Mahoba: प्रसूता को भर्ती न करने पर वकीलों का हंगामा, 10 हजार रुपये मांगने का आरोप, डीएम ने गठित की जांच समिति
जिला महिला अस्पताल में प्रसूता को भर्ती न करने पर अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। साथ ही, अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से भी शिकायत की। डीएम ने जांच के लिए समिति गठित की है।
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महोबा जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए अधिवक्ता की बहू को न भर्ती न करने पर वकीलों ने हंगामा किया। वकीलों ने 10 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम, एसपी व सीएमओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
डीएम मनोज कुमार ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। सुभाष नगर निवासी प्रशांत कुमार कचहरी में वकालत करते हैं। उनकी बहू पूजा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सोमवार की रात 9:30 बजे महिला जिला अस्पताल ले गए।
आरोप है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर व नर्स ने भर्ती करने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग की। परिचय बताने पर भर्ती करने से मना कर दिया और धक्का-मुक्की करते हुए अभद्रता की। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टॉफ ने पुलिस व अन्य लोगों को बुलाकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। प्रसूता को भर्ती न किए जाने पर परिजन उसे बांदा ले गए। मंगलवार को 50 से अधिक अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद में डीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह व सीएमओ डॉ. डीके गर्ग को भी शिकायती पत्र सौंपा। सीएमओ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है।