समस्या के निदान कराने की मांग की थी। तब भी ग्रामीण फैक्टरी गेट पर एकत्र हुए थे। साथ ही समस्या का निदान न होने पर चार अगस्त से धरने शुरू करने की बात कही थी। समस्या का निदान न होने पर बुधवार को ग्रामीणों ने गेट पर धरना शुरू कर दिया।
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धरने की जानकारी पर वहां गजनेर इंस्पेक्टर गंगा सिंह, ग्रोथ सेंटर चौकी इंचार्ज भारत सिंह मौके पर पहुंचे। मौके पर भीड़ देखकर पीएसी बुला ली। हालांकि ग्रामीण शांतिपूर्वक गेट पर बैठे रहे। मिल के अंदर वाहनों का आवागमन नहीं होने दिया। इससे मिल बंद रही। ग्रामीणों ने अफसरों पर समस्या की अनदेखी का आरोप लगा कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि मिल लगातार प्रदूषण फैला रही है।
इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। धरने के दौरान शाम को एसडीएम राजीवराज, सीओ अरुण कुमार व उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह मौके पर पहुंचे। सभी अफसरों ने ग्रामीणों से बात कर समस्या निदान का भरोसा दिया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
इससे वार्ता के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। सभी अफसर वापस हो गए। मौके पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। धरना में सरवन यादव, दीपक कुमार, कपिल, नरेंद्र सिंह, धर्मवीर, वीरेंद्र सिंह के अलावा महिलाएं व अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों ने फैक्टरी का प्रदूषित पानी खेतों में भर जाने से फसल का नुकसान होने की बात कही। प्रदूषण से स्वास्थ्य पर हो रहे विपरीत असर के बाबत बताया है। उन्हें पेपर मिल से प्रदूषित पानी न निकलने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ग्रामीण मिल को बंद कराने की मांग पर अड़े हैं।
- राजीवराज, एसडीएम अकबरपुर