Budget 2024: एंजल टैक्स खत्म होने से मिलेगी सहूलियत, 1.5 लाख उद्योगों व 1000 स्टार्टअप्स को मिलेगी रफ्तार
Kanpur News: बजट में कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे युवा नई तकनीकों और कार्यक्षेत्रों में प्रशिक्षित हो सकें। यह प्रशिक्षण उन्हें विभिन्न स्टार्टअप में रोजगार पाने के योग्य बनाएगा।
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केंद्र सरकार से जारी बजट में इस बार एंजल टैक्स को खत्म कर दिया गया है। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप को बढ़ावा देना है, ताकि बड़ी संख्या में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इससे शहर के 1.5 लाख पंजीकृत उद्योगों और एक हजार से अधिक संचालित स्टार्टअप को गति मिलेगी। साथ ही जो लोग स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, उन्हें विदेशी निवेश का भी लाभ मिलेगा।
मंगलवार को बजट जारी के होने के बाद अमर उजाला कार्यालय परिसर में आए कर विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी बात रखी। इसमें एंजल टैक्स का खत्म करने के सरकार के कदम को सराहनीय बताया गया। इस संबंध में सीआईआरसी के पूर्व चेयरमैन व रीजनल काउंसिल मेंबर अतुल मेहरोत्रा का कहना है कि चूंकि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, ऐसे में सरकार की ओर युवाओं को उद्यमशील बनाने की दिशा में किया गया अच्छा कदम है।
उनका कहना है कि इस बार के बजट में एंजल टैक्स के संबंध में किए गए सुधार स्टार्टअप के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे निवेश में वृद्धि होगी और स्टार्टअप इको सिस्टम मजबूत होगा। सीए सिमनरजीत सिंह ने कहा कि इन सुधारों से स्टार्टअप को वित्तीय स्थिरता और विकास के नए अवसर मिलेंगे। एंजल टैक्स में राहत से नए उद्यमी भी आगे आएंगे। इससे विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार का संकेत…जल्दी ही खत्म कर दिया जाएगा पुराना टैक्स रिजीम
बजट में कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे युवा नई तकनीकों और कार्यक्षेत्रों में प्रशिक्षित हो सकें। यह प्रशिक्षण उन्हें विभिन्न स्टार्टअप में रोजगार पाने के योग्य बनाएगा। सीए नरेंद्र भदौरिया ने कहा कि नए टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब को बढ़ाया गया है। सरकार का संकेत है कि पुराने टैक्स रिजीम को जल्दी ही खत्म कर दिया जाएगा। बजट में सौर ऊर्जा, रोजगार, चिकित्सा को भी सरकार ने ध्यान रखा है।
क्या होता है एंजल टैक्स
यह एक ऐसा कर है, जो उन स्टार्टअप पर लगाया जाता है, जिनके इसके माध्यम से स्टार्टअप के मूल्यांकन के मुकाबले अधिक कीमत पर इक्विटी शेयर जारी करके फंड जुटाया जाता है। इस तरह के कर का उद्देश्य इस प्रकार के निवेशों पर नियंत्रण रखना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका दुरुपयोग मनी लॉन्ड्रिंग या कर चोरी के लिए न हो। सरकार ने हाल के वर्षों में एंजल टैक्स में कुछ सुधार किए हैं ताकि स्टार्टअप को राहत मिल सके। 2024 के बजट में भी सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इसमें पंजीकृत स्टार्टअप को एंजल टैक्स से छूट देने की बात कही गई है।