उत्थान की उड़ान: 4 नायाब स्टार्टअप को मिलेंगे 17.5 करोड़ रुपये, शुरू होंगी नई कंपनियां
- एचबीटीयू में आयोजित ‘एंटरप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव’ में देश की कई बड़ी हस्तियों ने की शिरकत
- स्टार्टअप के लिए बीस करोड़ रुपये अकेले कानपुर में होंगे निवेश
- ‘अमर उजाला’, आईआईटी कानपुर, एसबीईआरटीसी और टाई यूपी ने मिलकर कराया आयोजन
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कानपुर शहर में पहली बार हुए ‘उत्थान एंटरप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव’ हर किसी के लिए खास रहा। ‘अमर उजाला’, एसबीईआरटीसी, आईआईटी कानपुर और टाई यूपी की खास पहल ‘उत्थान अ-स्टार्टअप निर्माण’ के तहत आयोजित इस कॉन्क्लेव में दूर-दराज से हजारों छात्र-छात्राएं पहुंचे।
20 स्टार्टअप कंपनियों ने अपना आइडिया प्रस्तुत किया। वेंचर कैटेलिस्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट और को-फाउंडर डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने इनमें से चार कंपनियों में 17.5 करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया। इसके अलावा उन्होंने अगले एक साल में शहर की स्टार्टअप कंपनियों में 20 करोड़ रुपये तक निवेश करने की घोषणा भी की।
इन कंपनियों को मिला फंड
एबी चेन ऑफ हॉस्पिटल्स को 12 करोड़
आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के 1999 बैच के छात्र पंकज मित्तल को 12 करोड़ रुपये तक का फंड देने का एलान किया गया। पंकज ने बताया कि वह एबी चेन ऑफ हॉस्पिटल बनाएंगे। देश के हर शहर में इस ग्रुप का हॉस्पिटल होगा और इसमें टेक्नोलॉजी की मदद से आम लोगों को सस्ता इलाज, सर्जरी व अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वेंचर कैटेलिस्ट के ग्लोबल मैनेजिंग पार्टनर विनायक नाथ ने बताया कि अब कंपनी के बोर्ड में अप्रूवल मिलते ही मित्तल को फंड जारी कर दिया जाएगा।
होटल वालों को खाद्य सामग्री पहुंचाएंगे
आईआईटी कानपुर के 2015 बैच के छात्र कुशाग्र वर्मा और उनकी टीम ने एड्योर कप्स स्टार्टअप कंपनी का आइडिया दिया। उन्हें वेंचर कैटेलिस्ट ने चार करोड़ रुपये देने का एलान किया है। कुशाग्र बताते हैं कि अभी तक होटल के कर्मी अलग-अलग खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। इसके चलते होटल्स में कमीशनखोरी और अधिक खर्च भी होता है। लेकिन उनकी कंपनी सीधे होटल्स के ऑर्डर के अनुरूप उन्हें खाद्य सामग्री पहुंचाएगी।
तीन हजार में बिकेगा छोटा एसी, पांच लाख का मिला फंड
एचबीटीयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र पुरनम कुशवाहा ने ऑटोमेटिक एयरकंडीशनर तैयार किया है। इसे छोटा एसी नाम दिया गया है। इस एसी को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। इसकी खासियत है कि यह कमरे के तापमान के अनुसार कूलिंग और हीटिंग का काम करता है। इसे रिमोट से भी चलाया जा सकता है। पुरनम ने बताया कि इसे तैयार करने के लिए महज तीन हजार रुपये का खर्च आया है। बड़ा एसी तैयार करने में पांच से आठ हजार रुपये खर्च आएगा। वेंचर कैटैलिस्ट से उन्होंने पांच लाख रुपये की सीड फंडिंग मांगी। इसपर कैटेलिस्ट के ग्लोबल मैनेजिंग पार्टनर विनायक नाथ ने तुरंत सहमति प्रदान कर दी।
‘पॉवर सेविंग फैन’ की कंपनी बनाने को मिलेंगे डेढ़ करोड़ रुपये
एचबीटीयू में कंप्यूटर साइंस विभाग से 2015 में पासआउट छात्र शिवशंकर और 2017 में पासआउट छात्र दीपांशु ने पॉवर सेविंग फैन (पंखा) प्रजेंटेशन दिया। यह इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स का कंबाइंड फैन है। पंखे की खासियत है कि यह महज 12 वोल्टेज की बिजली में भी तेज गति से चलेगा। यही नहीं बिजली की बचत भी इस पंखे से होगी। दीपांशु ने बताया कि यह पंखा जल्दी खराब भी नहीं होगा। इसके माइक्रो कंट्रोलर में सॉफ्टवेयर सेट किया गया है जो ऑटोमेटिक पंखे को संचालित करेगा। दोनों छात्रों को वेंचर कैटेलिस्ट की तरफ से डेढ़ करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। इसे पहले छह माह की मेंटरिंग प्रोवाइड की जाएगी।