UPSC Result: नौकरी छोड़कर की आईएएस की तैयारी, पाई ऑल इंडिया दूसरी रैंक, पढ़ें टॉपर जागृति के संघर्ष की कहानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 25 Sep 2021 10:59 PM IST

सार

जागृति की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में ऑल इंडिया दूसरी रैंक है। जागृति ने माता-पिता के साथ गांव और जिले की माटी का नाम रोशन किया है। 
सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020: जागृति
सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020: जागृति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

फतेहपुर जिले के नसेनिया की बेटी जागृति की सफलता ने गांव के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। न सिर्फ जागृति के चाचा का परिवार बल्कि गांव के लोग भी गदगद हैं। चाचा ने बताया कि जागृति ने पिता की इच्छा न होने के बाद भी नौकरी छोड़ी और आईएएस की तैयारी करके पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।
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सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में उसकी ऑल इंडिया दूसरी रैंक है। जागृति ने माता-पिता के साथ गांव और जिले की माटी का नाम रौशन किया है। उसकी इस सफलता पर जागृति अवस्थी के चाचा पूर्व प्रधान अवधेश अवस्थी के घर में बधाई देने वालों का शनिवार को तांता लगा रहा।


जागृति ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि जिले का नाम रोशन करने पर उसे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। ईमानदारी के साथ देश की सेवा करते हुए कभी जिले के साथ गांव की माटी का सिर झुकने नहीं देगी। आईएएस जागृति अवस्थी के पिता डा. सुरेश चंद्र अवस्थी भोपाल मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं।

मां मधुबाला अवस्थी खेल शिक्षक थीं। उनकी बेटी जागृति अवस्थी ने महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल भोपाल से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद मैकेनिक ट्रेड से बीई करके गेट क्वालीफाई किया और भेल में टेक्निकल अफसर बनीं।

इस नौकरी से खुशी नहीं मिली और जागृति ने त्यागपत्र देकर सिविल सर्विसेज की कोचिंग की। पहली बार में ही यह सफलता हासिल की है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे अवधेश को भतीजी जागृति की इस सफलता की सूचना मिली। उस समय वह फतेहपुर में थे और उन्होंने परिजनों को यह खुशी फोन पर बताई।

अवधेश नसेनिया गांव में 2005 से 2020 तक लगातार तीन बार प्रधान रहे। वह चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। तीनों बड़े भाई बाहर रहते हैं। सबसे बड़े भाई योगेश चंद्र अवस्थी भरसवा इंटर कॉलेज फतेहपुर से प्रवक्ता पद से 2013 में सेवानिवृत हुए हैं। दूसरे भाई केशव चंद्र अवस्थी जीआईसी प्रयागराज में प्रधानाचार्य पद से 2015 में सेवानिवृत हुए।

तीसरे बड़े भाई डा. सुरेश अवस्थी 1986 में डॉक्टरी पढ़ने छतरपुर गए। वहीं, पर 1992 से सर्विस करने लगे। 1994 में नसेनिया से ही शादी का कार्यक्रम हुआ था। 2003 में मेडिकल कॉलेज भोपाल में सर्विस मिलने के बाद वहीं रहने लगे। 
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