यूपी: इस गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प अवार्ड में प्रदेश में मिला पहला स्थान
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कायाकल्प अवार्ड योजना की शुरुआत की थी।
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सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए शासन स्तर से पुरस्कार स्वरूप 10 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं, बाराबंकी की सतरिख सीएचसी दूसरे और सुल्तानपुर की दुबेपुर सीएचसी तीसरे स्थान पर है। प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कायाकल्प अवार्ड योजना की शुरुआत की थी।
इसमें उपचार सुविधा, साफ-सफाई, प्रसव स्टाफ, जच्चा भोजन वितरण, टीम मैनेजमेंट, पार्क और अभिलेखों का रखरखाव, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण, स्टाफ प्रशिक्षण, सामाजिक संबंध, स्टाफ साक्षात्कार, इंफेक्शन कंट्रोल, सहयोगी सेवाएं, स्वच्छता को बढ़ावा देने के कार्यों के साथ अस्पताल की चहारदीवारी के बाहर की व्यवस्थाओं सहित 26 बिंदुओं को शामिल कर सीएचसी को परखा गया।
इसके बाद सोमवार को शासन से सूची जारी की गई। शाम को इस उपलब्धि की जानकारी सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय मौर्या ने पूरे स्टाफ को दी। सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनीष तिवारी, डॉ. विनोद, डॉ. सुभांषी, डॉ. दिनेश, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. टीएन गंगवार, फार्मासिस्ट सुनील सचान, संतोष गौतम, राघवेंद्र सिंह, अजीत, स्टाफ नर्स जयंत्री सचान, रचना, मनुजा, स्वाती, उन्नति, रेखा, लैब टेक्नीशियन आकाश, जितेंद्र, नीतू सहित सभी कर्मचारियों ने खुशी जताई है।
कायाकल्प अवार्ड जीतने के लिए पिछले चार वर्षों से सीएचसी टीम एक-एक बिंदु पर मजबूती से काम कर रही थी। पिछले वर्ष कुछ कमियों से प्रदेश में दूसरा स्थान आया था। इस बार उन गलतियों को सुधार कर पहली रैंक हासिल की है। यह कायाकल्प अवार्ड अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी और क्षेत्रवासियों को समर्पित है। भविष्य में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हम प्रयासरत हैं।
डॉ. अजय मौर्या, सीएचसी अधीक्षक, भीतरगांव