{"_id":"5b83edb842c7924659430558","slug":"three-people-died-in-road-accident-in-kannauj","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपीः कन्नौज में 'जल्दबाजी का चक्कर' बना 3 लोगों की दर्दनाक मौत का कारण, सहम उठे प्रत्यक्षदर्शी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीः कन्नौज में 'जल्दबाजी का चक्कर' बना 3 लोगों की दर्दनाक मौत का कारण, सहम उठे प्रत्यक्षदर्शी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 27 Aug 2018 07:16 PM IST
सार
- ओवरटेक करने में बाइक की टक्कर लगने से हादसा का शिकार हुए दंपति और युवती
- दंपति ने मौके पर और मौसेरी बहन ने सौ शैय्या अस्पताल में तोड़ा दम
- रक्षाबंधन पर मायके गए पत्नी और मौसेरी बहन को लेकर लौट रहा था युवक
- बीएससी तृतीय वर्ष का था छात्र, पत्नी कर रही थी इंटर की पढ़ाई
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कन्नौज में हुआ दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज जिले के छिबरामऊ में जीटी रोड पर ओवरटेक करने में बाइकों की टक्कर हो गई, एक बाइक पर सवार दंपति और युवती ट्रक के नीचे आ गए। ट्रक तीनों को रौंदते हुए निकल गया। दंपति की मौके पर और युवती की सौ शैय्या अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। इस घटना में एक साथ तीन मौतों से परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है।
जैक लगाकर ट्रक को ऊपर उठाने का प्रयास करते युवक
- फोटो : अमर उजाला
टक्कर मारने वाला बाइक सवार भी वाहन समेत भागने में सफल रहा। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस से घायल रंजना को सौ शैय्या अस्पताल भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद जीटी रोड पर जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक के पहिए के नीचे दबे दंपति को पावर जैक लगाकर निकलवाया। मौके पर पहुंचे परिजनों में चीखपुकार मच गई। देर शाम तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। ट्रक को सिकंदरपुर पुलिस चौकी मे खड़ा करा दिया गया। दुर्घटना की रिपोर्ट मृतक राजेश के पिता ओमप्रकाश ने अज्ञात चालक के खिलाफ दर्ज कराई है।
आठ मई को मामा की बेटी से हुई थी राजेश की शादी
राजेश की शादी इसी आठ मई को सगे मामा की बेटी से हुई थी। राजेश बीएससी तृतीय वर्ष और प्रिया इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी। जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम खुदागंज निवासी ओमप्रकाश शाक्य खेतीबाड़ी करते हैं। इनके दो पुत्रियां ज्योती व प्रेमलता तथा तीन पुत्र राजीव, राजेश व गोविंद हैं। मझले पुत्र राजेश की शादी आठ मई को मैनपुरी जनपद के किशनी थानांतर्गत ग्राम खड़ेपुरा निवासी महिपाल सिंह की बेटी प्रिया के साथ हुई थी।
महिपाल सिंह राजेश के सगे मामा हैं। राजेश इस समय बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था और वह श्रीबाबू सिंह पीजी कालेज नवाबगंज फर्रुखाबाद में पढ़ रहा था। उधर, राजेश की मौसेरी बहन रंजना की शादी आठ माह पहले मार्च में फुलारा दूज को जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम चौरसिया मझौला निवासी मनोज शाक्य के साथ हुई थी। रंजना की मां लक्ष्मी देवी ने बताया कि इस वर्ष उनकी पुत्री ने इंटरमीडिएट का फार्म भरा था। उन्हें क्या पता था कि इतनी जल्दी वह दोनों उन सबको छोड़कर दुनिया से अलविदा हो जाएंगे।
आठ मई को मामा की बेटी से हुई थी राजेश की शादी
राजेश की शादी इसी आठ मई को सगे मामा की बेटी से हुई थी। राजेश बीएससी तृतीय वर्ष और प्रिया इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी। जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम खुदागंज निवासी ओमप्रकाश शाक्य खेतीबाड़ी करते हैं। इनके दो पुत्रियां ज्योती व प्रेमलता तथा तीन पुत्र राजीव, राजेश व गोविंद हैं। मझले पुत्र राजेश की शादी आठ मई को मैनपुरी जनपद के किशनी थानांतर्गत ग्राम खड़ेपुरा निवासी महिपाल सिंह की बेटी प्रिया के साथ हुई थी।
महिपाल सिंह राजेश के सगे मामा हैं। राजेश इस समय बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था और वह श्रीबाबू सिंह पीजी कालेज नवाबगंज फर्रुखाबाद में पढ़ रहा था। उधर, राजेश की मौसेरी बहन रंजना की शादी आठ माह पहले मार्च में फुलारा दूज को जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम चौरसिया मझौला निवासी मनोज शाक्य के साथ हुई थी। रंजना की मां लक्ष्मी देवी ने बताया कि इस वर्ष उनकी पुत्री ने इंटरमीडिएट का फार्म भरा था। उन्हें क्या पता था कि इतनी जल्दी वह दोनों उन सबको छोड़कर दुनिया से अलविदा हो जाएंगे।
ट्रक के नीचे फंसे दंपति को देखती भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
एक साथ तीन मौतों से परिजनों का हुआ बुराहाल
सड़क हादसे में एक साथ तीन मौतों से उनके परिजनों और रिश्तेदारों का बुराहाल था। मृतक राजेश के पिता ओमप्रकाश, मां शकुंतला देवी, बहन ज्योती, प्रेमलता, भाई राजीव, गोविंद तथा मौसी लक्ष्मीदेवी ने जैसे ही शव देखे गश खाकर वह सभी वहीं गिर पड़े। पिता राजेश व मां शकुंतला को संभाल पाना लोगों को मुश्किल पड़ रहा था। इस बीच जानकारी मिलते ही उनके रिश्तेदार तालग्राम के पूर्व चेयरमैन देशराज शाक्य, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अरुण कुमार शाक्य, सभासद हरिशरण शाक्य, गौरव शाक्य, अमर सिंह, विक्र्तम शाक्य, रामप्रकाश शाक्य आदि रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए थे। परिजनों की हालत देख रिश्तेदारों की भी आंखें नम थीं।
मालूम होता, तो नहीं भेजती पुत्री
जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम पट्टिया खुदागंज निवासी लक्ष्मी देवी पत्नी रामदास ने रोते हुए बताया कि उसे नहीं मालूम था कि अब उसकी पुत्री उसे जिंदा नहीं मिलेगी। नहीं तो वह उसे बाइक से नहीं भेजती। लक्ष्मीदेवी ने बताया कि रक्षाबंधन पर वह अपने मायके किशनी थानांतर्गत ग्राम खड़ेपुरा अपनी पुत्री रंजना के साथ गई थी।
सोमवार की सुबह उसकी बहन शकुंतला का बेटा राजेश अपनी पत्नी के साथ गांव जा रहा था। यह देख उसने अपनी पुत्री रंजना को भी उनके साथ भेज दिया था। उसे नहीं पता था कि क्षण भर में ही इतना बड़ा हादसा हो जाएगा और उसकी पुत्री समेत उसकी बहन का बेटा व बहू दुनिया छोड़कर चले जाएंगे।
सड़क हादसे में एक साथ तीन मौतों से उनके परिजनों और रिश्तेदारों का बुराहाल था। मृतक राजेश के पिता ओमप्रकाश, मां शकुंतला देवी, बहन ज्योती, प्रेमलता, भाई राजीव, गोविंद तथा मौसी लक्ष्मीदेवी ने जैसे ही शव देखे गश खाकर वह सभी वहीं गिर पड़े। पिता राजेश व मां शकुंतला को संभाल पाना लोगों को मुश्किल पड़ रहा था। इस बीच जानकारी मिलते ही उनके रिश्तेदार तालग्राम के पूर्व चेयरमैन देशराज शाक्य, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अरुण कुमार शाक्य, सभासद हरिशरण शाक्य, गौरव शाक्य, अमर सिंह, विक्र्तम शाक्य, रामप्रकाश शाक्य आदि रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए थे। परिजनों की हालत देख रिश्तेदारों की भी आंखें नम थीं।
मालूम होता, तो नहीं भेजती पुत्री
जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम पट्टिया खुदागंज निवासी लक्ष्मी देवी पत्नी रामदास ने रोते हुए बताया कि उसे नहीं मालूम था कि अब उसकी पुत्री उसे जिंदा नहीं मिलेगी। नहीं तो वह उसे बाइक से नहीं भेजती। लक्ष्मीदेवी ने बताया कि रक्षाबंधन पर वह अपने मायके किशनी थानांतर्गत ग्राम खड़ेपुरा अपनी पुत्री रंजना के साथ गई थी।
सोमवार की सुबह उसकी बहन शकुंतला का बेटा राजेश अपनी पत्नी के साथ गांव जा रहा था। यह देख उसने अपनी पुत्री रंजना को भी उनके साथ भेज दिया था। उसे नहीं पता था कि क्षण भर में ही इतना बड़ा हादसा हो जाएगा और उसकी पुत्री समेत उसकी बहन का बेटा व बहू दुनिया छोड़कर चले जाएंगे।
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जाम में फंसी स्कूली बस व अन्य वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
जरा से जल्दी में चली गई जान
ज्यादातर ट्रकों के पीछे लिखा सावधानी हटी, दुर्घटना घटी या दुर्घटना से देर भली जैसे स्लोगन लिखे तो होते हैं लेकिन इन पर अमल करने में अक्सर लोग लापरवाही बरते हैं। सोमवार की सुबह जीटी रोड हाइवे पर हुए हादसे में जरा सी जल्दबाजी दिखाने में एक साथ तीन की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आगे निकलने की होड़ में ओवरटेक करने वाली दो बाइकें आपस में टकराईं।
एक बाइक पर सवार दो महिलाओं समेत बाइक सवार सड़क पर जा गिरे, जबकि दूसरी बाइक सवार सड़क के दूसरी ओर जा गिरे। इस बीच पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में युवक समेत दो महिलाएं आ गई, जिनकी मौत हो गई। हालांकि इस बीच दूसरी बाइक सवार लोग मौके से भाग निकले।
ज्यादातर ट्रकों के पीछे लिखा सावधानी हटी, दुर्घटना घटी या दुर्घटना से देर भली जैसे स्लोगन लिखे तो होते हैं लेकिन इन पर अमल करने में अक्सर लोग लापरवाही बरते हैं। सोमवार की सुबह जीटी रोड हाइवे पर हुए हादसे में जरा सी जल्दबाजी दिखाने में एक साथ तीन की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आगे निकलने की होड़ में ओवरटेक करने वाली दो बाइकें आपस में टकराईं।
एक बाइक पर सवार दो महिलाओं समेत बाइक सवार सड़क पर जा गिरे, जबकि दूसरी बाइक सवार सड़क के दूसरी ओर जा गिरे। इस बीच पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में युवक समेत दो महिलाएं आ गई, जिनकी मौत हो गई। हालांकि इस बीच दूसरी बाइक सवार लोग मौके से भाग निकले।
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घटनास्थल पर जानकारी लेते क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम।
- फोटो : अमर उजाला
जीटी रोड जाम में फंसी रही कई स्कूलीं बसें
जीटी रोड हाइवे पर सोमवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे हादसा हुआ। उसके बाद रोड पर जाम लग गया। जाम में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इनमें कई स्कूली बसें भी फंस गई। इन बसों में छुट्टी के बाद घर जा रहे बच्चे भूखे-प्यासे काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
इसके अलावा कई रोडवेज बसें भी जाम में फंसी रही। करीब दो घंटे तक रहे जीटी रोड जाम को पुलिस ने दुर्घटना करने वाले ट्रक को किसी तरह मौके से हटवाकर खुलवा पाया, तब कहीं जाकर आवागमन सुचारु हो सका।
जीटी रोड हाइवे पर सोमवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे हादसा हुआ। उसके बाद रोड पर जाम लग गया। जाम में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इनमें कई स्कूली बसें भी फंस गई। इन बसों में छुट्टी के बाद घर जा रहे बच्चे भूखे-प्यासे काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
इसके अलावा कई रोडवेज बसें भी जाम में फंसी रही। करीब दो घंटे तक रहे जीटी रोड जाम को पुलिस ने दुर्घटना करने वाले ट्रक को किसी तरह मौके से हटवाकर खुलवा पाया, तब कहीं जाकर आवागमन सुचारु हो सका।