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किसी ने छोड़ा 40 लाख का पैकेज तो किसी ने असिस्टेंट कमिश्नर का पद छोड़ आईएएस में पाया मुकाम
Sun, 07 Apr 2019 01:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 07 Apr 2019 01:15 AM IST
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UPSC Civil Services Result
सिविल सर्विसेज परीक्षा 2018 में 56वीं रैंक हासिल करने वाले दिलीप मिश्रा ने शुरुआती पढ़ाई हिंदी माध्यम से की है। अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के बढ़ते दबदबे पर बोलते हैं कि अगर हिंदी माध्यम से सही तरह पढ़ाई की जाए, तब भी कोई सफलता मिलने से नहीं रोक सकता।
कानपुर बर्रा-विश्वबैंक डी ब्लॉक निवासी हरगोविंद के बेटे राहुल कुमार सिंह ने भी सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की है। राहुल को 579 रैंक मिली है। पिता हरगोविंद आयकर विभाग में कर्मचारी नेता थे। अब रिटायर्ड हो चुके हैं। मां मीना देवी गृहिणी हैं।
केरला के पलक्कड़ जिले में इपीएफओ के असिस्टेंट कमिश्नर पद पर तैनात शिवांशु राजपूत अब आईएएस बन गए हैं। शिवांशु यहां आजाद नगर के रहने वाले हैं। उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा 2018 में 463 रैंक हासिल की है। शिवांशु बताते हैं कि 2016 में यूपीएससी की असिस्टेंट कमिश्नर परीक्षा में उन्होंने 117वीं रैंक हासिल की थी।
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कानपुर पी रोड के शुभांग मिश्रा 184 रैंक हासिल कर आईपीएस बन गए हैं। सिविल सर्विसेज परीक्षा 2017 में उन्हें 291 रैंक मिली थी। तब वह आईआरएस बने थे। शुभांग आईआरएस बनने से पहले दो नौकरी छोड़ चुके हैं। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से 2009 में शुभांग ने 12वीं की पढ़ाई की।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2018 में सफलता हासिल करने वालों में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के सचिव विकास प्रकाश सिंह का भी नाम शामिल है। विकास ने तीसरे प्रयास में 547वीं रैंक हासिल की है।
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कानपुर बर्रा-विश्वबैंक डी ब्लॉक निवासी हरगोविंद के बेटे राहुल कुमार सिंह ने भी सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की है। राहुल को 579 रैंक मिली है। पिता हरगोविंद आयकर विभाग में कर्मचारी नेता थे। अब रिटायर्ड हो चुके हैं। मां मीना देवी गृहिणी हैं।
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केरला के पलक्कड़ जिले में इपीएफओ के असिस्टेंट कमिश्नर पद पर तैनात शिवांशु राजपूत अब आईएएस बन गए हैं। शिवांशु यहां आजाद नगर के रहने वाले हैं। उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा 2018 में 463 रैंक हासिल की है। शिवांशु बताते हैं कि 2016 में यूपीएससी की असिस्टेंट कमिश्नर परीक्षा में उन्होंने 117वीं रैंक हासिल की थी।
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कानपुर पी रोड के शुभांग मिश्रा 184 रैंक हासिल कर आईपीएस बन गए हैं। सिविल सर्विसेज परीक्षा 2017 में उन्हें 291 रैंक मिली थी। तब वह आईआरएस बने थे। शुभांग आईआरएस बनने से पहले दो नौकरी छोड़ चुके हैं। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से 2009 में शुभांग ने 12वीं की पढ़ाई की।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2018 में सफलता हासिल करने वालों में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के सचिव विकास प्रकाश सिंह का भी नाम शामिल है। विकास ने तीसरे प्रयास में 547वीं रैंक हासिल की है।