{"_id":"6898d593be1d497d390a853e","slug":"up-flood-wreaks-havoc-in-five-districts-youth-washed-away-in-water-in-farrukhabad-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: पांच जिलों में बाढ़ का कहर, फर्रुखाबाद में युवक पानी में बहा, यहां हालात गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: पांच जिलों में बाढ़ का कहर, फर्रुखाबाद में युवक पानी में बहा, यहां हालात गंभीर
Sun, 10 Aug 2025 10:55 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 10 Aug 2025 10:55 PM IST
सार
बांधों से लगातार पानी छोड़ जाने से फर्रुखाबाद, कन्नौज व हरदोई में हालात गंभीर हैं। फतेहपुर में 18 गांवों पर खतरा है। उन्नाव के परियर में पानी घरों के बाहर तक पहुंचा।
विज्ञापन
मोटरवोट से एनडीआरएफ की टीम के साथ बाढ़ क्षेत्रों का जायजा लेते डीएम, एसपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा किनारे बसे पांच जिलों में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति भयावह होती जा रही है। कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। फर्रुखाबाद के कंपिल क्षेत्र में साइकिल से ससुराल जा रहा युवक बाढ़ के पानी में बह गया। काफी देर बाद गोताखाेरों ने उसका शव बाहर निकाला।
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर दो दिन से खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर बह रहा है। रामगंगा का जलस्तर भी 136.35 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा में 3,05041 और रामगंगा में 11,467 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से स्थितियां और गंभीर होने की आशंका है। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव पट्टी मदारी निवासी कलक्टर सिंह (35) आठ अगस्त को घर से ससुराल गांव बिहारीपुर गए थे, बाढ़ के पानी की चपेट में आकर वह बह गए। रविवार को उनका शव बरामद हुआ। कंपिल के गांव मधवापुर में प्रशासन ने ग्रामीणों को मोटर बोट से बाहर निकाला। अन्य गांवों से भी पलायन शुरू हो गया है।
कन्नौज में गंगा खतरे के निशान से 73 सेमी नीचे है। हालांकि जलस्तर 2.5 सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हरदोई में दो अलग-अलग बांधों से तकरीबन 3.60 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बिलग्राम के दो गांव बाढ़ की जद में आ गए। बिलग्राम से राजघाट जाने वाले मार्ग के निचले हिस्से में पानी भर गया। उधर, कटियारी में रामगंगा का पानी बढ़ने से सुल्खामऊ और बारामऊ मार्ग पर पानी भरने लगा है। रामगंगा का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु को छू गया है।
विज्ञापन
फतेहपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे है। यदि यही स्थिति रही तो अगले 24 घंटे में पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। जलस्तर बढ़ने से गंगा कटरी क्षेत्र के बिंदकी फॉर्म, जाड़े का पुरवा, सदनहा, कालीकुंडी, बेनीखेड़ा समेत 18 गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। बढ़ते जलस्तर से खेतों में खड़ी धान, मिर्च और सब्जियों की करीब एक हजार बीघा फसल पानी में डूबने के कगार पर हैं। उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार चला गया है। परियर क्षेत्र में घरों के बाहर तक पानी पहुंच गया। सफीपुर व फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में रास्तों के ऊपर से पानी का बहाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित होने लगा है।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर दो दिन से खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर बह रहा है। रामगंगा का जलस्तर भी 136.35 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा में 3,05041 और रामगंगा में 11,467 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से स्थितियां और गंभीर होने की आशंका है। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव पट्टी मदारी निवासी कलक्टर सिंह (35) आठ अगस्त को घर से ससुराल गांव बिहारीपुर गए थे, बाढ़ के पानी की चपेट में आकर वह बह गए। रविवार को उनका शव बरामद हुआ। कंपिल के गांव मधवापुर में प्रशासन ने ग्रामीणों को मोटर बोट से बाहर निकाला। अन्य गांवों से भी पलायन शुरू हो गया है।
विज्ञापन
कन्नौज में गंगा खतरे के निशान से 73 सेमी नीचे है। हालांकि जलस्तर 2.5 सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हरदोई में दो अलग-अलग बांधों से तकरीबन 3.60 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बिलग्राम के दो गांव बाढ़ की जद में आ गए। बिलग्राम से राजघाट जाने वाले मार्ग के निचले हिस्से में पानी भर गया। उधर, कटियारी में रामगंगा का पानी बढ़ने से सुल्खामऊ और बारामऊ मार्ग पर पानी भरने लगा है। रामगंगा का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु को छू गया है।
विज्ञापन
फतेहपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे है। यदि यही स्थिति रही तो अगले 24 घंटे में पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। जलस्तर बढ़ने से गंगा कटरी क्षेत्र के बिंदकी फॉर्म, जाड़े का पुरवा, सदनहा, कालीकुंडी, बेनीखेड़ा समेत 18 गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। बढ़ते जलस्तर से खेतों में खड़ी धान, मिर्च और सब्जियों की करीब एक हजार बीघा फसल पानी में डूबने के कगार पर हैं। उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार चला गया है। परियर क्षेत्र में घरों के बाहर तक पानी पहुंच गया। सफीपुर व फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में रास्तों के ऊपर से पानी का बहाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित होने लगा है।