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Nikay Chunav 2023: कानपुर, बांदा समेत 10 जिलों में हुआ मतदान, प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद

Thu, 11 May 2023 11:50 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 11 May 2023 11:50 PM IST
सार

UP Nikay Chunav Municipal Election 2023, Voting Percentage: नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार को कानपुर, चित्रकूट, बांदा, कन्नौज, औरैया, महोबा, इटावा, हमीरपुर, फर्रूखाबाद, और कानपुर देहात में मतदान हुए। इसके साथ ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया।

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UP Nikay Chunav 2023: Kanpur Nagar Municipal Election, Voting in Farrukhabad, Etawah, Kannauj
निकाय चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निकाय चुनाव में इस बार मतदान निराशाजनक रहा। कुल 42.64 फीसदी मतदान हुआ। यह प्रतिशत पिछली बार 2017 में हुए चुनाव से 2.8 प्रतिशत कम है। इस बीच मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम गायब रहे। मतदान प्रतिशत कम होने की यह भी प्रमुख वजह बताई जा रही है। मतदाता सूची में लोगों के नाम गायब होने की शिकायत अधिकांश मतदान केंद्रों से मिली हैं। जबकि पिछले एक वर्ष से मतदाता सूची बनाने का काम चला।
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इसी तरह मतदान के दौरान 300 से अधिक ईवीएम मशीनें खराब रहीं। जिससे कई जगहों पर मतदान रुका रहा तो कहीं मतदान की शुरुआत ही नहीं हो पाई। सुबह सात बजे से शाम के छह बजे तक 530 मतदान केंद्रों के 1834 बूथों पर वोट डाले गए। इसमें नगर निगम क्षेत्र में मतदान प्रतिशत 41.86 रहा, जो पिछली बार की अपेक्षा 44.28 प्रतिशत था। महानगर में सबसे ज्यादा मतदान का प्रतिशत बिठूर नगर पंचायत में 73.45 प्रतिशत रहा।
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इसके बाद शिवराजपुर, घाटमपुर और सबसे कम बिल्हौर में मतदान हुआ। मतदान कम होने की दूसरी वजह यह भी है कि मतदान पर्चियां भी लोगों के पास नहीं पहुंच पाईं। जिससे लोग असमंजस की वजह से वोट डालने नहीं जा सके। नगर निगम समेत महानगर के सभी पांच निकायों में 22.87 लाख मतदाता हैं। मतदान के लिए नगर निगम क्षेत्र में 1752 बूथ बनाए गए थे।
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जबकि घाटमपुर, बिल्हौर, बिठूर और शिवराज में कुल 82 बूथों पर मतदान डाले गए। इस तरह कुल 1834 बूथों पर वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस बीच ईवीएम मशीनों की खराबी की वजह से मतदान में दिक्कतें आई। शास्त्री नगर, विजयनगर के दो वार्डों में कई परिवारों के नाम एक साथ गायब मिले। यही स्थिति पूरे शहर में रही। यहां तक कि बिल्हौर से भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर वह उनकी पत्नी का नाम भी नहीं मिला।

बढ़ता रहा पारा कम होता गया मतदान
मतदान शुरू होने के समय सुबह सात बजे से लेकर दोपहर तक मतदाताओं में उत्साह देखा गया। इस दौरान धूप भी धीरे-धीरे तेज होने लगी। इस बीच जैसे जैसे पारा चढ़ता गया लोगों की संख्या बूथों से गायब होने लगी। सुबह से लेकर दाेपहर 12 बजे तापमान 20 डिग्री से शुरू होकर 32.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। करीब दो बजे दिन अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इस बीच पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं भी चलीं।

ऐसे लग रहा था जैसे लू चल रही है। दिन में करीब एक बजे से लेकर तीन बजे के बीच मतदान उन जगहों पर बहुत कम रहा, जहां पर लोगों को धूप में मतदाताओं को लाइन लगानी पड़ रही थी। तीन बजे के बाद से फिर बूथों पर मतदाता जुटने लगे। लेकिन मतदान प्रतिशत को पिछली बार के प्रतिशत तक नहीं पहुंचा सके। निर्वाचन विभाग के के आंकड़ों के अनुसार दिन में एक बजे से तीन बजे तक महज 9.02 परसेंट ही वोट डाले गए। तीन बजे से शाम पांच बजे तक एक बार वोटिंग का परसेंटेज कम हुआ।

इस बीच सिर्फ 7.46 फीसदी मतदान पड़ा। जबकि आखिरी के एक घंटे में छह बजे तक 2.94 प्रतिशत वोट पड़े। पता चला है कि एक बजे के बाद से लेकर तीन बजे के बीच कई बूथों पर विवाद और मारपीट की खबरें सोशल मीडिया पर चलने की वजह से भी जो लोग वोट देने के लिए तैयार थे, वे भी रुक गए। इससे भी मतदान प्रतिशत पर असर पड़ा। सांसद सत्यदेव पचौरी ने भी मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों का नाम गायब होने पर प्रशासन पर सवाल उठाया है।

एक नजर में जानें मतदान प्रतिशत
नगर निगम- 41.86
बिल्हौर- 68.00
घाटमपुर- 63.80
बिठूर- 73.45
शिवराजपुर- 73.00
कुल- 42.64
 

महोबा 507 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में कैद
महोबा जिले की पांच नगर निकायों में अध्यक्ष की पांच सीटों के लिए 48 व सभासद की 90 सीटों के लिए 459 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला गुरुवार को मतपेटियों में कैद हो गया। 13 मई को मतगणना बाद जनादेश आएगा। राजनीति के गणितज्ञों ने जीत-हार के कयास लगाने शुरू कर दिए हैं।

महोबा नगर पालिका में अध्यक्ष पद की एक सीट के लिए 12 जबकि सभासद की 25 सीटों के लिए 141 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में कैद हुआ है। चरखारी नगर पालिका में अध्यक्ष पद की एक सीट के लिए सात जबकि सभासद की 25 सीटों के लिए 123 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में कैद हुई है। नगर पंचायत कबरई में अध्यक्ष पद की एक सीट के लिए 10 जबकि सभासद पद की 15 सीटों के लिए 87 प्रत्याशियों, नगर पंचायत खरेला में अध्यक्ष पद की एक सीट के लिए सात जबकि सभासद पद की 12 सीटों के लिए 37 प्रत्याशियों और नगर पंचायत कुलपहाड़ में अध्यक्ष पद की एक सीट के लिए 12 जबकि सभासद की 13 सीटों के लिए 71 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों मे कैद हुआ है।

कानपुर देहात में मतदाताओं ने दिखाया जोश, 67.37 फीसदी पड़े वोट
कानपुर देहात जिले की दो नगर पालिका और 11 नगर पंचायतों के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। अफसर लगातार मतदान केंद्रों का भ्रमण करते रहे। डीएम ने मतदान केंद्र की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की। समय खत्म होने पर जिले में 67.37 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया। पिछली बार की तुलना में यह 1.42 फीसदी अधिक रहा। झींझक व पुखरायां नगर पालिका परिषद और सात पुरानी और चार नई नगर पंचायतों में अध्यक्ष और 190 वार्ड सदस्यों के लिए गुरुवार की सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। जिले के 130 मतदान केंद्रों के 288 मतदेय स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान की शुरुआत हुई। मतदान करने पहुंचने वाले मतदाताओं की जांच गेट पर लगे पुलिस कर्मियों ने की। मतदाताओं को मोबाइल मतदेय स्थल पर नहीं जाने दिया गया।

सुबह के समय मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कई मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की लंबी कतार लग गई। महिला और पुरुष मतदाताओं की अलग अलग लाइन लगाई गई। युवा मतदाताओं में जहां उत्साह रहा वहीं, 80 से 90 वर्ष के बुजुर्ग मतदाता भी पीछे नहीं रहे। बुजुर्ग मतदाता परिजनों के सहयोग से मतदेय स्थल पर पहुंचे। कुछ परिजन निशक्त बुजुर्ग मतदाताओं को कंधे व गोद में लेकर भी मतदेय स्थल पर लेकर पहुंचे। यहां कार्मिकों ने इन मतदाताओं को पहले मतदान कराया। शहर की सरकार बनाने के लिए महिलाएं भी आगे आईं।

दिव्यांग भी ह्वील चेयर, बैसाखी या फिर परिजनों का सहारा लेकर पहुंचे और मतदान किया। दोपहर में धूप के चलते मतदान में सुस्ती रही। दोपहर दो बजे के आसपास मतदान केंद्रों पर भीड़ कम हो गई। हालांकि शाम होने पर फिर से मतदाताओं में सुबह वाला जोश नजर आया। कई बूथों पर लंबी कतारे देखी गई। वर्ष 2017 में हुई निकाय चुनाव में 65.95 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार मतदान 67.37 फीसदी रहा। यह पिछली बार की तुलना में 1.42 फीसदी अधिक रहा। जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा जैन ने बताया कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार अधिक मतदान हुआ है।

64.60 फीसदी मतदान कर प्रथम श्रेणी में पास हुई इत्रनगरी

कन्नौज में तपती दुपहरी, गर्म हवा के थपेड़ों और शिद्दत की गर्मी के बीच अपना जिला लोकतंत्र की परीक्षा में प्रथम श्रेणी में पास हो गया है। सुबह सात से शाम छह बजे तक हुई वोटिंग के दौरान जिले भर में 64.60 फीसदी वोट पड़े। जिले की तीन नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में शाम तक 64.60 फीसदी वोट पड़ा। इसमें सर्वाधिक समधन 75 फीसदी से अधिक रहा जबकि सबसे कम कन्नौज नगर पालिका 60.29 फीसदी मतदान रहा। इसके अलावा अन्य में 60 फीसदी से अधिक रहा।

नगर निकाय के पहले चरण के चुनाव के दौरान दूसरे जिलों में काफी कम मतदान हुआ था। कम मतदान ने प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी थी। जागरूकता अभियान की कोशिश के बावजूद कम मतदान की आई खबर ने यहां सभी को पसोपेश में डाल दिया था। हालांकि प्रशासन के अलावा सामाजिक संगठन, शिक्षण संस्थान ने भी समय-समय पर लोगों को ज्यादा से ज्यादा वोटिंग करने की कारगर अपील की थी। वर्ष 2017 में हुई बंपर वोटिंग का भी हवाला दिया गया था। सभी की कोशिश का सार्थक नतीजा रहा कि दिन में गर्मी की वजह कर कुछ धीमा हुआ मतदान का ग्राफ शाम होते-होते तेज हो गया। तय समय पर वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने तक अपना जिला 64.60 वोटिंग के साथ फर्स्ट डिवीजन से कामयाब हो गया।

अच्छी वोटिंग से चहका प्रशासनिक अमला
ज्यादा संख्या में हुई वोटिंग से प्रशासनिक अमला ने राहत की सांस ली है। सभी ने एकदूसरे को इसके लिए बधाई दी है। डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि यह सभी की कामयाब कोशिश का ही नतीजा है। गर्मी के बावजूद लोग घरों से निकले और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि लोगों को बेखौफ होकर वोट डालने की अपील की गई थी। कहीं कोई खुराफात न करे, इसके लिए काफी समय से कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा था। सभी की कोशिश से अच्छा नतीजा आया है।

हमीरपुर में सात निकायों में 66.90 फीसदी हुआ मतदान
सातो नगर निकायों में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न् हुआ। दूसरे चरण में जिले की तीन नगर पालिका व चार नगर पंचायतों के लिए गुरुवार को वोट डाले गए। मतदान प्रतिशत कुल 66.90 फीसदी रहा। चुनावी समर में सात अध्यक्ष पदों के लिए 100 व 123 पदों के 829 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे है। मतदाताओं ने कुल 929 प्रत्याशियों की किस्मत को मतपेटियों में कैद कर दिया है। अब इस पूरी कवायद का पिटारा 13 मई को खुलेगा। जिले में सबसे अधिक मतदान 85.64 गोहांड नगर पंचायत व सबसे कम 62.43 फीसदी नपा हमीरपुर का रहा।

छिटपुट तनातनी को छोड़कर पूरे जिले में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी बूथों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी सुबह से ही मतदान केंद्रों का जायजा लेते रहे। जिलाधिकारी डा. चंद्रभूषण व एसपी डा. दीक्षा शर्मा ने कई मतदान केंद्रों को भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं आईजी प्रयागराज चंद्रप्रकाश व एडीजी भानू भास्कर ने भी बूथों पर पहुंच सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही संबंधितों को जरुरी दिशा निर्देश दिए।

चुनाव के शुरुआती घंटों में मतदान की स्थिति धीमी रही। इस दौरान राठ निकाय को छोड़कर अधिकतर निकायों में दस फीसदी या उससे कम वोटिंग ही हुई थी। सुबह सात बजे से नौ बजे तक पूरे जिले में कुल 10.59 फीसदी मतदान ही हो सका। नौ बजे के बाद सभी निकायों में मतदान में तेजी आई। जहां सबसे अधिक गोहांड नगर पंचायत में सुबह नौ से 11 बजे तक 38.33 फीसदी मतदान हुआ। जबकि सबसे कम सुमेरपुर नगर पंचायत का 20.92 फीसदी ही पहुंच सका। वहीं 11 बजे के बाद सभी निकायों में मतदान में और तेजी आई और मतदान स्थलों पर कतारें लग गई। मतदाताओं में उत्साह इस कदर हावी रहा कि कई बूथों पर मतदान छह बजे के बाद भी चलता रहा।

नपा हमीरपुर में 40705 में से 25411 मतदाताओं ने वोट किया। वहीं नपा राठ में 56111 में 39151 ने, नपा मौदहा में 40841 में से 26818 ने, नपं कुरारा में 11877 में से 8099 ने, सुमेरपुर में 36886 में से 23566 ने, सरीला में 7719 में से 5670 व गोहांड में 6172 में से 5286 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हमीरपुर में 62.43 फीसदी मतदान हुआ। वहीं मौदहा में 65.66, राठ में 69.77, नपं कुरारा में 68.19, सुमेरपुर में 63.89, सरीला में 73.46 व गोहांड में 85.64 फीसदी मतदान हुआ। सभी निकायों में कुल 106390 पुरुषों के सापेक्ष 71239 ने वोट डालें। वहीं कुल 93921 महिला मतदाताओं के सापेक्ष 62762 ने मतदान किया। 66.96 पुरुषों व 66.82 फीसदी महिलाओं ने मतदान में भाग लिया।

फर्रुखाबाद में मतदाताओं में दिखा जोश, 62.84 फीसदी पड़े वोट

फर्रुखाबाद जनपद में निकाय चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार को मतदान हुआ। मतदान की इस परीक्षा को जिले के मतदाताओं ने जोश दिखाकर प्रथम श्रेणी में पास कर लिया। जिले के नौ निकायों में कुल 62.84 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

जनपद के नौ निकाय क्षेत्रों में दो नगर पालिका और सात नगर पंचायतें हैं। सुबह धीमी रफ्तार के साथ मतदान की शुरुआत हुई। दिन चढ़ने के साथ मतदाताओं का जोश भी बढ़ता गया। नगर पालिका फर्रुखाबाद में अध्यक्ष पद पर सीधी सरकार की नजर है। इसके बावजूद यहां सबसे कम 49.81 प्रतिशत मतदान हो सका। जबकि नवसृजित नगर पंचायत नवाबगंज में सर्वाधिक 75.28 प्रतिशत मतदान किया गया। यहां अध्यक्ष पद पर सर्वाधिक 35 प्रत्याशी भी मैदान में हैं। वहीं नगर पालिका कायमगंज में 65.85 प्रतिशत, नगर पंचायत मोहम्मदाबाद में 66.23 प्रतिशत, कमालगंज में 60.16 प्रतिशत, कंपिल में 68.50 प्रतिशत, शमसाबाद में 67.10 प्रतिशत, मतदान हुआ। नवसृजित नगर पंचायत संकिसा बसंतपुर में 61.35 प्रतिशत व खिमसेपुर में 51.29 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिले के सभी नौ निकायों में औसतन मतदान 62.84 प्रतिशत रिकार्ड किया गया।
 

इटावा में 53.76 प्रतिशत मतदान, पिछली बार से .6 प्रतिशत कम पड़े वोट
नगर निकाय चुनाव में इस बार इटावा जिले के लोग 53.76 प्रतिशत मतदान करके भी .6 प्रतिशत पिछड़ गए। 2017 में जिले के लोगों ने 53.82 प्रतिशत मदान किया था। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि यह प्रतिशत शुक्रवार कुछ संशोधन के बाद बढ़ सकता है। निर्वाचन आयोग ओर प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद मतदान प्रतिशत में कोई बढ़ोतरी नहीं हो सकी। सुबह से लोगों के मतदान केंद्रों के पहुंचने का सिलसिला तो शुरू हो गया था, लेकिन दोपहर कड़ी धूप ने लोगों के कदम रोक दिए।

इससे दोपहर में मतदान की रफ्तार धीमी हो गई। हालांकि शाम को चार से छह के बीच बचे हुए लोगों ने अपने मतों का प्रयोग करने का प्रयास किया। इसके बावजूद 2017 की अपेक्षा .6 प्रतिशत कम मतदान हो सका। इटावा नगर पालिका के लोग पिछली बार की तरह इस बार भी फिसड्डी रह गए। पिछली बार 49.98 प्रतिशत मदान हुआ, जबकि इस बार उससे भी कम सिर्फ 49.86 प्रतिशत ही मतदान हो सका। वहीं नगर पंचायतों इस बार भी बेहतर प्रदर्शन किया है। इस बार बकेवर नगर पंचायत के लोग 69.14 प्रतिशत मदान के साथ अव्वल रहे।

भरथना में बढ़ा मतदान प्रतिशत
भरथना 2017 में तीनों नगर पालिकाओं में दूसरे स्थान पर रहा था। तब यहां के लोगों ने 59.6 प्रतिशत मतदान किया था, जबकि इस बार इससे बढ़कर 59.77 प्रतिशत मतदान करके नगर पालिकाओं में पहला स्थान हासिल किया है। इटावा और जसवंतनगर पालिका में इससे कम मतदान प्रतिशत रहा है।

जसवंतनगर में पिछड़े मतदता
जसवंतनगर नगर पालिका के लोग इस बार पिछड़ गए हैं। वह पिछली बार तीनों नगर पालिकाओं में 61.45 प्रतिशत अंक पाकर पहले स्थान पर रहे थे, लेकिन इस बार सिर्फ 58.52 प्रतिशत लोगों ने वोट किए। 2.93 प्रतिशत कम मतदान के साथ इस बार क्षेत्र नगर पालिकाओं में दूसरे स्थान पर रह गया है।

नगर पंचायतों में बकेवर ने मारी बाजी
तीनों नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में इस बार बकेवर अव्वल रहा है। बकेवर में इस बार 69.14 प्रतिशत मतदान करके पहला स्थान बनाया है। 2017 में इस पंचायत के लोगों ने 64.25 प्रतिशत मतदान किया था। वहीं लखना पिछली बार 69.51 प्रतिशत मदान करके पहले स्थान पर रहा था। इस बार यहां 67.15 मतदान के साथ 2.36 प्रतिशत पिछड़ गए हैं। वहीं इकदिल में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ा है। यहां इस बार 65.36 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि 2017 में 64.97 प्रतिशत मतदान हुआ था।

चित्रकूट में 60.47 फीसदी मतदान
चित्रकूट जिले की चार नगर निकाय की सीटों पर भीषण गर्मी व उमस के बीच मतदान छिटपुट घटनाओं के बीच सकुशल संपन्न हुआ। पहली बार नगर निकाय का दर्जा पाने वाले मऊ क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी व निर्दल प्रत्याशी के बीच जमकर विवाद हुआ। मारपीट की नौबत तक आई लेकिन पुलिस टीम ने आकर स्थिति संभाल ली। दोनों प्रत्याशियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कुल मतदान 60.47 प्रतिशत हुआ। इसमें सबसे ज्यादा मऊ में 69.47 प्रतिशत, राजापुर 62.20, मानिकपुर में 59.10 व कर्वी शहर में 50.9 प्रतिशत रहा। 2017 में 65.11 प्रतिशत की तुलना में मतदान का प्रतिशत रिकार्ड इस बार नहीं टूट पाया है।

गुरुवार को नगर निकाय के चुनाव के मतदान को लेकर सुबह से बूथों पर मतदाताओं की भीड़ जुटने लगी। शुरुआत के चार घंटे 11 बजे तक सभी चारों स्थानों पर मतदान का प्रतिशत तेजी से बढ़ा जो बाद में दोपहर को तीन बजे तक मतदान धीमा हुआ। शाम को फिर से मतकेंद्रों में भीड़ बढी इसका नतीजा रहा कि कई स्थानों पर देर शाम सात बजे तक मतदान हुआ। मऊ में भाजपा प्रत्याशी अमित द्विवेदी व निर्दल संदीप त्रिपाठी के बीच फर्जी मतदान कराने को लेकर विवाद हुआ। इसकी जानकारी होते ही पुलिस टीम पहुंची और मारपीट की नौबत आने के पहले ही स्थिति संभाल ली। एसपी वृंदा शुक्ला के निर्देश पर थाना प्रभारी राजीव सिंह ने दोनों पक्ष से गाली गलौज, धमकी व मतदान के दौरान अशांति फैलाने का प्रयास करने की रिपोर्ट दर्ज की है। शहर के तरौंहा व राजापुर में कई बार फर्जी मतदान कराने और वोटर लिस्ट में नाम न होने को लेकर प्रत्याशियों व मतदाताओं ने विरोध दर्ज कराया। बूथों में पैड में स्याही न होने और छांव की व्यवस्था न होने की शिकायतें रहीं। प्रेक्षक राजेश पांडेय के अलावा डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला लगातार सभी स्थानों पर मतदान का जायजा लेते रहे।

नगर पालिका चित्रकूटधाम कर्वी में मतदान प्रतिशत पहले ही घंटे में अन्य नगर निकाय मऊ, राजापुर व मानिकपुर की अपेक्षा धीमा रहा जो अंततक क्रम बना रहा। 2017 के चुनाव में जिले में कुल 65.11 प्रतिशत मतदान हुआ था लेकिन इस बार यह रिकार्ड नहीं टूट सका और प्रतिशत 60.47 पर अटक गया। अलग अलग स्थानों की तुलना में कर्वी में 2017 में 59.07 प्रतिशत मतदान था इस बार यह प्रतिशत घटकर 50.9 पर आ गया। इसी प्रकार मानिकपुर 67.72 की जगह 59.10 प्रतिशत व राजापुर 68.55 की जगह 62.20 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया।

बांदा में 57.25 वोटिंग, पहले से 6.39 फीसदी कम पड़े वोट
बांदा जिले की दो नगर पालिका और नगर पंचायतों में हुए निकाय चुनाव में इस बार सिर्फ 57.25 फीसदी वोट पड़े हैं। जो पिछली बार के निकाय चुनाव से 6.39 फीसदी कम है। ओरन नगर पंचायत में सबसे अधिक 75.74 फीसदी और सबसे कम वोटिंग बांदा शहर में 54.52 फीसदी हुई है।फिलहाल 41 डिग्री की तपिश के बीच वोटर घरों में दुबके रहे। जिन्हें निकालने में ना तो राजनीतिक दल कामयाब हुए न ही जिला प्रशासन की मतदान बढ़ाने की कावयदें खास असरदार साबित हुईं। इसके चलते मतदान का प्रतिशत कम हुआ।

जिले की दो नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। जो कि शाम छह बजे तक चला। शाम साढ़े सात बजे फाइनल आंकड़े जारी किए। इसमें बांदा जिले में कुल मतदान का प्रतिशत 57.25 फीसदी रहा है। जो पिछली बार से कम है। इसकी वजह तेज धूप और अधिकतर मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं के लिए छाया की व्यवस्था नहीं होने की चर्चा है। इस बार बांदा में 1,39,287 वोटरों में से 76010 लोगों ने वोट डाले, अतर्रा में 37677 में से 22117, मटौंध में 8875 में से 5481 ने, तिंदवारी में 10344 में से 7366 ने, बबेरू में 25808 में से 13345 ने, नरैनी में 14843 में से 9237 ने ओरन में 6010 में से 4552 ने , बिसंडा में 10926 में से 7280 मतदाताओं ने ही वोट डाले।

औरैया में सात निकायों में 62.56 फीसदी हुआ मतदान
औरैया जिले की एक नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में गुरुवार को 62.56 प्रतिशत मतदान हुआ। यह मतदान प्रतिशत पिछले बार की अपेक्षा छह फीसदी कम रहा। वर्ष 2017 के चुनाव में 68.11 फीसदी मतदान रहा था।
निकाय चुनाव के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। सातों निकाय में 179550 मतदाताओं में 112327 ने मतदान किया। शुरुआत दौर में कई निकायों में वोटिंग का प्रतिशत कम रहा। हालांकि जैसे जैसे मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ बढ़ी वैसे ही मतदान प्रतिशत भी बढ़ा। दोपहर 11 बजे तक मतदान केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी रहीं। दोपहर 12 बजे से दो बजे तक चटक धूप होने के कारण बूथों पर सन्नाटा रहा।

इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए पिंक बूथ, सेल्फी प्वाइंट बनाए गए। इसके बाद भी पिछले बार का आंकड़ा नहीं पार हो सका।

606 प्रत्याशियों के भाग्य फैसला मतपेटियों में बंद
निकाय चुनाव में किस्मत आजमाने वाले अध्यक्ष पद के 80 प्रत्याशियों और 526 सभासदों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया। मतदाताओं ने किसके सिर जीत का सेहरा बांधा और किसे नकार दिया, इसकी जानकारी अब आगामी 13 मई को होने वाली मतगणना में पता चलेगी।

जिले के एक नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में 80 प्रत्याशी मैदान में थे। इन निकायों के 104 वार्ड में 526 सभासद के प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। गुरुवार शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सील करके कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मतणगना स्थल पर बने स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया है।

कुछ केंद्रों पर मतदाता देर से पहुंचे इसके चलते लंबी लाइन लगी रही। इस कारण से पोलिंग पार्टियां देर शाम तक प्रपत्रों का मिलान करती रहीं। सातों निकाय के लिए तीनों तहसील के चार मतगणना स्थल पर स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। इनमें सभी मतपेटियों को वहां रखवा गया है। इनकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक केंद्र पर 24 घंटे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
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