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UP: निराश्रितों को मिलेंगे पीएम आवास, योजना का शुरू होगा सर्वे, ये रही पूरी जानकारी
Sat, 31 Aug 2024 07:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 31 Aug 2024 07:43 PM IST
सार
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2024-25 से 2028-29 के आगामी चरण के लिए योजना का सर्वे किया जाएगा। इसके तहत 2018 की सूची में शामिल बचे पात्रों को भी इसमें जोड़ा जाएगा।
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पीएम आवास योजना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आवास योजना बेघरों का फिर से सहारा बनेगी। योजना के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से सर्वे का काम शुरू होगा। इसमें पात्र लाभार्थियों का चयन किए जाने के लिए टीमें लगाई जाएंगी। इसके क्रियान्वयन का आदेश मिलने के बाद सर्वे की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिसको लेकर खण्ड विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यालय सभागार में ब्लॉक क्षेत्र के गांवों के प्रधानों, बीडीसी तथा सचिवों की बैठक लेकर सर्वे के बारे में जानकारी दी। बीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद और पात्र लोगों को घर मुहैया कराने के उद्देश्य से पीएम आवास योजना शुरू की गई थी। इसके तहत बेघरों को पक्की छत उपलब्ध कराई गई थी। जिसको लेकर साल 2018 में आवास प्लस के तहत हुए सर्वे में चयनित पात्रों को योजना का लाभ दिया गया था। अब शासन ने फिर कुछ बदलावों के साथ योजना के लिए सर्वे कराने के आदेश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2024-25 से 2028-29 के आगामी चरण के लिए योजना का सर्वे किया जाएगा। इसके तहत 2018 की सूची में शामिल बचे पात्रों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। साथ ही बैठक में सचिवों को सड़क पर छुट्टा घूम रहे गोवंशों को लेकर पेंच कसे। बीडीओ ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सड़कों पर छुट्टा गोवंश दिखे तो उन्हें गोशाला में संरक्षित किया जाए। अन्यथा शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान मनीष शुक्ला, रघुराज सिंह, हरीबाबू, मनोज कुमार सचिव, बीडीसी सहित ब्लॉक कर्मचारी मौजूद रहे।
पंचायत स्तर पर बनेगा रजिस्टर, दर्ज होगा ब्योरा
योजना के तहत पंचायत स्तर पर रजिस्टर बनाया जाएगा। रजिस्टर को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण लाभार्थी चयन 2024 का नाम दिया जाएगा। चयन से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी भी दर्ज होगी।
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पंचायत स्तर पर बनेगा रजिस्टर, दर्ज होगा ब्योरा
योजना के तहत पंचायत स्तर पर रजिस्टर बनाया जाएगा। रजिस्टर को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण लाभार्थी चयन 2024 का नाम दिया जाएगा। चयन से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी भी दर्ज होगी।
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दो शर्तों में हुआ संशोधन
इस बार योजना की दो शर्ताें में संशोधन किया गया है। चयन के मानकों को पूरा करने वाला दो पहिया वाहन धारक भी योजना में शामिल हो सकता है, लेकिन किसी एक भी अपात्रता की श्रेणी में आने पर उसका चयन निरस्त हो जाएगा। वहीं, परिवार का कोई सदस्य अगर 15 हजार रुपये प्रति माह कमा रहा हो तो वह अपात्र माना जाएगा। पिछले सर्वे में 10 हजार रुपये मासिक आय की शर्त रखी गई थी। साथ ही पूर्व श्रेणी में घर में फ्रीज होने पर आपत्रता श्रेणी में माना जाता था। लेकिन नए संशोधन में यह श्रेणी के आवेदक पात्र होंगे।
ये होंगे पात्र
- आश्रय विहीन परिवार
- बेसहारा अथवा भीख मांग कर जीवन यापन करने वाले लोग
- हाथ से मैला ढोने वाले
- जनजातीय समूह
- वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर
इस बार योजना की दो शर्ताें में संशोधन किया गया है। चयन के मानकों को पूरा करने वाला दो पहिया वाहन धारक भी योजना में शामिल हो सकता है, लेकिन किसी एक भी अपात्रता की श्रेणी में आने पर उसका चयन निरस्त हो जाएगा। वहीं, परिवार का कोई सदस्य अगर 15 हजार रुपये प्रति माह कमा रहा हो तो वह अपात्र माना जाएगा। पिछले सर्वे में 10 हजार रुपये मासिक आय की शर्त रखी गई थी। साथ ही पूर्व श्रेणी में घर में फ्रीज होने पर आपत्रता श्रेणी में माना जाता था। लेकिन नए संशोधन में यह श्रेणी के आवेदक पात्र होंगे।
ये होंगे पात्र
- आश्रय विहीन परिवार
- बेसहारा अथवा भीख मांग कर जीवन यापन करने वाले लोग
- हाथ से मैला ढोने वाले
- जनजातीय समूह
- वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर
ये नहीं ले सकेंगे योजना का लाभ
- मोटर युक्त तिपहिया अथवा चौपहिया वाहन धारक
- तिपहिया अथवा चौपहिया कृषि उपकरण धारक
- 50 हजार रुपये अथवा इससे अधिक केसीसी कार्ड धारक
- ऐसा परिवार जिसमें कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो
- सरकार के पास पंजीकृत गैर
- कृषि उद्यम वाले परिवार
- ऐसा परिवार जिसका कोई सदस्य 15 हजार रुपये मासिक से अधिक कमाता हो
- आयकर देने वाले परिवार
- व्यवसाय कर देने वाले परिवार
- ऐसे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो
- ऐसे परिवार जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि हो
- मोटर युक्त तिपहिया अथवा चौपहिया वाहन धारक
- तिपहिया अथवा चौपहिया कृषि उपकरण धारक
- 50 हजार रुपये अथवा इससे अधिक केसीसी कार्ड धारक
- ऐसा परिवार जिसमें कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो
- सरकार के पास पंजीकृत गैर
- कृषि उद्यम वाले परिवार
- ऐसा परिवार जिसका कोई सदस्य 15 हजार रुपये मासिक से अधिक कमाता हो
- आयकर देने वाले परिवार
- व्यवसाय कर देने वाले परिवार
- ऐसे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो
- ऐसे परिवार जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि हो
ग्रामीण के लिए शासन से दोबारा सर्वे के निर्देश मिले हैं। इस संबंध में जल्द ही बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सर्वे के लिए सचिवों को जिम्मेदारी दी जा रही है। योजना का प्रचार-प्रसार कर सर्वे कराते हुए पात्रों को लाभ दिया जाएगा। - गजेंद्र प्रताप सिंह बीडीओ कुठौंद
पीएम विश्वकर्मा योजना में आ चुके 26 हजार आवेदन
पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में अभी तक उद्योग केंद्र को 26 हजार आवेदन मिल चुके हैं। इनमें 800 आवेदन स्वीकृत भी हो चुके हैं। लेकिन अभी तक प्रशिक्षण के लिए कोई सूचना जारी नहीं हुई है। जिससे लाभार्थी उद्योग केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसके साथ ही लोगों को 500 रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें उनके व्यवसाय के लिए टूल किट खरीदने के लिए 15,000 रुपये भी सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। जिन्हें लौटाना नहीं होगा। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किट के लिए पैसे मिलेंगे या किट ही शासन से मिलेगी।
इस योजना का जिले में लक्ष्य 1200 था। लेकिन अभी तक 26 हजार आवेदन आ चुके हैं। जिनमें करीब 800 आवेदन स्वीकृत भी कर लिए गए हैं। इस योजना में 18 ट्रेडों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची को दस दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के बाद अगर कोई उद्योग शुरू करना चाहता है तो उसे तीन लाख तक का ऋण भी मिलेगा। आवेदन तो आ चुके हैं और स्वीकृत भी हो चुके हैं। लेकिन शासन से अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रशिक्षण कब और कहां दिया जाएगा।
तीन चरण में पास होगा आवेदन
आवेदन तीन चरण में पास होगा। पहले ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत स्तर पर दूसरे चरण में डीएम स्तर पर गठित कमेटी द्वारा, तीसरे चरण में योजना के अधिकारियों द्वारा। तब जाकर इस योजना में लोग शामिल हो सकेंगे।
पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में अभी तक उद्योग केंद्र को 26 हजार आवेदन मिल चुके हैं। इनमें 800 आवेदन स्वीकृत भी हो चुके हैं। लेकिन अभी तक प्रशिक्षण के लिए कोई सूचना जारी नहीं हुई है। जिससे लाभार्थी उद्योग केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसके साथ ही लोगों को 500 रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें उनके व्यवसाय के लिए टूल किट खरीदने के लिए 15,000 रुपये भी सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। जिन्हें लौटाना नहीं होगा। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किट के लिए पैसे मिलेंगे या किट ही शासन से मिलेगी।
इस योजना का जिले में लक्ष्य 1200 था। लेकिन अभी तक 26 हजार आवेदन आ चुके हैं। जिनमें करीब 800 आवेदन स्वीकृत भी कर लिए गए हैं। इस योजना में 18 ट्रेडों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची को दस दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के बाद अगर कोई उद्योग शुरू करना चाहता है तो उसे तीन लाख तक का ऋण भी मिलेगा। आवेदन तो आ चुके हैं और स्वीकृत भी हो चुके हैं। लेकिन शासन से अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रशिक्षण कब और कहां दिया जाएगा।
तीन चरण में पास होगा आवेदन
आवेदन तीन चरण में पास होगा। पहले ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत स्तर पर दूसरे चरण में डीएम स्तर पर गठित कमेटी द्वारा, तीसरे चरण में योजना के अधिकारियों द्वारा। तब जाकर इस योजना में लोग शामिल हो सकेंगे।
अभी भी इस योजना में आवेदन आ रहे हैं। जो सही में पात्र है उसी को मौका मिलेगा। बेरोजगारों को स्वयं का रोजगार इस प्रशिक्षण के बाद मिल सकेगा। उन्हें कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। - प्रभात यादव, उपायुक्त, उद्योग केंद्र