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यूपी: सारे गवाह मुकरे, मां की गवाही पर आठ साल के बच्चे की हत्या में तीन सगे भाइयों को उम्रकैद

Wed, 21 Oct 2020 11:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 21 Oct 2020 11:20 PM IST
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Three brothers sentenced to life for killing an eight-year-old child
सांकेतिक तस्वीर
फतेहपुर जिले में महज बाग से आम तोड़ने के विवाद में ननिहाल आए आठ साल के बच्चे को गोली मारकर उसकी हत्या कर देने के मामले में तीन सगे भाइयों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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मामला न्यायालय में विगत आठ वर्षों से विचाराधीन था। जिसमें मां की गवाही पर बेटे के हत्यारों को न्यायालय ने सजा सुनाई। मुकदमे के दौरान प्रकरण के साक्षी अदालत के सामने गवाही देने से मुकर गए थे।
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मगर मृतक की मां बेटे के हत्यारों को न्याय दिलाने के लिए अदालत में डटी रही। घटना खागा कोतवाली क्षेत्र के खैरई गांव में 29 अप्रैल 2012 की सुबह दस बजे घटना हुई थी। खैरई गांव के हुबलाल यादव की बेटी छोट्टन अपने ससुराल किशनपुर से मायके की एक शादी में खैरई आई हुई थी।
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घटना के दिन छोट्टन का आठ साल का बेटा शिवम गांव में ही सुबह शौच के लिए जंगल गया हुआ था। लौटते समय उसने रास्ते में खैरई के ही गंगाधर दुबे के बाग से कुछ आम तोड़ लिए। इतनी सी बात गंगाधर दुबे को रास नहीं आई और उन्होंने मौके पर ही शिवम को पीटना शुरू कर दिया।

शिवम किसी तरह भागकर अपने घर पहुंचा तो घर वालों को पूूरे प्रकरण की जानकारी दी। तभी गंगाधर दुबे अपने बेटों मोनू दुबे, महेंद्र दुबे और राजेंद्र दुबे एवं गुड्डू दुबे के साथ राइफल और तमंचा लेकर हुबलाल के घर पहुंच गए और गाली-गलौज करने लगे।

इस दौरान उनके बेटों ने फायर भी कर दिया। जिसमें गोली शिवम को लग गई और वह गिर पड़ा। घर वाले उसे हरदो सीएचसी ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। तबसे मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।

मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त और सहायक शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर वर्मा की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और मृतक शिवमकी मां छोट्टन की गवाही पर मोनू दुबे, महेंद्र दुबे और राजेंद्र दुबे पुत्रगण गंगाधर दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।

इसी मामले में आरोपी रहे गंगाधर दुबे को अदालत ने हत्या में दोषी नहीं पाए जाने पर दोषमुक्त कर दिया। इसके साथ ही गुड्डू दुबे के घटना के दौरान नाबालिग होने के कारण उसका प्रकरण किशोर न्यायिक बोर्ड में विचाराधीन है। इस मामले में अदालत ने मुख्य अभियुक्तों मोनू दुबे, महेंद्र दुबे और राजेंद्र दुबे को उम्रकैद के साथ तीनों पर दस-दस हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है।  

झूठी गवाही देने पर एफआईआर के आदेश
हत्या के मामले में पहले अभियुक्तों के खिलाफ गवाही देने और बाद में अदालत में झूठ बोलकर गवाही से मुकर जाने के मामले को न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने बताया कि अपर जिला जज अजय कुमार की अदालत ने साक्षीगणों हीरालाल, धरम सिंह और गुलाब सिंह के विरुद्घ न्यायालय में झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने के आरोप में धारा 344 के तहत मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।
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