फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   unnao: Hundreds of migrant laborers came out of autos

सैकड़ों की तादाद में आटो से निकले प्रवासी मजदूर, लखनऊ सीमा में प्रवेश रोककर, पुलिस ने बदला रुट

Mon, 18 May 2020 11:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 18 May 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
unnao:  Hundreds of migrant laborers came out of autos
सैकड़ों की संख्या में ऑटो से जा रहे प्रवासी श्रमिक - फोटो : amar ujala
उन्नाव जिले में  महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से घर वापसी कर रहे ऑटो चालकों व उनके परिवार की सुरक्षा के लिए शासन ने पुलिस ने चौकसी बढ़ाने व सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने बला टालते हुए कई ऑटो व प्रवासियों को लेकर जा रहे भार वाहनों को लखनऊ जाने से रोकने के लिए रायबरेली व अन्य रूट पर मोड़ दिया।
विज्ञापन


लखनऊ-कानपुर हाईवे व एक्सप्रेसवे से आने वाले ऑटो रूट बदलने से पूरे दिन भटकते रहे। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जाजमऊ सीमा क्षेत्र से होकर लखनऊ के रास्ते बिहार, पश्चिम बंगाल, गोरखपुर, बलिया, बहराइच व अन्य जिलों को जा रहे ऑटो को रविवार सुबह पुलिस ने सीमा में प्रवेश तो दिया पर लखनऊ की ओर जाने से रोक दिया।
विज्ञापन


इन वाहनों को आजाद मार्ग से अचलगंज की ओर मोड़ दिया गया। इन ऑटो में अधिकांश चालक व उनका परिवार हरियाणा, दिल्ली व मुंबई में किराये पर रहकर ऑटो चलाकर गुजारा कर रहे थे। लॉकडाउन के बाद काम बंद होने से यह सभी पिछले डेढ़ माह से घर में ही थे। पैसे खत्म होने पर सभी परिवार के साथ ऑटो से घरों के निकले थे। पुलिस द्वारा इन वाहनों को आजाद मार्ग से अचलगंज की ओर मोड़ दिया गया। दिशा बदलने से ऑटो सवार परिवारों की मुसीबत और बढ़ गई। भीषण गर्मी में ऑटो सवार महिलाएं बच्चे बिलखते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑटो चालक बोले कोई भी धंधा कर लेंगे, परदेश नहीं लौटेंगे
गुरुग्राम के फेज तीन में किराए के मकान में परिवार के साथ रहकर खुद का ऑटो चलाने वाले पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिला निवासी सज्जाद ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से वह हरियाणा में फंसे थे। ऑटो भी खड़ा हो गया। जब तक रुपये पास रहे खर्च चलता रहा। जेब खाली हुई तो वह पत्नी बच्चों को लेकर ऑटो से अपने गांव के लिए लौट पड़ा।

ऑटो चालकों में आलम व उनकी पत्नी रेहाना, रिजाउल व उनकी पत्नी रोशना आदि ने बताया कि कानपुर तक तक कोई दिक्कत नहीं हुई। लेकिन उन्नाव पहुंचने पर पुलिस ने पहले लखनऊ की ओर जाने से रोका लेकिन मजबूरी बताने पर आजाद मार्ग से मोड़कर अचलगंज वाया रायबरेली या मौरावां होते हुए वाया मोहनलालगंज जाने की सलाह देकर हाईवे से लखनऊ में प्रवेश न करने की हिदायत दी।

 

आटो चालकों ने बताया कि रूट बदलने से एक तो बार बार रास्ता पूछना पड़ रहा है। दूसरे सफर और लंबा हो गया और परेशानी भी बढ़ गईं। ऑटो चालकों ने बताया कि वह अब अपने घर पर ही रहकर आटो चलाएंगे या आटो बेंचकर कुछ और धंधा शुरू कर देंगे लेकिन अब हरियाणा या मुंबई लौटकर नहीं जाएंगे।

भूख मिटाने के लिए बेंचा मोबाइल, घर का किराया चुकाने को चेन
पश्चिम बंगाल के नादिया जिला निवासी आलम, सज्जाद व रिजाउलहक, अफरीद ने बताया कि वह भी अपने-अपने परिवार के साथ हरियाणा के गुरुग्राम में रहकर ऑटो चलाते थे। लॉकडाउन के बाद रुपये खत्म होने पर गांव के लिए निकले।

आलम ने बताया उसके पास घर तक पहुंचने के लिए ऑटो में तेल भराने भर के रुपये थे। बच्चों की भूख मिटाने के लिए उसने रास्ते में पत्नी रेहाना का मोबाइल बेंचकर बच्चों को खाना खिलाया। इससे पहले कमरे का किराया व दोस्तों का उधार चुकाने के लिए सोने की चेन बेचनीं पड़ी थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed