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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Three-hour public grievance hearings held daily at tehsils; online entry of complaints has been zero for several months.

Kanpur News: तहसीलों में हर दिन तीन घंटे जनसुनवाई, शिकायतों की कई माह से ऑनलाइन फीडिंग शून्य

Wed, 08 Jul 2026 02:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 08 Jul 2026 02:00 AM IST
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Three-hour public grievance hearings held daily at tehsils; online entry of complaints has been zero for several months.
कानपुर देहात। तहसीलों में हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई में उप जिलाधिकारी शिकायतें सुनते हैं। ऑनलाइन शिकायतों की फीडिंग में खेल हो रहा है। गिनती की शिकायतें ऑनलाइन फीड कराई जा रही हैं या फिर कई माह से स्थिति शून्य है। समीक्षा में इसका खुलासा होने पर शासन ने जिलाधिकारी से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
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शासन ने बीते फरवरी से 17 जून तक ऑनलाइन की गई उप जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त जनसुनवाई की शिकायतों की समीक्षा में यह खेल पकड़ा। इसके बाद मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने इसके कारणों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। जनपद में छह तहसीलें हैं। इनमें रसूलाबाद को छोड़कर अन्य पांच तहसीलों में उप जिलाधिकारी कार्यालय में जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों की ऑनलाइन फीडिंग की स्थिति खराब मिली है।
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अकबरपुर तहसील में फरवरी में चार शिकायतें ऑनलाइन फीड की गईं। मार्च से लेकर जून में 17 तारीख तक शिकायत फीडिंग शून्य है। सिकंदरा व भोगनीपुर तहसील में जून में 17 तारीख तक ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य मिली। मैथा तहसील में मई व जून में 17 तारीख तक कोई शिकायत ऑनलाइन फीड नहीं की गई। वहीं, डेरापुर तहसील में अप्रैल, मई व जून में 17 तारीख तक ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य है। बता दें कि तहसीलों में उपजिलाधिकारी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान आने वाली प्रत्येक शिकायत ऑनलाइन की जाए इसका शासनादेश है। हालांकि अधिकारी जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को ऑनलाइन नहीं कराते हैं। इसके कारण फरियादियों को प्रार्थना पत्र में की गई कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल पाती है या फिर तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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......................... शासन की समीक्षा में ऑनलाइन शिकायतें फीड होने की स्थिति कम या शून्य मिली है। इसके लिए आईजीआरएस के नोडल एडीएम प्रशासन अमित कुमार को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नियमानुसार जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत ऑनलाइन की जानी चाहिए। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी
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ऑनलाइन फीडिंग पर मिलता शिकायत नंबर
जनसुनवाई में दी गई शिकायत ऑनलाइन फीड होने पर फरियादी के मोबाइल नंबर पर 14 अंकों का शिकायत नंबर भेजा जाता है। इस नंबर से फरियादी शिकायत में जांच की स्थिति खुद मोबाइल या फिर कंप्यूटर पर जांच सकते हैं। निस्तारण होने पर आख्या भी देखी जा सकती है। शिकायत ऑनलाइन फीड नहीं किए जाने पर प्रकरण में क्या कार्रवाई हुई फरियादी को यह मालूम नहीं हो पाता है।.........................
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प्रदेश की 11 तहसीलों में ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य
बलरामपुर जिले के उतरौला, औरैया जिले की औरैया तहसील, ललितपुर जिले की तालबेहद तहसील, बरेली जिले की बहेड़ी तहसील, मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना तहसील, मिर्जापुर जिले की मडिहाल, लालगंज व सदर तहसील, मऊ जिले की मधुबन व मुहम्मदाबाद तहसील में फरवरी से जून की 17 तारीख तक ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य मिली है।

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इन तहसीलों में स्थिति खराब
उन्नाव की बीघापुर तहसील में मार्च व अप्रैल छोड़कर अन्य माह में ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य है। बांगरमऊ तहसील में मई व जून की 17 तारीख तक ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य है। पुरवा तहसील में फरवरी, मई व जून की 17 तारीख तक ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य है। उन्नाव सदर तहसील व महोबा सदर तहसील में जून की 17 तारीख तक कोई शिकायत ऑनलाइन फीड नहीं मिली। इसी प्रकार जालौन जनपद की जालौन तहसील में फरवरी में ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य है। कानपुर की घाटमपुर तहसील में अप्रैल में ऑनलाइन शिकायत फीडिंग शून्य मिली है।
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