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Kanpur News: हजारों रुपये फीस चुकाई, एक रुपया शुल्क प्रतिपूर्ति आई

Thu, 10 Apr 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 10 Apr 2025 12:38 AM IST
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Thousands of rupees were paid as fees, but only one rupee was reimbursed
कानपुर देहात। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों ने साल भर की हजारों रुपये फीस कॉलेज में जमा की। शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया, तो विभाग से खाते में एक रुपया भेजा गया है। मामला संज्ञान में आने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। वहीं, विद्यार्थी परेशान हैं और विभाग से जानकारी जुटाने में लगे हैं।
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अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार से शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में कॉलेज में जमा की गई फीस के रुपये वापस मिलते हैं। इसके लिए विद्यार्थी को फीस की रसीद, परिवार का आय प्रमाणपत्र और पिछली परीक्षा के अंकपत्र के साथ आवेदन करना होता है। कागजों की जांच कराने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये विद्यार्थियों के खाते में भेजे जाते हैं।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तरफ से वर्ष 2024-25 के सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये खाते में भेजे गए हैं। जब कुछ विद्यार्थियों के खाते में एक-एक रुपया आया तो विभागीय अधिकारी और विद्यार्थी चौंक गए। अब विभाग के अधिकारी व विद्यार्थी इस बात को लेकर परेशान हैं कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई है। वहीं, शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाने को लेकर भी संशय बना हुआ है। (संवाद)
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इतनों को मिला छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ



जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जाता है। वर्ष 2024-25 के लिए पूर्व दशम (कक्षा 9 व 10) के लिए 1036 आवेदन आए थे। इसमें से 857 को करीब 25 लाख रुपये छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई। वहीं, दशमोत्तर (कक्षा 11 से उच्च शिक्षा) के लिए 2783 ने आवेदन किया। इसमें से 2042 को करीब 98 लाख रुपये छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई।

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केस एक

बीसीए के छात्र को मिला एक रुपया

झींझक क्षेत्र के जयश्री बालाजी महाविद्यालय में मोहम्मद अरबिश बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं। एक सत्र की फीस जमा करने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। अब उनके खाते में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने एक रुपया भेजा है।



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केस दो



बीबीए के छात्र छात्र के खाते में पहुंचा एक रुपया

हवासपुर मंगलपुर के शकुंतला कृष्णा इंस्टीट्यूट में बीबीए की पढ़ाई कर रहे हमजा अंसारी ने फीस जमा करने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। पता चला है कि विभाग से उसके खाते में केवल एक रुपया आया है। वह कहते हैं कि एक रुपया देने का क्या मतलब है।
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केस-तीन-

झींझक के चंद्रभान सिंह मेमोरियल कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहे अरमान अली, समीर अली ने बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर की फीस जमा कर शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। विभाग ने दोनों के खाते में एक-एक रुपया भेजा है। दोनों छात्र शुल्क प्रतिपूर्ति मिलने को लेकर असमंजस में हैं।



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अलग-अलग कोर्स के अनुसार है फीस



जानकारों की मानें तो विश्वविद्यालय ने स्नातक, परास्नातक की अलग अलग फीस निर्धारित कर रखी है। उसी के अनुसार कॉलेज प्रबंधन छात्रों से फीस लेते हैं। बीसीए व बीबीए की करीब 30 हजार रुपये एक साल की फीस है। वहीं, बीएससी की सात हजार रुपये एक साल की फीस है। इसी तरह अन्य कोर्स के लिए भी अलग-अलग फीस तय है। कुछ स्कूलों के प्रबंधक बताते हैं विभाग शुल्क प्रतिपूर्ति अपने अनुसार जारी करता है। छात्र की जमा फीस के अनुसार शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है।


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वर्जन...

जिले में चार विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति में एक-एक रुपया मिला है। इसके लिए ऑनलाइन फार्म भरे जाते हैं। जानकारी होने पर निदेशालय से सूचना मांगी गई हैं, जो भी निर्देश मिलेंगे उस पर अमल कराया जाएगा।
- पवन कुमार सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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