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यूपी: गांव-गांव चलेगा केडीए वीसी का नया गांव मॉडल, लखनऊ में सीएम योगी के सामने करेंगे पेश
Tue, 31 Aug 2021 09:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 31 Aug 2021 09:57 AM IST
सार
इस मॉडल की परिकल्पना उन्होंने दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से ली। जैसे वहां नई दिल्ली और नवी मुंबई विकसित की गई, इसी तर्ज पर उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर 26 परिवारों के लिए नई टाउनशिप विकसित की।
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केडीए, कानपुर
विस्तार
लखीमपुर खीरी में सीडीओ के पद पर तैनाती के दौरान केडीए वीसी अरविंद सिंह द्वारा महानगरों की तर्ज पर विकसित नया गांव मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। एक सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में होने वाले पीएम एवं सीएम आवास गृहप्रवेश व चाभी वितरण समारोह में केडीए वीसी को टाउनशिप मॉडल के प्रस्तुतिकरण के लिए आमंत्रित किया गया है।
लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान अरविंद सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर टाउनशिप बनवाई थी। गृहप्रवेश कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों को उनके आवासों की चाभी सौंपी, जिसे शासन स्तर पर सराहा गया।
इस मॉडल की परिकल्पना उन्होंने दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से ली। जैसे वहां नई दिल्ली और नवी मुंबई विकसित की गई, इसी तर्ज पर उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर 26 परिवारों के लिए नई टाउनशिप विकसित की।
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अब सरकार ने उनके इस मॉडल को प्रदेश के सभी गांवों में लागू करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री समेत सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों के सामने प्रस्तुतिकरण देकर वह मॉडल की खासियतें बताएंगे। इसे केडीए वीसी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान अरविंद सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर टाउनशिप बनवाई थी। गृहप्रवेश कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों को उनके आवासों की चाभी सौंपी, जिसे शासन स्तर पर सराहा गया।
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इस मॉडल की परिकल्पना उन्होंने दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से ली। जैसे वहां नई दिल्ली और नवी मुंबई विकसित की गई, इसी तर्ज पर उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर 26 परिवारों के लिए नई टाउनशिप विकसित की।
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अब सरकार ने उनके इस मॉडल को प्रदेश के सभी गांवों में लागू करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री समेत सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों के सामने प्रस्तुतिकरण देकर वह मॉडल की खासियतें बताएंगे। इसे केडीए वीसी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गांव से अलग बसाया सुविधा संपन्न गांव
केडीए वीसी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्के मकान दिए जाते थे, लेकिन काफी खर्च के बाद भी गांवों का नियोजित विकास नहीं हो पाता था। दिल्ली के बाद नई दिल्ली या मुंबई के बाद नवी मुंबई की तर्ज पर गांवों के बाहर कभी कोई नया गांव सुनियोजित तरीके से विकसित नहीं किया गया।
लखीमपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और 30 अन्य योजनाओं को शामिल कर संयुक्त योजना का मॉडल तैयार किया। इसके तहत जिले के लंदनपुर ग्रंट गांव के 26 परिवारों को विकास प्राधिकरण की तर्ज पर टाउनशिप में आवास देने के साथ 30 अन्य सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराईं। खास बात यह है कि इसके लिए उन्होंने न तो शासन से अतिरिक्त धनराशि मांगी और न ही कोई जन सहयोग लिया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ये सुविधाएं
केडीए वीसी के मुताबिक, लंदनपुर ग्रंट गांव में आवासीय जमीन का पट्टा कर पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को व्यक्तिगत आवास का निशुल्क आवंटन किया गया। साथ ही पानी की टंकी के जरिये हर घर को जलापूर्ति समेत बिजली कनेक्शन, कॉलोनी का अलग ट्रांसफार्मर, 26 व्यक्तिगत शौचालय, 26 व्यक्तिगत कंपोस्ट पिट, पशुओं को बांधने के लिए 26 शेड, सभी को गोवंश, सार्वजनिक पार्क, मनरेगा से ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, पाथवे, मंदिर, पोखर, लाभार्थी परिवारों की महिलाओं का समूह, स्वयं सहायता समूह के लिए कार्यालय व स्टोर, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, पक्की नालियां, कूड़ा प्रबंधन, मार्ग प्रकाश, हैंडपंप, गेट और कोविड वैक्सीनेशन की निशुल्क सुविधाएं दी गईं।
केडीए वीसी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्के मकान दिए जाते थे, लेकिन काफी खर्च के बाद भी गांवों का नियोजित विकास नहीं हो पाता था। दिल्ली के बाद नई दिल्ली या मुंबई के बाद नवी मुंबई की तर्ज पर गांवों के बाहर कभी कोई नया गांव सुनियोजित तरीके से विकसित नहीं किया गया।
लखीमपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और 30 अन्य योजनाओं को शामिल कर संयुक्त योजना का मॉडल तैयार किया। इसके तहत जिले के लंदनपुर ग्रंट गांव के 26 परिवारों को विकास प्राधिकरण की तर्ज पर टाउनशिप में आवास देने के साथ 30 अन्य सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराईं। खास बात यह है कि इसके लिए उन्होंने न तो शासन से अतिरिक्त धनराशि मांगी और न ही कोई जन सहयोग लिया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ये सुविधाएं
केडीए वीसी के मुताबिक, लंदनपुर ग्रंट गांव में आवासीय जमीन का पट्टा कर पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को व्यक्तिगत आवास का निशुल्क आवंटन किया गया। साथ ही पानी की टंकी के जरिये हर घर को जलापूर्ति समेत बिजली कनेक्शन, कॉलोनी का अलग ट्रांसफार्मर, 26 व्यक्तिगत शौचालय, 26 व्यक्तिगत कंपोस्ट पिट, पशुओं को बांधने के लिए 26 शेड, सभी को गोवंश, सार्वजनिक पार्क, मनरेगा से ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, पाथवे, मंदिर, पोखर, लाभार्थी परिवारों की महिलाओं का समूह, स्वयं सहायता समूह के लिए कार्यालय व स्टोर, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, पक्की नालियां, कूड़ा प्रबंधन, मार्ग प्रकाश, हैंडपंप, गेट और कोविड वैक्सीनेशन की निशुल्क सुविधाएं दी गईं।