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50 से अधिक बोरियों में यहां रखे हैं 15 लाख कीमत के सिक्के, कुल वजन जानकर हो जाएंगे हैरान
Wed, 30 Jan 2019 07:52 PM IST
दुष्यंत शर्मा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 30 Jan 2019 07:52 PM IST
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थाने में रखे करोड़ों के सिक्के
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नोटो के बिस्तर के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा लेकिन बोरियों में भरे हुए लाखों की कीमत के सिक्कों के बारे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं जिनका वजह कई कुंतल है। पुलिस भी इन्हें हाथ लगाने से पहले सौ बार सोचती है। लाखों की कीमत के ये सिक्के पुलिस को एक बस से बरामद हुए थे जो दिल्ली जा रही थी।
14 माह पहले एक ट्रैवल्स एजेंसी की बस से पकड़े गए 15 लाख से अधिक के सिक्कों के मालिक के बारे में पता लगाने में पुलिस ने कोई रुचि नहीं दिखाई। सिक्कों को लादकर दिल्ली ले जाने वालों का कोई सुराग नहीं लगा सकी। पकड़ी गई बस को तो थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर चालक की सुपुर्दगी में छोड़ दिया था लेकिन सिक्के थानों के मालखाना में अभी भी असली मालिक के इंतजार में लावारिस पड़े हैं।
करीब 14 माह पूर्व 22 नवंबर 2017 को बकेवर थाना पुलिस ने बकेवर बाईपास हाईवे पर कानपुर से दिल्ली जा रही एक ट्रैवल्स की डग्गामार बस को पकड़ा था। बस में सवारियों के अलावा 50 से अधिक बोरियों में एक रुपये से लेकर दस रुपये तक के सिक्के बरामद हुए थे। सिक्के 15 लाख 39 हजार रुपये के थे। इनका कुल वजन 31 क्विंटल 51 किग्रा था। जो दिल्ली ले जाए जा रहे थे।
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14 माह पहले एक ट्रैवल्स एजेंसी की बस से पकड़े गए 15 लाख से अधिक के सिक्कों के मालिक के बारे में पता लगाने में पुलिस ने कोई रुचि नहीं दिखाई। सिक्कों को लादकर दिल्ली ले जाने वालों का कोई सुराग नहीं लगा सकी। पकड़ी गई बस को तो थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर चालक की सुपुर्दगी में छोड़ दिया था लेकिन सिक्के थानों के मालखाना में अभी भी असली मालिक के इंतजार में लावारिस पड़े हैं।
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करीब 14 माह पूर्व 22 नवंबर 2017 को बकेवर थाना पुलिस ने बकेवर बाईपास हाईवे पर कानपुर से दिल्ली जा रही एक ट्रैवल्स की डग्गामार बस को पकड़ा था। बस में सवारियों के अलावा 50 से अधिक बोरियों में एक रुपये से लेकर दस रुपये तक के सिक्के बरामद हुए थे। सिक्के 15 लाख 39 हजार रुपये के थे। इनका कुल वजन 31 क्विंटल 51 किग्रा था। जो दिल्ली ले जाए जा रहे थे।
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थाना पुलिस ने बरामद सिक्कों के मामले में बस के चालक अमरजीत सिंह पुत्र इकबाल सिंह निवासी अरुणा नगर, सिविल लाइन नई दिल्ली, हेल्पर सुनील कुमार पुत्र राजेश प्रसाद निवासी रेउषा थाना नंदगंज, गाजीपुर व बस मालिक विनोद कुमार चौधरी निवासी सुजती, बागपत हाल पता 94 खन्ना मार्केट तीस हजारी कोर्ट दिल्ली व हंस ट्रैवल्स फजलगंज कानपुर के दो संचालक पुलकित व अभिषेक नाम पता अज्ञात के विरुद्ध मुद्रा संचालन अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया था।
बस के चालक अमरजीत व हेल्पर सुनील को पुलिस ने जेल भेज दिया था। मामले में नामजद तीन आरोपी आज तक फरार हैं। मामले की विवेचना तत्कालीन कस्बा इंचार्ज बिजेंद्र शर्मा द्वारा की गई थी। लेकिन पुलिस सिक्कों के असली मालिक तक आज तक नहीं पहुंची।
बताते हैं कि इस घटना के कुछ माह बाद कानपुर महानगर के फजलगंज के उक्त स्थान के ट्रैवल्स को संचालक ने बंद कर दिया। सीओ भरथना विकास जायसवाल से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। शेष आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सिक्कों के असली मालिक का पता लगा जा रहा है।
बस के चालक अमरजीत व हेल्पर सुनील को पुलिस ने जेल भेज दिया था। मामले में नामजद तीन आरोपी आज तक फरार हैं। मामले की विवेचना तत्कालीन कस्बा इंचार्ज बिजेंद्र शर्मा द्वारा की गई थी। लेकिन पुलिस सिक्कों के असली मालिक तक आज तक नहीं पहुंची।
बताते हैं कि इस घटना के कुछ माह बाद कानपुर महानगर के फजलगंज के उक्त स्थान के ट्रैवल्स को संचालक ने बंद कर दिया। सीओ भरथना विकास जायसवाल से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। शेष आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सिक्कों के असली मालिक का पता लगा जा रहा है।