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सीपीसीबी से पहले यूपीपीसीबी करेगा सीईटीपी का निरीक्षण
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उन्नाव। सीईटीपी में अपग्रेडेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। सीईटीपी प्रबंधतंत्र ने इसकी रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रदूषण कार्यालय को भी दी है। जल्द ही यूपीपीसीबी(उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) सीईटीपी का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सीपीसीबी(केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) को देगा। जिसके बाद ही सीईटीपी को खोलने पर निर्णय लिया जा सकेगा। सीईटीपी प्रबंधतंत्र का दावा है कि उन्होंने अपग्रेडेशन का जरूरी काम पूरा कर लिया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल(एनजीटी) के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड(सीपीसीबी) ने जून माह में लगातार पांच दिन तक सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) दही चौकी व बंथर में पानी के उत्प्रवाह की जांच की थी। सीपीसीबी ने जांच रिपोर्ट एनजीटी को दी थी। रिपोर्ट में खामियां मिलने पर एनजीटी ने सीईटीपी से जुड़ी 41 टेनरियों को तब तक बंद करने के आदेश दिए थे जब तक खामियां दूर नहीं हो जाती।
एनजीटी के आदेश पर सीपीसीबी ने 41 टेनरियों में उत्पादन बंद करा दिया था। प्रदूषण के स्तर को सुधारने के लिए दोनों सीईटीपी में लगभग चार करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक जेट एसपीरेटर, फिल्टर बेल्ट प्रेस मशीन, ब्लोअर व सरफेश एरिएटर मशीन लगाई गई हैं। इन मशीनों के लगने के बाद सीईटीपी प्रबंधतंत्र ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपनी रिपोर्ट दे दी है।
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प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार जल्द सीईटीपी का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सीईटीपी के प्लांट में मौजूद बैक्टीरिया के घनत्व की जांच की जाएगी। जिसके बाद रिपोर्ट सीपीसीबी को दी जाएगी। सीपीसीबी अपने स्तर से सीईटीपी व बंद टेनरियों को खोलने का निर्णय लेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि प्रथम चक्र में यूपीपीसीबी व बाद में संयुक्त निरीक्षण होगा। जिसके बाद सीईटीपी को खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
आधुनिक मशीनों से दूर होगा प्रदूषण
सीईटीपी में अब जेट एसपीरेटर और सरफेस एरिएटर का प्रयोग होगा। जेट एसपीरेटर मशीन वातावरण से ऑक्सीजन को खींच कर बैक्टीरिया तक पहुंचाएगा। इससे बैक्टीरिया को जिंदा रखने में मदद मिल सकेगी। बैक्टीरिया ही बड़े टैंक में टेनरियों से आने वाले पानी को शुद्ध करने में मदद करता है। इसके अलावा सरफेस एरियटर टैंक में बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद करेगा। सरफेस एरिएटर टैंक से बाहर निकलने वाले बैक्टीरिया को दोबारा टैंक तक पहुंचाएगा। इसके अलावा फिल्टर बेल्ट प्रेस मशीन टैंक से निकलने वाले स्लज को सुखाएगी। अभी तक स्लज को सुखाने में एक सप्ताह से अधिक का समय लगता है। हालांकि नई मशीन एक दिन में स्लज को सुखा देगी।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल(एनजीटी) के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड(सीपीसीबी) ने जून माह में लगातार पांच दिन तक सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) दही चौकी व बंथर में पानी के उत्प्रवाह की जांच की थी। सीपीसीबी ने जांच रिपोर्ट एनजीटी को दी थी। रिपोर्ट में खामियां मिलने पर एनजीटी ने सीईटीपी से जुड़ी 41 टेनरियों को तब तक बंद करने के आदेश दिए थे जब तक खामियां दूर नहीं हो जाती।
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एनजीटी के आदेश पर सीपीसीबी ने 41 टेनरियों में उत्पादन बंद करा दिया था। प्रदूषण के स्तर को सुधारने के लिए दोनों सीईटीपी में लगभग चार करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक जेट एसपीरेटर, फिल्टर बेल्ट प्रेस मशीन, ब्लोअर व सरफेश एरिएटर मशीन लगाई गई हैं। इन मशीनों के लगने के बाद सीईटीपी प्रबंधतंत्र ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपनी रिपोर्ट दे दी है।
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प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार जल्द सीईटीपी का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सीईटीपी के प्लांट में मौजूद बैक्टीरिया के घनत्व की जांच की जाएगी। जिसके बाद रिपोर्ट सीपीसीबी को दी जाएगी। सीपीसीबी अपने स्तर से सीईटीपी व बंद टेनरियों को खोलने का निर्णय लेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि प्रथम चक्र में यूपीपीसीबी व बाद में संयुक्त निरीक्षण होगा। जिसके बाद सीईटीपी को खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
आधुनिक मशीनों से दूर होगा प्रदूषण
सीईटीपी में अब जेट एसपीरेटर और सरफेस एरिएटर का प्रयोग होगा। जेट एसपीरेटर मशीन वातावरण से ऑक्सीजन को खींच कर बैक्टीरिया तक पहुंचाएगा। इससे बैक्टीरिया को जिंदा रखने में मदद मिल सकेगी। बैक्टीरिया ही बड़े टैंक में टेनरियों से आने वाले पानी को शुद्ध करने में मदद करता है। इसके अलावा सरफेस एरियटर टैंक में बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद करेगा। सरफेस एरिएटर टैंक से बाहर निकलने वाले बैक्टीरिया को दोबारा टैंक तक पहुंचाएगा। इसके अलावा फिल्टर बेल्ट प्रेस मशीन टैंक से निकलने वाले स्लज को सुखाएगी। अभी तक स्लज को सुखाने में एक सप्ताह से अधिक का समय लगता है। हालांकि नई मशीन एक दिन में स्लज को सुखा देगी।