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कीड़ों का दल चट कर रहा हरी पत्तियां
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कानपुर देहात जिले के फर्जाबाद में बालम खीरा की पत्तियां काटता की कीड़ाां का दल। संवाद
- फोटो : PUKHRANYA
पुखरायां (कानपुर देहात)। मलासा ब्लाक के फर्जाबाद गांव में शुक्रवार की रात से पहुंचा कीड़ों का दल पेड़ों कीपत्तियाें को काट रहा है। फसल पर ही नहीं बल्कि घरों में भी पहुंच रहा और लोगों के काट भी लेता है। दिन में पेड़ों से गायब हो जाता है। कृषि सहायक ने बताया कि सोमवार को वह टीम लेकर गांव जाएंगे। लक्षण से यह पेड़ों में रहने वाले चींटा की प्रजाति हो सकती है।
कस्बे के फर्जाबाद गांव निवासी नरेंद्र पाल, टिंकू पांडेय, सुमित पाल, दशरथ ने बताया कि शुक्रवार रात गांव में खड़े बालम खीरा के पेड़ में कुछ विशेष तरह के कीड़े बैठे दिखाई दिए थे। पेड़ के पत्ते काट रहे थे। हटाने का प्रयास किया गया वह नहीं हटे। शनिवार रात इनकी संख्या में और भी इजाफा हो गया। कीड़े घरों तक पहुंचने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि यह चींटे के तरह काटते हैं। कीड़ा गोल आकार का है, जिसका मुंह लाल व शरीर का रंग हल्का पीला है। ऐसा कीड़ा पहले कहीं नहीं देखा गया। किसानों का कहना है कि इसी तरह पत्तियां काटता रहा तो सभी पेड़, पौधे बर्बाद हो जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि रविवार की रात फिर देखेंगे यदि दिखेगा तो अधिकारियों को सूचना दी जाएगा। नहीं दिखा तो इसका मतलब होगा कि कीड़ों का दल आगे बढ़ गया। ब्लाक मलासा के कृषि सहायक बृजेंद्र कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है।
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सोमवार को गांव पहुंचकर जानकारी करेंगे। लक्षण के अनुसार लाल चींटा हो सकता है। अधिकतर आम और जामुन के पेड़ों में पाया जाता है। यह कीड़ा यदि चींटा नहीं है तो उसकी पहचान कर समाप्त करने का उपाय किया जाएगा। वह रविवार को टिड्डी दल की तलाश में जिले की टीम के साथ रहे।
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कस्बे के फर्जाबाद गांव निवासी नरेंद्र पाल, टिंकू पांडेय, सुमित पाल, दशरथ ने बताया कि शुक्रवार रात गांव में खड़े बालम खीरा के पेड़ में कुछ विशेष तरह के कीड़े बैठे दिखाई दिए थे। पेड़ के पत्ते काट रहे थे। हटाने का प्रयास किया गया वह नहीं हटे। शनिवार रात इनकी संख्या में और भी इजाफा हो गया। कीड़े घरों तक पहुंचने लगे।
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ग्रामीणों ने बताया कि यह चींटे के तरह काटते हैं। कीड़ा गोल आकार का है, जिसका मुंह लाल व शरीर का रंग हल्का पीला है। ऐसा कीड़ा पहले कहीं नहीं देखा गया। किसानों का कहना है कि इसी तरह पत्तियां काटता रहा तो सभी पेड़, पौधे बर्बाद हो जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि रविवार की रात फिर देखेंगे यदि दिखेगा तो अधिकारियों को सूचना दी जाएगा। नहीं दिखा तो इसका मतलब होगा कि कीड़ों का दल आगे बढ़ गया। ब्लाक मलासा के कृषि सहायक बृजेंद्र कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है।
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सोमवार को गांव पहुंचकर जानकारी करेंगे। लक्षण के अनुसार लाल चींटा हो सकता है। अधिकतर आम और जामुन के पेड़ों में पाया जाता है। यह कीड़ा यदि चींटा नहीं है तो उसकी पहचान कर समाप्त करने का उपाय किया जाएगा। वह रविवार को टिड्डी दल की तलाश में जिले की टीम के साथ रहे।