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बेकाबू वाहनों ने मचाया कोहराम, चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Thu, 27 Aug 2015 02:10 AM IST
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कल्याणपुर इंद्रा नगर में बुधवार दोपहर बेकाबू डग्गामार बस, बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद ढाबे में घुस गई जिससे ढाबा कर्मी समेत दो की मौत हो गई। जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए। डग्गामार बस के ड्राइवर-कंडक्टर नशे में धुत थे और हादसा होने के बाद भाग निकले।
बस के नीचे दबे घायलों को आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला। बाद में कल्याणपुर पुलिस ने घायलों को हैलट और मामूली रूप से जख्मी लोगों को कल्याणपुर सीएचसी में भर्ती कराया। खास बात यह कि बस में सवारी के रूप में केवल एक महिला बैठी थी और वह भी हादसे में चुटहिल हुई। हादसे की रिपोर्ट कल्याणपुर थाने में दर्ज हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार दोपहर मकड़ीखेड़ा पेट्रोलपंप की ओर से एक बस तेज रफ्तार से इंद्रा नगर की ओर जा रही थी। रामा कॉलेज नगर मोड़ पर बस बेकाबू हुई और बाइक सवार युवकों को टक्कर मारने के बाद इंद्रा नगर रोड मुखर्जी विहार पर स्थित एक ढाबे में घुस गई।
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ढाबे में ग्राहकों की भीड़ थी और बस घुसने से अफरातफरी मच गई। ढाबे में मौजूद कर्मचारी उन्नाव बीघापुर निवासी अनुज (27) बस के पहियों के नीचे आ गया और मौके पर उसने दम तोड़ दिया। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि घायलों को मलबे और बस के बीच से कैसे निकाला जाए।
काफी प्रयास के बाद भीड़ ने एकजुट होकर बारी-बारी से दोनों ओर से बस उठाई और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में ढाबा संचालक बरसाइतपुर निवासी राकेश का साला संजय (28), यहीं के छविराम यादव (31), उन्नाव परमिया पुरवा निवासी जोखिम लाल (50) रावतपुर निवासी सुचित शर्मा (45), चांदनी सहित 12 लोग घायल हो गए। कल्याणपुर पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के सामने बस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भीड़ को शांत कराया और क्रेन की मदद से बस को बाहर निकलवाया। ढाबे के सामने बिजली का पोल लगा था। बस की टक्कर लगते ही पोल टूटकर ढाबे में घुस गया। इससे बस की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उधर हादसे का पता चलते ही घायल राकेश की मां जगदेवी, पत्नी सुधा समेत अन्य घायलों के परिजन मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि ड्राइवर-कंडक्टर का पता लगाने के लिए टीमें लगी हैं। बस के नंबर के आधार पर आरटीओ से पता किया जाएगा। वहीं देर रात हैलट में बरसाइतपुर निवासी शिवसिंह यादव उर्फ गुड्डू (42) ने भी दम तोड़ दिया।
शिवली-बेला मार्ग पर एक निजी स्कूल बस ने साइकिल से कोचिंग जा रहे दो सगे भाइयों को टक्कर मार दी, जिससे एक भाई की मौके मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर हंगामा किया। इसके बाद ग्रामीणों ने सीएचसी पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ की। बवाल बढ़ने पर चौबेपुर के अलावा कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसडीएम, सीओ के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
क्षेत्र के अब्दुलपुर गांव निवासी जितेंद्र सिंह के पुत्र हर्षित उर्फ अमन (15) और रिषभ उर्फ रमन (14) कक्षा-11 और 10 के छात्र हैं। रोज की तरह हर्षित और रिषभ बुधवार सुबह साइकिल से कोचिंग पढ़ने ब्रह्मनगर जा रहे थे। सुबह करीब 6:30 बजे शिवली-बेला मार्ग स्थित बंधन गेस्ट हाउस के सामने उनकी साइकिल में पीछे से एक निजी स्कूली बस ने टक्कर मार दी। दोनों भाई उछलकर बीच रोड पर आ गिरे। पहिये की चपेट में आते ही रिषभ की मौके पर मौत हो गई जबकि हर्षित घायल हो गया।
बिधनू में बुधवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रक ने बाजपुर गांव निवासी विनोद पांडेय की पत्नी जयदेवी (45) को रौंद दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वे अपने भतीजे सुरेश के साथ नातिन पलक (5) को डॉक्टर को दिखाकर लौट रही थीं तभी उरियारा मोड़ के पास पीछे से ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में सुरेश भी घायल हुआ है। पलक को खरोंच तक नहीं आई। ट्रक चालक भाग निकला। महिला की मौत से गुस्साई भीड़ ने रोड पर जाम कर पथराव कर दिया और ट्रक तोड़ डाला।
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बस के नीचे दबे घायलों को आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला। बाद में कल्याणपुर पुलिस ने घायलों को हैलट और मामूली रूप से जख्मी लोगों को कल्याणपुर सीएचसी में भर्ती कराया। खास बात यह कि बस में सवारी के रूप में केवल एक महिला बैठी थी और वह भी हादसे में चुटहिल हुई। हादसे की रिपोर्ट कल्याणपुर थाने में दर्ज हुई है।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार दोपहर मकड़ीखेड़ा पेट्रोलपंप की ओर से एक बस तेज रफ्तार से इंद्रा नगर की ओर जा रही थी। रामा कॉलेज नगर मोड़ पर बस बेकाबू हुई और बाइक सवार युवकों को टक्कर मारने के बाद इंद्रा नगर रोड मुखर्जी विहार पर स्थित एक ढाबे में घुस गई।
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ढाबे में ग्राहकों की भीड़ थी और बस घुसने से अफरातफरी मच गई। ढाबे में मौजूद कर्मचारी उन्नाव बीघापुर निवासी अनुज (27) बस के पहियों के नीचे आ गया और मौके पर उसने दम तोड़ दिया। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि घायलों को मलबे और बस के बीच से कैसे निकाला जाए।
काफी प्रयास के बाद भीड़ ने एकजुट होकर बारी-बारी से दोनों ओर से बस उठाई और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में ढाबा संचालक बरसाइतपुर निवासी राकेश का साला संजय (28), यहीं के छविराम यादव (31), उन्नाव परमिया पुरवा निवासी जोखिम लाल (50) रावतपुर निवासी सुचित शर्मा (45), चांदनी सहित 12 लोग घायल हो गए। कल्याणपुर पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के सामने बस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भीड़ को शांत कराया और क्रेन की मदद से बस को बाहर निकलवाया। ढाबे के सामने बिजली का पोल लगा था। बस की टक्कर लगते ही पोल टूटकर ढाबे में घुस गया। इससे बस की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उधर हादसे का पता चलते ही घायल राकेश की मां जगदेवी, पत्नी सुधा समेत अन्य घायलों के परिजन मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि ड्राइवर-कंडक्टर का पता लगाने के लिए टीमें लगी हैं। बस के नंबर के आधार पर आरटीओ से पता किया जाएगा। वहीं देर रात हैलट में बरसाइतपुर निवासी शिवसिंह यादव उर्फ गुड्डू (42) ने भी दम तोड़ दिया।
शिवली-बेला मार्ग पर एक निजी स्कूल बस ने साइकिल से कोचिंग जा रहे दो सगे भाइयों को टक्कर मार दी, जिससे एक भाई की मौके मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर हंगामा किया। इसके बाद ग्रामीणों ने सीएचसी पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ की। बवाल बढ़ने पर चौबेपुर के अलावा कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसडीएम, सीओ के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
क्षेत्र के अब्दुलपुर गांव निवासी जितेंद्र सिंह के पुत्र हर्षित उर्फ अमन (15) और रिषभ उर्फ रमन (14) कक्षा-11 और 10 के छात्र हैं। रोज की तरह हर्षित और रिषभ बुधवार सुबह साइकिल से कोचिंग पढ़ने ब्रह्मनगर जा रहे थे। सुबह करीब 6:30 बजे शिवली-बेला मार्ग स्थित बंधन गेस्ट हाउस के सामने उनकी साइकिल में पीछे से एक निजी स्कूली बस ने टक्कर मार दी। दोनों भाई उछलकर बीच रोड पर आ गिरे। पहिये की चपेट में आते ही रिषभ की मौके पर मौत हो गई जबकि हर्षित घायल हो गया।
बिधनू में बुधवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रक ने बाजपुर गांव निवासी विनोद पांडेय की पत्नी जयदेवी (45) को रौंद दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वे अपने भतीजे सुरेश के साथ नातिन पलक (5) को डॉक्टर को दिखाकर लौट रही थीं तभी उरियारा मोड़ के पास पीछे से ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में सुरेश भी घायल हुआ है। पलक को खरोंच तक नहीं आई। ट्रक चालक भाग निकला। महिला की मौत से गुस्साई भीड़ ने रोड पर जाम कर पथराव कर दिया और ट्रक तोड़ डाला।