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Kanpur News: छह लाख का चारा हजम कर गए दो सचिव
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कानपुर। जिले की गोशालाओं में गोवंशों के चारे के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का बड़ा खेल सामने आया है। कमालपुर खोदन गोशाला के बाद अब बिधनू और बिल्हौर ब्लॉक की गोशालाओं में भी चारा घोटाले का खुलासा हुआ है। दो सचिवों ने करीब छह लाख रुपये से अधिक की धनराशि दूसरी फर्मों को भुगतान कर हड़प ली। टेंडर प्राप्त करने वाली फर्मों को भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित फर्म संचालकों ने सीडीओ से लेकर तत्कालीन मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, डीपीआरओ से शिकायत भी की लेकिन जांच कराने के बजाय जिम्मेदार मामले की फाइल दबाकर बैठ गए।
जिले की गोशालाओं में सचिव और प्रधान की मिलीभगत से कागजों में गोवंशों की ज्यादा दिखाकर भूसे के नाम पर आने वाली सरकारी धनराशि में बड़ा खेल हो रहा है। कागजों में भूसा खरीदा गया दिखाया जाता है और फर्जी बिलों के जरिए दूसरी फर्मो में भुगतान कर पैसा हजम किया जा रहा है। हाल ही में शिवराजपुर ब्लॉक की कमालपुर खोदन गोशाला में सचिव राजकमल कटियार की ओर से भूसे की आपूर्ति के नाम पर बिल्डिंग मैटेरियल की फर्म को करीब पांच लाख का भुगतान किए जाने का मामला चर्चा में है। मामला उजागर होने के बाद भी जांच अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय फाइल दबाकर बैठ गए।
अब इसी तरह के दो और मामले सामने आए हैं। बीते वर्ष बिधनू ब्लॉक की सेनपुरा पारा और पित्योरी गोशालाओं में भी चारे के नाम पर दूसरी फर्मों पर भुगतान किया। यहां के सचिव अजीत सिंह ने करीब 3.60 लाख रुपये खुशी इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को भुगतान कर दिया, जबकि भूसे की आपूर्ति का टेंडर मानस कंस्ट्रक्शन के पास था। इससे पहले यह टेंडर घोडू इंफोटेक प्रा. लि. के पास था। जब टेंडर प्राप्त करने वाली फर्मों को भुगतान नहीं मिला तो संचालकों ने सीडीओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और डीपीआरओ से शिकायत कर भुगतान की गुहार लगाई, लेकिन जांच अधिकारियों ने कार्रवाई के बजाय सचिव को बिधनू से हटाकर भीतरगांव ब्लॉक में तैनात कर दिया गया और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी तरह बिल्हौर ब्लॉक के गागूपुर गोशाला में तैनात सचिव प्रशांत बाजपेई ने भी करीब 2.46 लाख रुपये का भुगतान अपने करीबी अतुल की फर्म को कर दिया जबकि यहां भूसा आपूर्ति का टेंडर घोडू इंफोटेक प्रा. लि. के पास है। खाते में धनराशि होने के बावजूद चयनित फर्म को भुगतान नहीं किया गया। फर्म संचालक सीडीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक न तो कोई जांच कराई गई और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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वर्जन-
खोदन मामले की जांच पूरी हो गई है। सचिव को नोटिस जारी किया गया है। बिल्हौर और बिधनू के मामलों की भी जांच होगी। दोषी मिलने पर सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- दीक्षा जैन, सीडीओ
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जिले की गोशालाओं में सचिव और प्रधान की मिलीभगत से कागजों में गोवंशों की ज्यादा दिखाकर भूसे के नाम पर आने वाली सरकारी धनराशि में बड़ा खेल हो रहा है। कागजों में भूसा खरीदा गया दिखाया जाता है और फर्जी बिलों के जरिए दूसरी फर्मो में भुगतान कर पैसा हजम किया जा रहा है। हाल ही में शिवराजपुर ब्लॉक की कमालपुर खोदन गोशाला में सचिव राजकमल कटियार की ओर से भूसे की आपूर्ति के नाम पर बिल्डिंग मैटेरियल की फर्म को करीब पांच लाख का भुगतान किए जाने का मामला चर्चा में है। मामला उजागर होने के बाद भी जांच अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय फाइल दबाकर बैठ गए।
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अब इसी तरह के दो और मामले सामने आए हैं। बीते वर्ष बिधनू ब्लॉक की सेनपुरा पारा और पित्योरी गोशालाओं में भी चारे के नाम पर दूसरी फर्मों पर भुगतान किया। यहां के सचिव अजीत सिंह ने करीब 3.60 लाख रुपये खुशी इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को भुगतान कर दिया, जबकि भूसे की आपूर्ति का टेंडर मानस कंस्ट्रक्शन के पास था। इससे पहले यह टेंडर घोडू इंफोटेक प्रा. लि. के पास था। जब टेंडर प्राप्त करने वाली फर्मों को भुगतान नहीं मिला तो संचालकों ने सीडीओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और डीपीआरओ से शिकायत कर भुगतान की गुहार लगाई, लेकिन जांच अधिकारियों ने कार्रवाई के बजाय सचिव को बिधनू से हटाकर भीतरगांव ब्लॉक में तैनात कर दिया गया और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी तरह बिल्हौर ब्लॉक के गागूपुर गोशाला में तैनात सचिव प्रशांत बाजपेई ने भी करीब 2.46 लाख रुपये का भुगतान अपने करीबी अतुल की फर्म को कर दिया जबकि यहां भूसा आपूर्ति का टेंडर घोडू इंफोटेक प्रा. लि. के पास है। खाते में धनराशि होने के बावजूद चयनित फर्म को भुगतान नहीं किया गया। फर्म संचालक सीडीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक न तो कोई जांच कराई गई और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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खोदन मामले की जांच पूरी हो गई है। सचिव को नोटिस जारी किया गया है। बिल्हौर और बिधनू के मामलों की भी जांच होगी। दोषी मिलने पर सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- दीक्षा जैन, सीडीओ